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Day: June 27, 2022

पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

उत्तराखण्ड
पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया|  मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है। सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के चार जिलों में संचालित हो रही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना अब सभी पर्वतीय जिलों में चलेगी। नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होगा। अभी चार जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75 प्रतिशत ...

गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची।

उत्तराखण्ड
गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। सरकार गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का डंका पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जौनपुर विकासखंड का लग्गा गोठ गांव की एक गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। गनीमत रही महिला समय पर अस्पताल पहुंच गई, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। 22 जून की रात करीब 10 बजे गोठ गांव की अंजू देवी पत्नी सोमवारी लाल गौड़ की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। तमाम प्रयासों के बाद भी घोड़े-खच्चर का इंतजाम नहीं हो पाया। थक हार कर सोमवारी लाल ने पत्नी को पैदल ले जाने का फैसला किया। करीब ढाई किमी की खड़ी चढ़ाई वाली जंगल की पगडंडियों पर टॉर्च के सहारे रात करीब 11 बजे अंजू ने सफर शुरू किया। प्रसव पीड़ा से कराहते हुए अंजू छह घंटे में सुबह करीब पांच ब...
बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

उत्तराखण्ड
बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |   बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुकना और झील बनना खतरे का संकेत दे रहा है। झील का आकार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहन है कि भूस्खलन के कारण मलबा और बोल्डर गिरने से झील बनी है। अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है। चमोली जिले को जोड़ने वाली शंभू नदी किसी भी समय बड़ी तबाही ला सकती है। बागेश्वर जिले के अंतिम गांव कुंवारी से करीब दो किमी आगे भूस्खलन के मलबे से शंभू नदी पट गई है। इससे यहां झील बन गई है। झील का आकार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। समय रहते मामले का संज्ञान नहीं लिया गया तो बरसात या उससे पहले बड़ा हादसा हो सकता है। कपकोट के आपदाग्रस्त गांव कुंवारी की पहाड़ी से समय-समय पर भूस्खलन होता रहता है। वर...
गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट |

गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट |

उत्तराखण्ड
गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट | झमाझम बारिश से सोमवार को जहां शहर में लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई। बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत में आज भारी बारिश के आसार हैं। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक 28 जून से राज्य में मैदान से लेकर पहाड़ तक मानसून के सक्रिय होने और झमाझम बारिश की संभावना है। सोमवार सुबह राजधानी देहरादून सहित मसूरी, चमोली में झमाझम बारिश हुई। वहीं कई जगह पर बादल छाए हुए हैं। चमोली जनपद में तड़के से बारिश हो रही है। जबकि नई टिहरी, श्रीनगर, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग में बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में बारिश का मौसम बना हुआ है। मौसम ने करवट ली तो पहाड़ों में ठंडक आई। शहर के लोगों को भी गर्मी से राहत मि...