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Day: November 24, 2022

पांच महीने में पत्नी से भर गया दिल, नर्स से शादी करने के लिए उतारा मौत के घाट, लेकिन… |

पांच महीने में पत्नी से भर गया दिल, नर्स से शादी करने के लिए उतारा मौत के घाट, लेकिन… |

देश-विदेश
पांच महीने में पत्नी से भर गया दिल, नर्स से शादी करने के लिए उतारा मौत के घाट, लेकिन... | पुलिस ने बताया, स्वप्निल ने पांच महीने पहले ही पीड़ित प्रियंका क्षेत्रे से शादी की थी और दोनों मुलशी के कसर अंबोली गांव में किराए के मकान में रहते थे। महाराष्ट्र के पुणे से एक अस्पताल कर्मी द्वारा पत्नी की हत्या का मामला सामने आया है। आरोपी ने जहरीला इंजेक्शन देकर अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया और इसे आत्महत्या साबित करने के लिए खतरनाक साजिश भी रची। हालांकि, मामला खुल गया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार लिया। अधिकारियों का कहना है कि 23 वर्षीय आरोपी की पहचान स्वप्निल सावंत के रूप में हुई है। उसे अस्पताल में काम करने वाली एक नर्स से प्यार हो गया था, जिससे वह शादी करना चाहता था। यही कारण है कि उसने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। पांच महीने पहले ही हुई थी शादी पुलिस ने बताया, स्वप्निल ने पां...
पुत्र मोह में टूटा ‘कांग्रेस परिवार’, इस सीट से टिकट की चाह में दोस्त बने दुश्मन!

पुत्र मोह में टूटा ‘कांग्रेस परिवार’, इस सीट से टिकट की चाह में दोस्त बने दुश्मन!

उत्तराखण्ड
पुत्र मोह में टूटा 'कांग्रेस परिवार', इस सीट से टिकट की चाह में दोस्त बने दुश्मन! कांग्रेस नेता और 10 बार के विधायक 76 वर्षीय मोहन सिंह भाई राठवा ने पुत्र मोह के कारण भगवा धारण कर लिया है। जब अमर उजाला ने उनसे पूछा कि आखिरी वक्त में पार्टी क्यों बदली, तो उन्होंने कहा कि मेरे बेटे राजेंद्र की जगह नारायण के बेटे संग्राम को कांग्रेस ने टिकट दे दिया। इसके बाद मैंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और अपने बेटे के लिए टिकट की मांग की... गुजरात की आदिवासी बहुल सीट छोटा उदयपुर इस चुनाव में 'राठवाओं' का अनोखा मुकाबला देखने के लिए तैयार हो चुकी है। दो राठवाओं की आपसी लड़ाई में कांग्रेस उलझी गई। एक को टिकट मिला, तो दूसरे ने हाथ का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। कभी कांग्रेस से टिकट मांगने वाले दोनों राठवा चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। कहानी यहीं पूरी नहीं होती। आम आदमी पार्टी ने भी इ...
शर्तों के ब्रेक से 657 करोड़ अटके, सात महीने गुजर गए, केंद्र से एक पाई तक नहीं मिली |

शर्तों के ब्रेक से 657 करोड़ अटके, सात महीने गुजर गए, केंद्र से एक पाई तक नहीं मिली |

देहरादून
शर्तों के ब्रेक से 657 करोड़ अटके, सात महीने गुजर गए, केंद्र से एक पाई तक नहीं मिली | इस वित्तीय वर्ष में शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को विकास कार्यों के लिए धनराशि नहीं मिल पाई है। करोड़ों का अनुदान लटकने से शासन की पेशानी पर बल है। वित्त विभाग ने पंचायती राज विभाग और शहरी विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाकर मसले की समीक्षा की और सभी शर्तों को इस महीने के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य की करीब 7950 ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों के विकास के लिए इस साल 657 करोड़ रुपये का अनुदान नहीं मिल पाया है। यह अनुदान 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत मई तक जारी हो जाना चाहिए था, लेकिन अनुदान के लिए तय शर्तें पूरी न होने की वजह से धनराशि केंद्र में अटकी है। समय पर शर्तें पूरी हो गई होतीं तो इस वित्तीय वर्ष 2022-23 में मई तक राज्य को अनुदान राशि जारी हो जाती, ले...
मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी का ये अंदाज खूब छाया, जवानों से की बातचीत, फिर ली योगा क्लास |

मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी का ये अंदाज खूब छाया, जवानों से की बातचीत, फिर ली योगा क्लास |

देहरादून
मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी का ये अंदाज खूब छाया, जवानों से की बातचीत, फिर ली योगा क्लास | लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी के अंतिम दिन की शुरूआत योगा शिविर से हुई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में मुख्य सचिव एसएस संधू व तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने योग किया। अकादमी के कालिंदी ग्राउंड में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर योग प्रशिक्षकों के द्वारा सभी को योग के विभिन्न आसन कराए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अधिकारियों ने योग के आसनों का अभ्यास किया। योगा क्लास से पहले गुरुवार को मॉर्निंग वॉक पर निकले सीएम धामी का अंदाज खूब छाया। मसूरी लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी में चल रहे चिंतन शिविर से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अकादमी परिसर के अंदर ही मॉर्निंग वॉक की। इस दौरान वह अकादमी के गेट तक गए और यहां सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी के जवानों ...