Wednesday, January 28News That Matters

Day: January 19, 2026

रुद्रप्रयाग: गबनी गांव में भीषण अग्निकांड, तीन मंजिला गोदाम जलकर राख; 4 करोड़ का नुकसान

रुद्रप्रयाग: गबनी गांव में भीषण अग्निकांड, तीन मंजिला गोदाम जलकर राख; 4 करोड़ का नुकसान

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गबनी गांव में बीती आधी रात को आग ने भारी तबाही मचाई। यहाँ एक तीन मंजिला भवन में भीषण आग लग जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड में भवन के भीतर रखा लगभग 4 करोड़ रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। ​​जानकारी के अनुसार, यह भवन गबनी गांव के थोक विक्रेता प्रवीण नेगी का था, जिसे उन्होंने गोदाम के रूप में विकसित किया था। मध्य रात्रि को जब भवन से आग की लपटें उठती दिखीं, तो ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और आग बुझाने के कार्य में जुट गई। आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को सुबह तक का समय लग गया। ​इस भीषण नुकसान से पीड़ित परिवार को गहरा सदमा लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने मौके ...
रुद्रप्रयाग: गबनी गांव में भीषण अग्निकांड, तीन मंजिला गोदाम जलकर राख; 4 करोड़ का नुकसान

रुद्रप्रयाग: गबनी गांव में भीषण अग्निकांड, तीन मंजिला गोदाम जलकर राख; 4 करोड़ का नुकसान

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
रुद्रप्रयाग। रुद्रप्रयाग-गौरीकुण्ड राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गबनी गांव में बीती आधी रात को आग ने भारी तबाही मचाई। यहाँ एक तीन मंजिला भवन में भीषण आग लग जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस अग्निकांड में भवन के भीतर रखा लगभग 4 करोड़ रुपये का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया है। ​​जानकारी के अनुसार, यह भवन गबनी गांव के थोक विक्रेता प्रवीण नेगी का था, जिसे उन्होंने गोदाम के रूप में विकसित किया था। मध्य रात्रि को जब भवन से आग की लपटें उठती दिखीं, तो ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची और आग बुझाने के कार्य में जुट गई। आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू पाने में दमकलकर्मियों को सुबह तक का समय लग गया। ​इस भीषण नुकसान से पीड़ित परिवार को गहरा सदमा लगा है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने मौके ...
मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बातचीतमु,ख्य सचिव ने किया ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग

मुख्य सचिव ने की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं से बातचीतमु,ख्य सचिव ने किया ‘शिक्षा की बात’ कार्यक्रम में प्रतिभाग

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
मुख्य सचिव  आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को ननूरखेड़ा स्थित राजीव गांधी नवोदय विद्यालय पहुंचकर 'शिक्षा की बात' कार्यक्रम के तहत् प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की। हर बच्चा खास होता है, अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें कार्यक्रम के दौरान सभी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि हर बच्चा खास होता है। उसमें कोई न कोई विशेषता अवश्य होती है। उन्होंने कहा कि हमें अपनी प्रतिभा पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं परिजनों से भी अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानते हुए आगे बढ़ाने का प्रयास करें। *उद्योगपतियों, वैज्ञानिकों, प्रोफेसर आदि के साथ लगातार करायी जाए बातचीत* मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि वे ‘शिक्षा की बात‘ कार्यक्रम को आगे बढ़ाते...
यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरणप,हले विवाह पंजीकरण के लिए सब रजिस्ट्रार ऑफिस में उपस्थित होने की थी मजबूरी

यूसीसी का एक साल ,ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान हुआ विवाह पंजीकरणप,हले विवाह पंजीकरण के लिए सब रजिस्ट्रार ऑफिस में उपस्थित होने की थी मजबूरी

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू हुए, आगामी 27 जनवरी को एक साल पूरा होने जा रहा है। महिला सशक्तिकरण, बाल अधिकारों की सुरक्षा और नागरिक अधिकारों में समता कायम करने के साथ ही यूसीसी का एक महत्वपूर्ण योगदान प्रक्रियाओं के सरलीकरण के रूप में रहा है। यही कारण है कि यूसीसी लागू होने के एक साल से कम समय में 4,74,447 शादियों का पंजीकरण हो चुका है। अब पति – पत्नी कहीं से भी ऑनलाइन तरीके से विवाह पंजीकरण करवा रहे हैं। पहले उन्हें दो गवाहों के साथ तय तिथि पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। समान नागरिक संहिता लागू होने से पहले, ‘उत्तराखंड विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 2010’ के तहत, विवाह पंजीकृत किए जाते थे। यह पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन थी, इसलिए पति- पत्नी को दो गवाहों के साथ विवाह पंजीकरण के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना पड़ता था। लेकिन यूस...