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बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही|

बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही|

उत्तराखण्ड
बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही| बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही है। मंगलवार रात से जारी बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए हैं। सड़कें मलबे से पटी हैं। जबकि कई घरों में पानी घुसने से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया। प्रदेश में कई जगह सड़कें बंद होने से आवाजाही भी ठप हो गई है। केदारनाथ हाइवे सुचारू है, लेकिन बदरीनाथ हाइवे सिरोहबगड़ में बंद है। वहीं यमुनोत्री हाईवे को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी नौगांव में मंगलवार रात को हुई तेज बारिश से सौली खड्ड और देवलसारी खड्ड में आए पानी और मलबे से भारी नुकसान हुआ है। सौली खड्ड के उफान में एक बाइक बह गई। जबकि एक पिकअप मलबे में दब गया। यहां नगर पंचायत के दो शौचालय भी बह गए। वहीं देवलसारी खड्ड के उफान में एक पिकअप, मिक्सचर मशीन और हैंडपंप मलबे में दब गया। वहीं चमनी देवी और प्यारी देवी के घरों में पानी घुस गया...
उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई |

उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई | उत्तराखंड में ब्रह्म कमल, फूलों की घाटी में फूलों की दर्जनों प्रजातियों पर भी असर। दुनिया में साढ़े चार लाख और भारत में 40,000 से ज्यादा प्रजातियां।अब वनस्पतियों पर भी जलवायु परिवर्तन का असर दिखने लगा है। अब तय समय से पहले फूल खिलने लगे हैं। साथ ही उनके रंग और खुशबू में भी अंतर दिखाई देने लगा है। यह जलवायु परिवर्तन ही कारण रहा कि उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों की मानें तो पूरी दुनिया में साढ़े चार लाख ऐसी वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिसमें फूल खिलते हैं। इनमें से 40,000 प्रजातियों की वनस्पतियां भारत में पाई जाती हैं। 20 हजार प्रजातियां ऐसी हैं, जिसमें तय समय पर फूल खिलते हैं। निश्चित ता...
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर |

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। काली नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल के पार पहुंच गया है। प्रशासन ने अर्ल जारी किया है। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां ऊफान पर हैं। नदियों के जलस्तर बढ़ने से किनारों पर रह रहे लोगों की नींद भी उड़ गई है। पिथौरागढ़ के धारचूला में लगतार बारिश हो रही है। बारिश के बाद काली नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल से पार चला गया है। धारचूला में काली नदी का चेतावनी लेवल 889 है, जबकि नदी 889.15 पर बह रही है। नदी के तेज प्रवाह को देख तट पर बसे लोगों में भय बना हुआ है। मानसून में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। तो दूसरी ओर, सरकार ने 30 सितंबर तक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। आपदा के समय रिस्...
राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी |

राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी |

उत्तराखण्ड
राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जर्जर और पुराने भवनों का डर बरसात में ज्यादा होता है, क्योंकि अक्सर इन दिनों में ही अतिवृष्टि या अन्य कारणों के चलते ये इमारतें खतरा बन जाती हैं. इस बार भी शहर में ब्रिटिश काल की इमारतें हादसों को दावत दे रही हैं. ये इमारतें खतरे का निशानी इसलिए हैं, क्योंकि ये शहर के बीचोंबीच ऐसी जगहों पर स्थित हैं, जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में इन गिरासू भवनों के खौफ के साये में लोग आवाजाही करते हैं. देहरादून नगर निगम के मुताबिक, राजधानी में वर्तमान में 45 गिरासू भवन मौजूद हैं, जिनमें से कई खाली पड़े हैं तो कुछ में लोग रह रहे हैं. नगर निगम की तरफ से इन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है, लेकिन संपत्ति विवाद और न्यायालय में मामले लंबित होने के चलते ये जर्जर भवन ज्यों के त्यों पड़े ह...
व्यासी परियोजना को मिली नई जान, दोनों टरबाइन चलीं, दस लाख यूनिट से ऊपर उत्पादन |

व्यासी परियोजना को मिली नई जान, दोनों टरबाइन चलीं, दस लाख यूनिट से ऊपर उत्पादन |

उत्तराखण्ड
व्यासी परियोजना को मिली नई जान, दोनों टरबाइन चलीं, दस लाख यूनिट से ऊपर उत्पादन | प्रदेश में बारिश राहत बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए राहत लेकर आई। यमुना पर बनी व्यासी जल विद्युत परियोजना की दोनों टरबाइन चलने के बाद यहां से रोजाना बिजली उत्पादन भी बढ़कर 1.159 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। प्रदेश में बारिश होने के साथ ही व्यासी परियोजना को नई जान मिल गई है। अब यहां की दोनों टरबाइन चलनी शुरू हो गई हैं। इसके साथ ही बिजली का उत्पादन भी यहां प्रतिदिन दस लाख यूनिट पार होने लगा है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड के लिए शुरुआती बारिश राहत लेकर आई है। जिन परियोजनाओं पर पानी की किल्लत का असर था, उनकी रफ्तार बढ़ने लगी है। यमुना पर बनी व्यासी जल विद्युत परियोजना की दोनों टरबाइन चलने के बाद यहां से रोजाना बिजली उत्पादन भी बढ़कर 1.159 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया है। उधर, रामगंगा जल विद्युत परियोजना को ...
हरिद्वार यात्रा से वापस घर लौट रहे श्रद्धालु से भरी पिकअप को ट्रक ने मार दी टक्कर 12 श्रद्धालु घायल |

