Saturday, March 7News That Matters

Day: August 23, 2022

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बंद होने से ऋषिकेश से चंबा के लिए आवागमन पूरी तरह से हुआ ठप |

ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बंद होने से ऋषिकेश से चंबा के लिए आवागमन पूरी तरह से हुआ ठप |

उत्तराखण्ड
ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बंद होने से ऋषिकेश से चंबा के लिए आवागमन पूरी तरह से हुआ ठप | ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे बंद होने से ऋषिकेश से चंबा के लिए आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। जिससे यात्रियों के साथ साथ वाहन स्वामियों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उत्तराखंड में आज मंगलवार को मौसम साफ बना हुआ है। प्रदेश के सभी इलाकों में चटख धूप खिली है। जिससे तापमान में भी बढोतरी हुई है। उधर, ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच 94) पर नरेंद्रनगर बाईपास के समीप कुमारखेड़ा में आज तीसरे दिन भी यातायात के लिए बंद है। यहां चट्टान से हुए भूस्खलन के कारण लगातार भारी मात्रा में बोल्डर सड़क पर गिरे हैं। वहां पर पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत छोटे वाहनों का संचालन पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय की सड़क से हो रहा है। वहीं, नरेंद्रनगर रानीपोखरी मोटर मार्ग से भी वाहनो...
उत्तराखंड के चंपावत निवासी सूबेदार मेजर की जम्मू में श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई मौत।

उत्तराखंड के चंपावत निवासी सूबेदार मेजर की जम्मू में श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई मौत।

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के चंपावत निवासी सूबेदार मेजर की जम्मू में श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई मौत। देवीधुरा पखोटी निवासी सूबेदार मेजर नंदन सिंह बीते दिनों पहलगाम में हुए बस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने सोमवार देर रात अस्पताल में दम तोड़ा। उत्तराखंड के चंपावत निवासी सूबेदार मेजर की जम्मू में श्रीनगर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। चंपावत जिले के देवीधुरा पखोटी निवासी सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल (50) बीते दिनों पहलगाम में हुए बस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने सोमवार देर रात अस्पताल में दम तोड़ा। वे हादसे के दौरान अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर थे। इसके साथ ही उनके और साथी भी घायल हुए थे। यह भी पढ़े :- http://uttaranchalcrimenews.com/kovid-vaccination-team-departs-for-vaccination-of-all-eligible-be...
शव देख सदमे में आई मां, बोली- ‘गोलू बेटा बाहर क्यों सोया, उठ और घर में आ जा’ |

शव देख सदमे में आई मां, बोली- ‘गोलू बेटा बाहर क्यों सोया, उठ और घर में आ जा’ |

उत्तराखण्ड
शव देख सदमे में आई मां, बोली- ‘गोलू बेटा बाहर क्यों सोया, उठ और घर में आ जा’ | बेटे का शव देख मां को यकीन ही नहीं हुआ कि उसकी आंख का तारा अब इस दुनिया में नहीं रहा। वह बेटे को सोया हुआ ही मानती रही। कभी शव से लिपटकर तो कभी सिर गोद में रखकर उससे उठकर घर में चलने की बात कहती रही सुधीर की मां शीला देवी। टूटा दुखों का पहाड़: पहले पति नहर में डूबे, अब जिगर के टुकड़े को लील गई गोला नदी, शव देख बेसुध हुई मां ‘गोलू बेटा उठ और घर में आ जा...’ ये शब्द थे सुधीर की मां शीला देवी के। बेटे का शव घर पहुंचा तो शीला देवी को ऐसा सदमा लगा कि आंखों के आंसू भी बह न सके। अंदर ही अंदर बेटे के जाने का गम आखिर कैसे बर्दाश्त करती। दरवाजे पर सुधीर की अर्थी तैयार हो रही थी और आंगन में बेटे का शव रखा था जिसे मां एकटक निहार रही थी। उम्मीद थी बेटे के उठकर मां से गले लग जाने की और यह कहने की मां मैं आ गया। सु...