Wednesday, September 2News That Matters

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डॉ राजेश्वर उनियाल… भाषायी मामले में गांधी जी की गलती न दोहराएं …

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डॉ राजेश्वर उनियाल मुंबई, महाराष्ट्र --------------------------------------------------- बंधुओ, (२९-७-२१) हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने देश की शिक्षा नीति में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए भारत की इंजीनियरिंग शिक्षा को अंग्रेजी व हिंदी के साथ ही मराठी, तमिल, बांग्ला व तेलुगू में भी प्रारंभ करने की घोषणा की। हालांकि, हो सकता है कि भावावेश में आकर कई लोग इसका स्वागत अवश्य करेंगे, परंतु यहां पर एक भयंकर चूक हो रही है, जिसे अगर समय रहते सुधारा नहीं गया, तो भविष्य में भारत में भाषाई विवाद व आंदोलन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं । हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि 1918 में गांधी जी की अध्यक्षता में इंदौर में आयोजित हिंदी साहित्य सम्मेलन में हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्वीकार करने की घोषणा की गई थी, फिर महात्मा गांधी जी की ही अध्यक्षता में कांग्रेस ने भी हिंदी क...

कवि जसबीर सिंह हलधर का शानदार गीत… लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है

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जसबीर सिंह हलधर देहरादून, उत्तराखंड ---------------------------------------- गीत-स्वर्ग धरती आ रहा है -------------------------------------------- लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है। देवता भयभीत हैं कि स्वर्ग धरती आ रहा है।। अब हवाएं मौन होंगी नीड़ निगलेगी न आँधी। यातनाएं गौण होंगी खून बेचेगी न खादी। गीत जन गण देवता के खुद हिमालय गा रहा है।। लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है।।1 भूख से होंगी न मौतें शांति होगी मरघटों में। अब हलाला भी न होगा क्रांति होगी घूंघटो में। बिजलियों के साथ बादल भी जमीं पर छा रहा है।। लोक में परलोक नक्शा उतारा जा रहा है।।2 मौत से होगी न शादी जिंदगी आसान होगी। नर्क में होंगे जिहादी कौम की पहचान होगी। न्याय के अंगार को सूरज स्वयं दहका रहा है।। लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है।।3 देश का कानून होगा जालिमों को अब पनौती। य...

नीरज नैथानी… डूरंड लाइन व मैकमोहन लाइन की तरह ही है पहाड़ों में ओडु

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नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड ------------------------------------ ओडु कई लोगों के लिए ओडु नया शब्द हो सकता है। जनाब, पहाड़ के खेतों में चिन्हांकन रूपी एक पत्थर होता है जो ओडु कहलाता है। यह एक ऐसा पत्थर होता है जो खेत या जमीन की सीमा रेखा बताता है। किसी खेत की मुण्डेर पर पत्थरों की एक सीधी लाइन होती है या संकेत मात्र के लिए एक ही पत्थर हो सकता है जो बताता है कि अमुक सीमा तक इस मालिक की जमीन है। आपसी सहमति से भूमि का बंटवारा कर लिया जाता है या जमीन किसी को बेची है तो ओडु बताता है कि इस सीमा तक अब जमीन तुम्हारी है। यूं समझ लीजिए जैसे कि डूरंड लाइन, मैक मोहन लाइन दो देशों की भौगोलिक सीमाओं का विभाजन करती हैं वैसे ही पहाड़ी खेतों में ओडु लाइन भाई बंदों का बंटवारा इंगित करती हैं। यह ओडु लाइन जमीन के साथ आदमियों को भी सीमा में रखती थी। भई तुम वहां तक हल चलाओ... वहां तक फसल बोओ.......
संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून की ओर से मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भेजा गया सुझाव पत्र

संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून की ओर से मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भेजा गया सुझाव पत्र

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। संयुक्त नागरिक संगठन देहरादून की ओर से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व मुख्य सचिव को सुराज, भ्रष्टाचार उन्मूलन और जनसेवा के संकल्प को कार्यान्वित करने के उद्देश्य से सुझाव प्रेषित किए गए। संगठन के महासचिव सुशील त्यागी व प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने सुझाव पत्र प्रेषित किया। संगठन की ओर से सुझाव पत्र में कहा गया है कि दूरस्थ व दुर्गम क्षेत्रों सहित सभी जनपदों में स्थानीय समाचार पत्रों व पोर्टल आदि पर प्रकाशित होने वाली जनहित से जुड़ी समस्याओं का सचिवालय स्तर पर संकलन किया जाय और संबंधित सचिवों को भेजा जाय। सचिव स्तर से इन्हें सीधे जनपदीय अधिकारियों को भेजा जाय और प्रति-सप्ताह इन पर की गई कार्रवाई कार्यवाही की समीक्षा भी सचिवालय स्तर पर की जाय।स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, जल-आपूर्ति, खाद्य, विद्युत आदि विभागों से सम्बद्ध जन समसयाओं की जिलेवा...
साहित्यकार/शिक्षिका शशि जोशी को मिलेगा नारी गौरव सम्मान

