बोया बीज बबूल का… फल काहे को होय! *पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां?
बोया बीज बबूल का... फल काहे को होय!
*पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां?
"22 वर्षों में उत्तराखंड को स्वच्छ वातावरण एवं हरियाली देने के वायदे कितने साकार किए गए, यह आज एक ज्वलंत गंभीर विषय है"
देहरादून - उत्तराखंड राज्य को ऑक्सीजन का भंडार बताने वाले तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के दावे करने वाले आज उत्तराखंड राज्य को कितना हरा भरा बनाने में कामयाब हुए हैं उसका परिणाम आज पृथक राज्य बनने के करीब 22 वर्षों के पश्चात देखने को मिल रहा है जो कि काफी दुखद एवं गंभीर चिंतन का विषय है कई पर्यावरण विधि पर्यावरणविद एवं चिंतकों ने उत्तराखंड राज्य को हरा भरा बनाने की दिशा में बहुत कुछ बलिदान दिए और आंदोलन भी करने में कोई कमी नहीं छोड़ी साथ ही राज्य की सरकारों को अल्टीमेटम भी देकर उत्तराखंड राज्य की अमूल्य वन संपदा को बचाने एवं बनाने की दिशा में उल्लेखनीय...








