Saturday, November 29News That Matters

पतंजलि के घी के नमूने फेल: पिथौरागढ़ अदालत ने कंपनी पर 1 लाख का जुर्माना लगाया

पिथौरागढ़। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के घी के नमूनों को मानकों पर खरा न उतरने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी पर जुर्माना लगाया है। मामले में न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह की अदालत ने करीब 1,348 दिन बाद फैसला सुनाते हुए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड पर 1 लाख रुपए, ब्रह्म एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर) पर 25,000 रुपए और करन जनरल स्टोर (विक्रेता) पर 15,000 रुपए का जुर्माना लगाया।

2021 में पहली बार दी थी जानकारी

असिस्टेंट कमिश्नर आर.के. शर्मा के अनुसार, 2021 में पतंजलि के अधिकारियों को नमूने फेल होने की जानकारी दे दी गई थी, लेकिन लंबे समय तक कंपनी की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में 15 अक्टूबर 2021 को पतंजलि ने दोबारा जांच की अपील की और सैंपल को सेंट्रल लैब में टेस्ट कराने की बात कही। इसके लिए कंपनी ने नियमानुसार 5,000 रुपए शुल्क भी जमा किया।

राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद में दोबारा जांच

अधिकारियों की टीम 16 अक्टूबर 2021 को नमूने लेकर राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला, गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) पहुंची, जहां घी की दोबारा जांच की गई। लैब ने 26 नवंबर 2021 को रिपोर्ट जारी की, जिसमें पतंजलि गाय के घी के नमूने फिर से मानकों पर असफल पाए गए।

रिपोर्ट की स्टडी के बाद कोर्ट में मामला

दो महीने की स्टडी के बाद 17 फरवरी 2022 को मामला अदालत में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद पतंजलि को नोटिस जारी किया गया था।

अधिकारी ने कोर्ट में सबूत पेश किए

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी दिलीप जैन ने अदालत में सभी आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने गुरुवार को अपना निर्णय सुनाया। साथ ही चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम–2006 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए।