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Day: November 15, 2022

मिजोरम में पत्थर की खदान से अब तक आठ श्रमिकों के शव बरामद, चार मजदूर अभी भी लापता, रेस्क्यू जारी |

मिजोरम में पत्थर की खदान से अब तक आठ श्रमिकों के शव बरामद, चार मजदूर अभी भी लापता, रेस्क्यू जारी |

देश-विदेश
मिजोरम में पत्थर की खदान से अब तक आठ श्रमिकों के शव बरामद, चार मजदूर अभी भी लापता, रेस्क्यू जारी | हनथियाल जिले के उपायुक्त ने बताया कि पांच एक्सकेवेटर, एक स्टोन क्रशर और एक ड्रिलिंग मशीन मलबे में दबे हुए हैं। अब तक आठ लोगों के शव बरामद किए गए हैं। मिजोरम के हनथियाल जिले में एक पत्थर की खदान ढहने के कारण आठ श्रमिकों की मौत हो गई। यह घटना हनथियाल जिले के मौदढ़ इलाके में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हुई। हनथियाल जिले के उपायुक्त ने बताया कि हनथियाल जिले में एक पत्थर की खदान ढहने से 15-20 मजदूरों फंसे थे जिनमें से आठ लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पांच एक्सकेवेटर, एक स्टोन क्रशर और एक ड्रिलिंग मशीन मलबे में दबे हुए हैं। बचाव अभियान अभी भी जारी हैं। अधिकारियों के मुताबिक, हनथियाल जिले के मौदढ़ में निजी कंपनी के कर्मचारी अपने लंच ब्रेक से लौटे ही थे कि पत्थर की खदान धंस गई। उत्खनन और ड्रि...
2 साल पहले अनुपमा गुलाटी की हत्या से दहल गया था देहरादून, पति ने पत्नी के किए थे 72 टुकड़े |

2 साल पहले अनुपमा गुलाटी की हत्या से दहल गया था देहरादून, पति ने पत्नी के किए थे 72 टुकड़े |

देहरादून
2 साल पहले अनुपमा गुलाटी की हत्या से दहल गया था देहरादून, पति ने पत्नी के किए थे 72 टुकड़े | दिल्ली के श्रद्धा वाकर हत्याकांड ने 12 साल पहले दून के अनुपमा गुलाटी हत्याकांड की यादें ताजा कर दी हैं। वर्ष 2010 में दून की शांत वादियों में प्रेम विवाह का ऐसा अंजाम हुआ कि हर सुनने और देखने वाले की रूह कांप गई। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर राजेश गुलाटी ने झगड़ा होने के बाद अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी को मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद शव के 72 टुकड़े कर दिए थे। अनुपमा अपने पति राजेश गुलाटी के साथ देहरादून के कैंट क्षेत्र के प्रकाश नगर में रहती थीं। 17 अक्तूबर 2010 को घर में ही पत्नी की हत्या करने के बाद राजेश ने स्टोन कटर और आरी से शव के 72 टुकड़े किए थे। इसके बाद उन्हें डीप फ्रीजर में छिपा दिया था। शव को ठिकाने लगाने के लिए वह रोजाना एक टुकड़ा काली थैली में डालकर ले जाता था। इसके बाद वह म...
पांच मिनट पहले बोला था…पापा मुझे लेने आ जाना…फिर ज्योत्सना को ऐसे खींच ले गई मौत |

पांच मिनट पहले बोला था…पापा मुझे लेने आ जाना…फिर ज्योत्सना को ऐसे खींच ले गई मौत |

देहरादून
पांच मिनट पहले बोला था...पापा मुझे लेने आ जाना...फिर ज्योत्सना को ऐसे खींच ले गई मौत | उत्तराखंड के सितारगंज में स्कूली बच्चों की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने और हादसे में जान गंवाने वाली ज्योत्सना की मौत की सूचना से आजादनगर की सुभाषनगर कॉलोनी में रहने वाले उसके परिजनों में कोहराम मच गया। बिलखते हुए ज्योत्सना की मां सावित्री ने बताया कि दुर्घटना से पांच मिनट पहले उसके पति प्रकाश की ज्योत्सना से फोन पर बात हुई तो बेटी ने बोला था कि ‘पापा 10-20 मिनट में हम पहुंच जाएंगे, घर आने के लिए टुकटुक नहीं मिलेगा इसलिए आप लेने आ जाना।’ सावित्री ने बताया कि फोन आने के पांच-सात मिनट बाद ही बस दुर्घटना की खबर मिली तो ज्योत्सना के पापा कुछ रिश्तेदारों को साथ लेकर बाइक से सितारगंज की ओर दौड़ पड़े। ज्योत्सना के घर पर मां सावित्री, पिता प्रकाश और छोटा भाई सुखदेव हैं। मां ने बताया कि ज्योत्सना पढ़ाई में का...