Wednesday, September 2News That Matters

राष्ट्रीय

प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

राष्ट्रीय
प्रतिभा की कलम से देहरादून, उत्तराखंड ---------------------------------------- 'गुरुदेव' (7 अगस्त पुण्यतिथि ) 'टैगोर' कोई एक परिचय में सीमित होने वाला नाम नहीं है। वह भारत और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए 'जन गण मन' और 'आमार सोनार बांग्ला' जैसे राष्ट्रगान के रचयिता हैं। टैगोर शांति निकेतन के संस्थापक हैं। वह जोड़ासांको के जमींदार देवेंद्र नाथ ठाकुर के कनिष्ठ पुत्र भी हैं। बंगाल वालों के लिए रविंद्रसंगीत के प्रणेता हैं तो सारे भारत के गुरुदेव भी हैं। विश्व की बात की जाए तो "गीतांजलि" पर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले प्रथम भारतीय भी वही हैं। इन सबसे परे किसी भी शिक्षक और विद्यार्थी के बीच शिक्षा के आदान-प्रदान का सबसे सहज और कोमल सेतु का नाम भी है 'गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर'। टैगोर के शांति निकेतन में शिक्षा व्यवस्था का क्रम क्या था? विद्यार्थियों को पढ़ाने का तरीक...
वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

राष्ट्रीय
डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी "अवधूत" मैनपुरी, उत्तर प्रदेश ------------------------------------- ये घटा घनघोर तड़पाती हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। मोर ,दादुर और पपीहे बोलते, अब बो धरा में नित्य अमृत घोलते विरह अगिन हरपल जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। आ जाओ पुरबैया का अब तो जोर है अम्बर-धरा का ये मिलन चहुँओर है याद परदेशी की तड़पाती हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। राह तकते दिन गुजरता है नहीं ले जाओ हमको अब यहाँ से तुम कहीं, हर बूँद सावन की जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। दामिनि दमकती तो धड़कता दिल मेरा, बिरहा अगिन का ख्याल है साजन मेरा ब्रम्हानन्द तड़पाती जुदाई अब हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें।।...
जगदीश ग्रामीण की कलम से…  गडूल के गांधी जी!

जगदीश ग्रामीण की कलम से… गडूल के गांधी जी!

राष्ट्रीय
जगदीश ग्रामीण की कलम से गडूल के गांधी जी! --------------------------- आज मैं आपको मिलवाता हूं देहरादून जनपद के विकासखंड डोईवाला की क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी ग्राम पंचायत "गडूल" के इठारना गांव निवासी भगवान सिंह तोपवाल से। "इठारना गांव" नीलकंठ महादेव के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां यूं तो पूरे वर्ष भर शिवभक्त और पर्यटक आते ही रहते हैं। लेकिन, सावन के महीने में हर सोमवार को यहां हजारों की तादाद में भक्त जन आते हैं। इस शिव मंदिर को यह भव्य रूप जिन्होंने दिया है वह हैं इसी गांव के एक कर्मयोगी भगवान सिंह तोपवाल। भगवान सिंह ग्राम पंचायत गडूल के पूर्व प्रधान हैं। भगवान सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के सज्जन व्यक्ति हैं। बचपन में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। लेकिन, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक अभिभावक के रूप में अपने भाइयों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था की। व...
कवि डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे…

कवि डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे…

राष्ट्रीय
डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर, देहरादून ------------------------------------------ आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे जब तक सारी कायनात ना बदले तो सब बेकार जब तक अर्न्तमन ना स्वीकारे हर तरफ है हार हर तरक्की हर ऊँचाई झूठी साबित होती है जब तक बेटी लुट रही घर भीतर और हाट बाजार लेकर प्रण सब बढे आगे तब ही होगा पूर्ण उद्धार शिक्षा खानपान रोजगार बेटी को देना होगा पुरस्कार हर बेटी सम्मान से जिये ख्याल हर पल रखना होगा बेटी को भी बेटो सा मिले बराबर का अधिकार कानून समाज और परिवेश से भी ले आओ सुधार हर शय लगाकर जगा सको तो बदल डालो ये संसार नारी जीवन पुण्य कर्मो का फल ही है ये जान जाओ सृष्टि की रचेचता को पग पग क्यूं कर रहे हो शर्मसार कौन स...
पुष्पा जोशी ‘प्राकाम्य’ के मित्रों को समर्पित मुक्तक…

पुष्पा जोशी ‘प्राकाम्य’ के मित्रों को समर्पित मुक्तक…

राष्ट्रीय
पुष्पा जोशी 'प्राकाम्य' ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड ----------------------------------------- मुक्तक (१) खुशी दें, दिल को दें राहत, सहृदय सद्वृत्त रहते हैं। रहें दिल में सहोदर-से, उन्हीं को मित्र कहते हैं। बचाते हैं बुराई से, छिपाते जग से हैं कमियाँ- महकते हैं, जो महकाते, सुगंधित इत्र कहते हैं। (2) राज दिल के कई ऐसे, कहें किससे! हिचकते हम। कि दर्दे ग़म बयां करके, मित्र संग हैं सिसकते हम। पावन,मन लुभावन ये, इन्हें सन्मित्र कहते हैं ‌। अनुपम हैं सहोदर-से, नहीं इनसे झिझकते हम।    ...
युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल धर्मी की एक ग़ज़ल… बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल धर्मी की एक ग़ज़ल… बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते…

