उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पांच साल में हुए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शासन ने जांच बैठा दी है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पांच साल में हुए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शासन ने जांच बैठा दी है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में हुई अनियमितताओं को लेकर पिछले साल अगस्त में अपर सचिव राजेंद्र सिंह ने विवि के कुलसचिव से बिंदुवार सभी आरोपों की जांच रिपोर्ट मांगी थी। जांच की आंच पांच साल तक विभाग के मंत्री रहे डॉ.हरक सिंह रावत तक भी पहुंच सकती है।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय में पांच साल में हुए भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शासन ने जांच बैठा दी है। इसके लिए अपर सचिव की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है, जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट शासन को देगी।
आयुर्वेद विवि पिछले कई सालों से वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार, नियुक्तियों में गड़बड़ियों के लिए चर्चाओं में है। पिछले साल अगस्त में अपर सचिव राजेंद्र सिंह ने विवि के कुलसचिव से बिंदुव...








