Saturday, March 7News That Matters

Day: July 28, 2022

उत्तराखंड में एक बार फिर बिजली लोगों को बड़ा झटका दे सकती है,उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने नियामक आयोग से बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कि की आपील|

उत्तराखंड में एक बार फिर बिजली लोगों को बड़ा झटका दे सकती है,उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने नियामक आयोग से बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कि की आपील|

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में एक बार फिर बिजली लोगों को बड़ा झटका दे सकती है,उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने नियामक आयोग से बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी कि की आपील| पावर कारपोरेशन का कहना है कि वह महंगी बिजली खरीदने का खर्च नहीं उठा सकता इसलिए इस रकम की वसूली लोगों यानी कंज़्यूमरों से ही की जानी चाहिए. एक बार यह तर्क करीब एक महीने पहले खारिज किया जा चुका है, लेकिन अब इसी तर्क के आधार पर बिजली के रेट बढ़ने की पूरी संभावना है. उत्तराखंड में एक बार फिर बिजली लोगों को बड़ा झटका दे सकती है. उत्तराखंड पावर कारपोरेशन ने नियामक आयोग से बिजली के दामो में बढ़ोत्तरी की आपील की है और बढ़ोत्तरी भी मामूली नहीं, बल्कि15 से 26 फीसदी तक होने के आसार हैं. ऐसा हुआ तो राज्य की जनता को दोहरी मार झेलनी पड़ सकती है क्योंकि मार्च महीने में ही प्रदेश में बिजली के रेट बढ़ाए गए थे और इसी साल में एक बार बिजली की मार आम जनता का बजट बिगाड़...
इराक की जनता ने संसद भवन पर किया कब्जा, जानें क्यों हुआ विद्रोह

इराक की जनता ने संसद भवन पर किया कब्जा, जानें क्यों हुआ विद्रोह

देश-विदेश
बगदाद, पड़ोसी देश श्रीलंका में राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक संकट के चलते वहां की जनता में खासी नाराजगी है। श्रीलंका की आम जनता कुछ दिन पहले सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी और राष्ट्रपति भवन व पीएम आवास पर कब्जा कर लिया। श्रीलंका जैसे हालात अब इराक में दिख रहे हैं। इराक में भी जमकर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बुधवार को बगदाद में संसद भवन पर कब्जा कर लिया। ये प्रदर्शन प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार मोहम्मद शिया अल-सुदानी के विरोध में हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों में से ज्यादातर शिया नेता मुक्तदा अल-सदर के समर्थक हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के नामांकन के विरोध में संसद भवन पर धावा बोल दिया। उनका मानना है कि वह ईरान के बहुत करीब हैं। अल-सुदानी पूर्व मंत्री और पूर्व प्रांतीय गवर्नर हैं। संसद भवन में प्रदर्शनकारियों को गाते और नाचते हुए देखा गया है। एक शख्स को इराकी संसद के अ...
राजधानी में पहले चरण में मेट्रो नियो दो रूटों पर चलाने की योजना |

राजधानी में पहले चरण में मेट्रो नियो दो रूटों पर चलाने की योजना |

उत्तराखण्ड
राजधानी में पहले चरण में मेट्रो नियो दो रूटों पर चलाने की योजना | राजधानी में पहले चरण में मेट्रो नियो दो रूटों पर चलाने की योजना है। इसकी डीपीआर बनाकर मंत्रालय को भेजी जा चुकी है, जिस पर दिसंबर अंत तक मंजूरी मिल सकती है। राजधानी देहरादून में मेट्रो नियो के स्टेशनों के आसपास ऊंची इमारतें बनेंगी। कैबिनेट बैठक में इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। इसका मकसद है कि जहां भी मेट्रो स्टेशन बनेंगे, वहां ज्यादा से ज्यादा लोग निवास करें और दफ्तर भी ज्यादा से ज्यादा इन्हीं जगहों पर हों। राजधानी में पहले चरण में मेट्रो नियो दो रूटों पर चलाने की योजना है। इसकी डीपीआर बनाकर मंत्रालय को भेजी जा चुकी है, जिस पर दिसंबर अंत तक मंजूरी मिल सकती है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने यह प्रावधान किए हैं कि सड़कों से ट्रैफिक की भीड़ कम करने के लिए मेट्रो स्टेशनों के निकट ज्यादा से ज्यादा आवासीय और व्यावसायिक भवन...
देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है।

देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है।

उत्तराखण्ड
देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है। देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है। ऊंचाई और रोप-वे की लंबाई की वजह से इसमें ऊंचे-ऊंचे टर्मिनल बनाए जाने हैं। देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे से टर्मिनल की ऊंचाई का अडंगा भी खत्म हो गया है। कैबिनेट बैठक में निर्माण के बायलॉज में राहत देते हुए टर्मिनल को निर्धारित ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति दे दी गई। यह भी पढ़े :- http://uttaranchalcrimenews.com/eds-interrogation-of-congress-president-sonia-gandhi-continues-congress-is-continuously-protesting-against-the-central-government-in-protest-against-the-interrogation/ दरअसल, देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है। ऊंचाई और रोप-वे की लंबाई की वजह से इसमें ऊंचे-ऊ...