साहित्यकार/शिक्षिका शशि जोशी को मिलेगा नारी गौरव सम्मान

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 शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। साहित्यकार व शिक्षिका शशि जोशी का चयन नारी गौरव सम्मान के लिए हुआ है। सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था "शील साहित्य परिषद" की ओर से दिया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र व 2100 रुपए प्रदान किए जाएंगे। सम्मान समारोह आगामी अक्टूबर में प्रस्तावित है।  
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने जारी किया 12वीं का रिजल्‍ट

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने जारी किया 12वीं का रिजल्‍ट

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सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 12वीं के रिजल्‍ट जारी कर दिए गए हैं। CBSE बोर्ड रिजल्‍ट आज (शुक्रवार) दोपहर 2 बजे आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जारी किए गए। छात्र छात्राएं अपना 12वीं का रिजल्ट 2021 अन्य आधिकारिक पोर्टल results.nic.in, cbse.gov.in cbse.nic.in पर भी चेक कर सकते हैं। साथ ही डिजिलॉकर (digilocker) व उमंग ऐप (UMANG App) पर भी रिज़ल्ट देख सकते हैं। गौरतलब है कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के लिए इस साल 14.5 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं। रिजल्ट तय मूल्यांकन फॉर्मूले के आधार पर तैयार किया गया है।...
बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

राष्ट्रीय
डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर अभद्र टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने बिहार के लोगों को कम दिमाग वाला बताया। डीएमके नेता उन पर तमिलों की नौकरियां छीनने का आरोप भी लगाया है। तमिलनाडु के नगर प्रशासन मंत्री और डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर नस्लीय टिप्पणी की है। उनका यह बयान बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्री ने बिहार के लोगों को तमिलों से कम होशियार बताया। साथ ही, आरोप लगाया कि बिहार के लोग तमिलनाडु में आकर स्थानीय निवासियों की नौकरियां छीन रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पेगासस कथित जासूसी कांड को लेकर बनी संसदीय समिति में शामिल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उन्हें 'बिहारी गुंडा' कहने का आरोप लगाया था। यह विवाद अब तक शांत नहीं हुआ है। अब...
ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

राजनीतिक, राष्ट्रीय
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे के दौरान राजनीतिक व सामाजिक लोगों से मुलाकात की। इसी कड़ी में ममता बनर्जी और मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर भी मिले। दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक चर्चा हुई। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। गीतकार जावेद अख्तर और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली में गुरुवार को मुलाकात हुई। जावेद के आवास पर हुई मुलाकात में उनकी पत्नी शबाना आजमी भी मौजूद थी। 'परिवर्तन' की आवश्यकता पर बात करते हुए जावेद अख्तर कहा कि बंगाल ने हमेशा 'क्रांतिकारी आंदोलनों' का नेतृत्व किया है। सभी के लिए तो नहीं कह सकता, लेकिन व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है कि 'परिवर्तन' होना चाहिए। लोकतंत्र स्थिर नहीं रह सकता। जावेद अख्तर ने कहा कि देश इस वक्त कई समस्याओं से जूझ रहा है। ध्रुवीकरण का मुद्दा हो या लोगों के भड़काऊ बयान इन मुद्दों को लेकर देश में तनाव का...

 जसबीर सिंह ‘हलधर’ … जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है!

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जसबीर सिंह 'हलधर' देहरादून, उत्तराखंड ------------------------------------------- कविता -जिंदगी --------------------- जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है ,तू सबको गले लगाती है!! पिंजड़े में फँसकर देख लिया, विपदा में हँसकर देख लिया! सौ बार नदी को पार किया, दलदल में धँसकर देख लिया! तू मानस का हर मौके पर, भेजा भी खूब चबाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!1!! जागें सब तेरे संग संग, भागें सब तेरे संग संग! साँसों का माँझा बना रखा, डोरी हैं सब तू है पतंग! तू कब कट के गिर जाएगी, हर पग पर राज छुपाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!2!! तू कभी महकती बाहों में, तू कभी चहकती राहों में! नखरे भी तेरे बहुत बड़े, तू कभी दहकती आहों में! आँसू आँखों में खारे है, मीठी भी नींद सुलाती है! जो जैसा जो भी कुछ है, ...
“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

राष्ट्रीय
"पागल फ़क़ीरा" भावनगर, गुजरात --------------------------------------- क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को, धुंध हटेगी, धूप खिलेगी, फिर दिन नया है छाने को। साहिल पर बैठे बैठे डरते रहने से क्या होगा दोस्त, लहरों से लड़ना होगा उस पार समन्दर जाने को। प्यार इश्क़ तो है पुरानी बातें, कैसे इनसे नज़्में सजे, आज की क़लम वो दर्द लाई सोती रूह जगाने को। दिन गुज़रा याद दिलाता है, भूली बिसरी बातें अब, सुर नया हो, ताल नया हो, गाये नये अफ़साने को। ख़ुद के हाथों की लक़ीरों को तू करले ख़ुद के बस में, "फ़क़ीरा" तेरी रूठी तक़दीर कौन आये उसे मनाने को।  ...