Saturday, March 7News That Matters

Month: June 2022

संजय राउत का बागियों पर तंज, बोले- 11 जुलाई तक गुवाहाटी में ही करे आराम, उनके लिए महाराष्ट्र में कोई काम नहीं

संजय राउत का बागियों पर तंज, बोले- 11 जुलाई तक गुवाहाटी में ही करे आराम, उनके लिए महाराष्ट्र में कोई काम नहीं

देश-विदेश
मुंबई, एकनाथ शिंदे के गुट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मंगलवार को शिवसेना सांसद संजय राउत ने तंज कसा। राउत ने कहा कि कोर्ट का यह आदेश 11 जुलाई तक गुवाहाटी में ही उन्हें आराम करने के लिए दिया गया है। उनके लिए महाराष्ट्र में कोई काम नहीं है। शिंदे गुट की बैठक आज  वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र सरकार को पत्र लिख 22-24 जून तक राज्य सरकार द्वारा जारी सभी सरकारी प्रस्तावों और परिपत्रों की पूरी जानकारी मांगी है। बता दें कि गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे गुट की आज बैठक है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में एकनाथ शिंदे गुट महाराष्ट्र में भाजपा के साथ सरकार बनाने पर मंथन कर सकता है। शिंदे के खिलाफ याचिका  शिवसेना के बागी विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे एकनाथ शिंदे के खिलाफ सोमवार को बांबे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। उन पर राज्य में राजनीत...
उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल |

उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल | आज सुबह सुबह उत्तराखंड म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बुरी दुखद खबर आ रही है, हमारे युवा साथी संगीतकार गायक गुंजन डंगवाल के असहनीय दुःख से उभर भी नहीं पाये थे कि, एक और दुःखद घटना हो गई है। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकप्रिय कलाकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी नवीन सेमवाल का आकस्मिक निधन हो गया है | बताया जा रहा है की नवीन सेमवाल की कई दिनों से तबियत ख़राब चल रही थी, शुरुआती तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनके नजदिकी अस्पताल रुद्रप्रयाग में स्थित राजकीय अस्पताल ले जाया गया, राजकीय डॉक्टरों ने उन्हें देहरादून के अस्पताल में रेफर कर दिया , जहाँ इलाज के चलते नवीन सेमवाल ने अपनी आखरी साँस ली | नवीन सेमवाल ने उत्तरखंड म्यूजिक इंडस्ट्री में मेरी बामणी से अपनी एक अलग ही पहचान बनाई थी, साथ ही व एक हास्य कलाकार भी थी कई शॉर्ट फि...
14 से 26 जुलाई तक चलेगी सावन कांवड़ यात्रा, पढ़िए पूरी खबर

14 से 26 जुलाई तक चलेगी सावन कांवड़ यात्रा, पढ़िए पूरी खबर

देश-विदेश
देहरादून : आगामी 14 जुलाई से कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। इस बार कांवड़ यात्रा के दौरान हर कांवडि़ये को अपना पहचान पत्र (आइडी) साथ रखना होगा। बिना इसके यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस मुख्यालय देहरादून में आयोजित अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में इस बात पर सहमति बनी। इस दौरान यातायात, सुरक्षा के साथ ही हुड़दंग रोकने के लिए कई बिंदुओं पर सहमति बनी। 14 से 26 जुलाई तक चलेगी कांवड़ यात्रा पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि कांवड़ यात्रा 14 से 26 जुलाई तक चलेगी। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो साल से कांवड यात्रा प्रतिबंधित थी। इस बार चार करोड़ के करीब कांवडिय़ों के आने की संभावना है। यात्रा को ध्‍यान में रखते हुए कांवड़ क्षेत्र को 12 सुपर जोन, 31 जोन और 133 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जिसमें करीब नौ से 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। ड्रोन, सीसीटीवी और इंटरनेट मीडिया म...
लीसेस्टरशायर के खिलाफ भारत के अभ्यास मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले कप्तान रोहित शर्मा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव |

लीसेस्टरशायर के खिलाफ भारत के अभ्यास मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले कप्तान रोहित शर्मा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव |

खेल
लीसेस्टरशायर के खिलाफ भारत के अभ्यास मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले कप्तान रोहित शर्मा की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव | रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड के खिलाफ अब भारत की अगुआई कौन करेगा। जसप्रीत बुमराह को अगला कप्तान बनाए जाने की जोरदार चर्चा है। वहीं, क्रिकेट विशेषज्ञों ने विराट कोहली को भी कप्तान बनाने की राय दी है। भारतीय क्रिकेट टीम एक जुलाई से शुरू होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच में इंग्लैंड का सामना करने के लिए तैयार है। हालांकि, मैच शुरू होने से पहले ही दर्शकों को बड़ा झटका लगा। लीसेस्टरशायर के खिलाफ भारत के अभ्यास मैच के चौथे दिन का खेल शुरू होने से पहले कप्तान रोहित शर्मा को कोरोना हो गया। उनकी रैपिड एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आई। टेस्ट मैच में अब उनकी भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। यही वजह है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने उनके बैकअप के तौर पर...
क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने,

