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Day: June 28, 2022

क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने,

क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने,

देश-विदेश
क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने, शनिवार को ट्विटर पर एक 38 सेकंड का वीडियो साझा किया गया है, जिसमें कई वाहनों को चमकती रोशनी के साथ मास्को में क्रेमलिन की ओर जाते हुए देखा गया. साथ ही पुतिन की बख्तरबंद लिमोजिन भी काफिले का हिस्सा थी. क्रेमलिन बिल्डिंग की ओर दौड़ते एक काफिले का वीडियो सामने आया है, जिसने रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को लेकर नई अटकलों को हवा दे दी है. खासतौर पर विभिन्‍न न्‍यूज रिपोर्ट के बाद उनके स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. रूसी सरकार को एक खंडन जारी करना पड़ा क्‍योंकि रिपोर्टों में कहा गया था कि पुतिन क्रेमलिन में पहुंचे लेकिन उसके बाद कभी भी बाहर नहीं निकले. रूसी भाषा के टेलीग्राम चैनल Vckogpu के अनुसार, फुटेज स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे की है. ...
मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल|

मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल|

क्राइम
मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल| पुलिस ने मामले में सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। पुलिस अब तक मामले का खुलासा तो नहीं कर पाई है लेकिन सीसीटीवी कैमरे के जरिए एक बाइक सवार की पहचान की गई है। मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हालांकि पुलिस के हाथ अब तक कोई बड़ा सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध बाइक सवार की भी पहचान की है। पुलिस हूलिए के आधार पर उस तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही घटनास्थल पर सक्रिय मोबाइल फोन को ट्रेस करके आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है 24 जून की रात कलियर से एक महिला अपनी छह साल की बच्ची के साथ रुड़की आने...
प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

उत्तराखण्ड
प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन | प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को अड़चन मान रही है। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के सामने यह मामला उठाया। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यटन, उद्योग, खनन, चारा, लैंड यूज की अनुमतियों में दिक्कतें आ रही हैं। चूना पत्थरों की खदानों से छलनी पहाड़ों की रानी मसूरी को हरा भरा बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली दून वैली अधिसूचना अब राज्य सरकार की आंखों में खटक रही है। मसूरी के लिए फायदेमंद यह अधिसूचना दून राजधानी क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने दून घाटी अधिसूचना को वापस कराने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परि...