हरिद्वार यात्रा से वापस घर लौट रहे श्रद्धालु से भरी पिकअप को ट्रक ने मार दी टक्कर 12 श्रद्धालु घायल |

उत्तराखण्ड
हरिद्वार यात्रा से वापस घर लौट रहे श्रद्धालु से भरी पिकअप को ट्रक ने मार दी टक्कर 12 श्रद्धालु घायल | पुलिस के अनुसार पटियाला के गांव बांसड़ा खेड़ा गांव निवासी 18 श्रद्धालुओं का एक जत्था पिकअप से हेमकुंड साहिब के दर्शन करने गया था। दर्शन के बाद श्रद्धालु हरिद्वार में गंगा स्नान करके घर लौट रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी रुड़की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के सालियर पुलिस चौकी के पास पहुंची तो पीछे से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। सालियर पुलिस चौकी के पास श्रद्धालुओं से भरी पिकअप को ट्रक ने टक्कर मार दी। पिकअप अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलट गई। हादसे में हेमकुंड साहिब से लौट रहे 12 श्रद्धालु घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने राहगीरों की मदद से घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के अन...
प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक |

प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक |

उत्तराखण्ड
प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक | अधिकारी व कर्मचारी अपने विभागीय उच्चाधिकारियों से लंबा अवकाश स्वीकृत कराकर प्रस्थान कर जाते हैं। ऐसे में मानसून अवधि में बचाव व राहत कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसे देखते हुए धामी सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबी छुट्टी पर रोक लगा दी है। मानसून के दौरान 30 सितंबर तक प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों को अवकाश नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश दिया जाएगा, लेकिन अवकाश देते समय उच्चाधिकारी को प्रतिस्थानी की व्यवस्था करनी होगी। प्रदेश सरकार ने यह कदम आपदा की स्थिति में प्रभावितों को तत्काल राहत देने के लिए उठाया है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून पूर्व तैयारियों क...
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा |

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा |

उत्तराखण्ड
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा | पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि संकल्प पारित होने के बाद तीसरा ग्रीष्मकाल है, लेकिन इस दौरान गैरसैंण को राजधानी बनाना तो छोड़िए, मुख्यमंत्री ने एक रात वहां बिताना भी मुनासिब नहीं समझा। सरकार के प्रतीक के तौर पर वहां कुछ नहीं है। विधानसभा का बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नहीं कराए जाने से आहत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को वहां किसी सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं, सरकार गैरसैंण को भूल गई, लेकिन जब तक वह जिंदा है, गैरसैंण के मुद्दें को मरने नहीं देंगे। गैरसैंण के मुद्दे पर पूर्व सीएम ने धामी सरकार पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में संकल्प पारित होने के बाद भी ग्रीष्मकालीन सत्र वहां नहीं कराया...
केदारनाथ यात्रा के दौरान कंडी से गिरने से पांच वर्षीय बच्चे की हुई मौत |

केदारनाथ यात्रा के दौरान कंडी से गिरने से पांच वर्षीय बच्चे की हुई मौत |

उत्तराखण्ड
केदारनाथ यात्रा के दौरान कंडी से गिरने से पांच वर्षीय बच्चे की हुई मौत | कैदारनाथ यात्रा के दौरान कंडी से गिरने से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मौत का कारण कंडी संचालक की लापरवाही बताई जा रही है। घटना के बाद से कंडी संचालक नेपाली मजदूर लापता है। बच्चे के माता-पिता ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली के समीप कंडी से 200 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। मौत का कारण कंडी संचालक की लापरवाही बताई जा रही है। घटना के बाद से कंडी संचालक नेपाली मजदूर फरार है। मृतक बच्चे के माता-पिता ने सोन प्रयाग कोतवाली में आरोपी नेपाली मजदूर के खिलाफ तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दिया है। पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश के आगरा शहर से विजय कुमार गुप्ता पत्नी ऋतु गुप्ता, दो बच्चों सहित छह लोगों के साथ बीते एक जुला...

उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद | मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। बंद सड़कों को खोलन के काम में कुल 289 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। इनमें सबसे अधिक 113 मशीनों को नेशनल हाईवे पर लगाया है। प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भूस्खलन के कारण सड़कों के बंद होने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्रॉनिक लैंड स्लाइड जोन ज्यादा दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। शुक्रवार को चमोली जिले में सिरोहबगड़ में फिर मलबा आने से ऋषिकेश- बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) के बार फिर अवरुद्ध हो गया। लोनिवि की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। इसी दिन कुल 81 सड़कों को खालने का काम भी किया गया। इसके अलावा नौ राज्य हाईवे, 10 मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला मार्ग...