राष्ट्रीय
धर्मेन्द्र उनियाल 'धर्मी' चीफ फार्मासिस्ट, अल्मोड़ा ------------------------------------------------- - बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते, कर लिया सबसे किनारा ,खुद्दारियों के चलते! अदब के सिवा सिर झुकाना मंजूर नही हमे, हमे मंजूर है हर ख़सारा, खुद्दारियों के चलते! पहले सिर झुका लेते, शायद बच गये होते, हम लुटे हैं फिर दोबारा, खुद्दारियों के चलते! फ़क़त वो चाँद ही आसमां का चहेता बन रहा, टूटा फ़लक से सितारा, खुद्दारियों के चलते! खुशामदी को उम्रभर हमने दरकिनार ही रखा, किसी रहनुमा को न पुकारा, खुद्दारियों के चलते! मैं ज़िन्दगी की भीख़ मांग लूं, ये हो नही सकता, है ज़हर ही आख़िरी चारा, खुद्दारियों के चलते!!  ...
उत्तराखंड सरकार के रवैए से डीएलएड प्रशिक्षित परेशान, शिक्षा निदेशालय में शुरू किया आंदोलन

उत्तराखंड सरकार के रवैए से डीएलएड प्रशिक्षित परेशान, शिक्षा निदेशालय में शुरू किया आंदोलन

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन डायट डीएलएड संघ के बैनरतले डीएलएड प्रशिक्षितो ने आंदोलन शुरू कर दिया। प्रशिक्षितों ने आज शिक्षा निदेशालय में नारेबाजी की ओर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संघ की ओर से प्रेसवार्ता कर आंदोलन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षितों ने सरकार अनदेखी जा आरोप लगाते हुए रोष जताया। उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में डायट डीएलएड संघ के सचिव हिमांशु जोशी ने बताया कि प्रशिक्षित सरकार के रवैये से परेशान हैं। शिक्षा मंत्री ने संघ को 2 अगस्त से कोर्ट में सुनवाई कर और लंबित केस का जल्द निस्तारण कर शिक्षक भर्ती का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, इतने दिन बीतने के बाद भी विभाग ने काउंटर जमा नहीं किया गया, जिस कारण कोर्ट में सुनवाई में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएलएड संघ ने शिक्षा निदेशालय में नारेबाजी के साथ औपच...
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे पुष्कर सिंह धामी, पूजा पाठ कर शुरू किया काम

मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार विधानसभा पहुंचे पुष्कर सिंह धामी, पूजा पाठ कर शुरू किया काम

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में पूजा-अर्चना कर शासकीय कार्य शुरू किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद धामी पहली बार विधानसभा पहुंचे। उन्होंने विधानसभा में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री अरविन्द पाण्डेय, गणेश जोशी, यतीश्वरानंद, विधायक राजेश शुक्ला, चंदन राम दास, प्रणव चैंपियन, उमेश शर्मा काऊ, खजान दास, शक्ति लाल शाह, भाजपा नेता अनिल गोयल, तरुण मित्तल, अजेंद्र अजय आदि मौजूद रहे।...
इज्जत से जीना एक नागरिक के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती: डॉ फारुख

इज्जत से जीना एक नागरिक के लिए वर्तमान में सबसे बड़ी चुनौती: डॉ फारुख

राष्ट्रीय
-संयुक्त नागरिक संगठन व आरटीआई लोक सेवा के संयुक्त तत्वाधान में इंद्र रोड़ देहरादून में ‘स्वराज और सुशासन हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है, हम इसे लेकर रहेंगे’ विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक के अध्यक्षता ब्रिगेडियर केजी बहल ने की। जबकि, मुख्य अतिथि डॉ एस फारुख रहे। गोष्ठी का शुभारंभ संयुक्त नागरिक संगठन के महासचिव सुशील कुमार त्यागी के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने गोष्ठी के मंतव्य व आमंत्रित अतिथियों का परिचय सदन को कराया। त्यागी ने कहा कि संयुक्त नागरिक संगठन और आरटीआई लोक सेवा ने मिलकर कार्ययोजना बनाई है कि सुशासन के लिए नागरिक संगठनों को एक मंच पर लाने के प्रयास किए जाएं। इस क्रम में यह पहली गोष्ठी है। गोष्ठी में तय किया गया कि राष्ट्रीय आजादी दिवस पर गॉंधी पार्क में देश के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और पांच सितम्बर को ‘सुशासन’ के पक्ष में जागरुकता रैली निकाली जाएगी। शब्द रथ न्...
भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख में जल्द बहाल होगी शांति व्यवस्था

भारत-चीन सीमा विवाद: पूर्वी लद्दाख में जल्द बहाल होगी शांति व्यवस्था

राष्ट्रीय
-विदेश मंत्रालय के अनुसार भारत-चीन के बीच सैन्य वार्ता जारी है। बातचीत सार्थक रूप में हो रही है। तनाव वाले स्थानों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में क्षेत्र में जल जल्द शांति व्यवस्था कायम होगी। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत चीन के बीच जारी तनाव के मुद्दों की निपटा कर बहुत जल्द सीना पर शांति व्यवस्था बहाल की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि सीमा विवाद को लेकर भारत और चीन के बीच सार्थक सैन्य वार्ताओं का दौर जारी है। तनाव वाले स्थानों से सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया जारी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि दोनों पक्ष बचे हुए मुद्दों पर तेजी से काम कर हैं। अब तक बनी सहमतियों पर काम जारी है। भविष्य में शांति बहाली के लिए बातचीत का दौर जारी रखा जाएगा। बागची ने कहा कि मंत्रालय को आगे जो भी सूचना मिलेगी, उसे जनता से साझा क...