क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने,

देश-विदेश
क्रेमलिन की ओर दौड़ते रूसी राष्ट्रपति पुतिन के काफिले का वीडियो आया सामने, शनिवार को ट्विटर पर एक 38 सेकंड का वीडियो साझा किया गया है, जिसमें कई वाहनों को चमकती रोशनी के साथ मास्को में क्रेमलिन की ओर जाते हुए देखा गया. साथ ही पुतिन की बख्तरबंद लिमोजिन भी काफिले का हिस्सा थी. क्रेमलिन बिल्डिंग की ओर दौड़ते एक काफिले का वीडियो सामने आया है, जिसने रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन को लेकर नई अटकलों को हवा दे दी है. खासतौर पर विभिन्‍न न्‍यूज रिपोर्ट के बाद उनके स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं. रूसी सरकार को एक खंडन जारी करना पड़ा क्‍योंकि रिपोर्टों में कहा गया था कि पुतिन क्रेमलिन में पहुंचे लेकिन उसके बाद कभी भी बाहर नहीं निकले. रूसी भाषा के टेलीग्राम चैनल Vckogpu के अनुसार, फुटेज स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे की है. ...
मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल|

मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल|

क्राइम
मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच पड़ताल| पुलिस ने मामले में सोनू निवासी रुड़की और अज्ञात कार सवारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की थी। पुलिस अब तक मामले का खुलासा तो नहीं कर पाई है लेकिन सीसीटीवी कैमरे के जरिए एक बाइक सवार की पहचान की गई है। मां-बेटी के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हालांकि पुलिस के हाथ अब तक कोई बड़ा सफलता हाथ नहीं लगी है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध बाइक सवार की भी पहचान की है। पुलिस हूलिए के आधार पर उस तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही घटनास्थल पर सक्रिय मोबाइल फोन को ट्रेस करके आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। गौरतलब है 24 जून की रात कलियर से एक महिला अपनी छह साल की बच्ची के साथ रुड़की आने...
प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

उत्तराखण्ड
प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन | प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को अड़चन मान रही है। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के सामने यह मामला उठाया। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यटन, उद्योग, खनन, चारा, लैंड यूज की अनुमतियों में दिक्कतें आ रही हैं। चूना पत्थरों की खदानों से छलनी पहाड़ों की रानी मसूरी को हरा भरा बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली दून वैली अधिसूचना अब राज्य सरकार की आंखों में खटक रही है। मसूरी के लिए फायदेमंद यह अधिसूचना दून राजधानी क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने दून घाटी अधिसूचना को वापस कराने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परि...
पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

उत्तराखण्ड
पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया|  मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है। सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के चार जिलों में संचालित हो रही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना अब सभी पर्वतीय जिलों में चलेगी। नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होगा। अभी चार जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75 प्रतिशत ...

गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची।

उत्तराखण्ड
गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। सरकार गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का डंका पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जौनपुर विकासखंड का लग्गा गोठ गांव की एक गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। गनीमत रही महिला समय पर अस्पताल पहुंच गई, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। 22 जून की रात करीब 10 बजे गोठ गांव की अंजू देवी पत्नी सोमवारी लाल गौड़ की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। तमाम प्रयासों के बाद भी घोड़े-खच्चर का इंतजाम नहीं हो पाया। थक हार कर सोमवारी लाल ने पत्नी को पैदल ले जाने का फैसला किया। करीब ढाई किमी की खड़ी चढ़ाई वाली जंगल की पगडंडियों पर टॉर्च के सहारे रात करीब 11 बजे अंजू ने सफर शुरू किया। प्रसव पीड़ा से कराहते हुए अंजू छह घंटे में सुबह करीब पांच ब...
बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

उत्तराखण्ड
बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |   बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुकना और झील बनना खतरे का संकेत दे रहा है। झील का आकार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहन है कि भूस्खलन के कारण मलबा और बोल्डर गिरने से झील बनी है। अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है। चमोली जिले को जोड़ने वाली शंभू नदी किसी भी समय बड़ी तबाही ला सकती है। बागेश्वर जिले के अंतिम गांव कुंवारी से करीब दो किमी आगे भूस्खलन के मलबे से शंभू नदी पट गई है। इससे यहां झील बन गई है। झील का आकार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। समय रहते मामले का संज्ञान नहीं लिया गया तो बरसात या उससे पहले बड़ा हादसा हो सकता है। कपकोट के आपदाग्रस्त गांव कुंवारी की पहाड़ी से समय-समय पर भूस्खलन होता रहता है। वर...