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Day: December 15, 2022

धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश |

धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश |

देहरादून
धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश | गेस्ट टीचरों ने कहा कि उनके पदों को खाली नहीं मानने और उनकी गृह जिले में तैनाती का प्रस्ताव कैबिनेट में आने के बाद भी अभी तक शासनादेश नहीं हुआ है। उन्होंने तदर्थ नियुक्ति दिए जाने की मांग की। कहा कि वह विभाग में आठ साल से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। लंबित मांगों को लेकर गेस्ट टीचरों ने शिक्षा निदेशालय पर बुधवार को दूसरे दिन भी धरना दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक भट्ट ने गेस्ट टीचरों से आह्वान किया कि वह धरनास्थल से ऑनलाइन माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखें, ताकि आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में उनकी पढ़ाई बाधित नहीं हो। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षा निदेशालय पर धरने पर बैठे गेस्ट टीचरों ने कहा कि उनके पदों को खाली नहीं मानने और उनकी गृह जिले में तैनात...
प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना |

प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना |

मनोरंजन
प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना | मेघना राज साउथ इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। फिल्मों से जितनी सुर्खियां उन्होंने बटोरी हैं, उतना ही दर्द उन्हें असल जिंदगी में झेलना पड़ा है। अभिनेत्री ने अपने जिंदगी से जुड़े मुश्किल दिनों की यादें साझा की हैं। दरअसल, मेघना और चिरंजीवी सरजा ने एक-दूसरे को 10 साल तक डेट करने के बाद 2018 में शादी की थी। शादी के दो साल बाद ही चिरंजीवी ने अपनी पत्नी मेघना का साथ छोड़ इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। मेघना ने बताया कि पति की मौत के बाद वे बिलकुल अकेली हो गई थीं। लोगों से बात करने और हंसने से भी डरने लगी थीं। हार्ट अटैक से हुई थी चिरंजीवी की मौत चिरंजीवी की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। मेघना ने इंटरव्यू में बताया कि जब उनके पति की मौत हुई तो उस समय वे प्रेग्नेंट थीं। चिरंजीवी की मौत...
गायिका नहीं तो पेंटर होतीं उषा मंगेशकर, ‘जय संतोषी मां’ के गाने से मिली नई पहचान |

गायिका नहीं तो पेंटर होतीं उषा मंगेशकर, ‘जय संतोषी मां’ के गाने से मिली नई पहचान |

मनोरंजन
‘जय संतोषी मां’ के गाने से मिली नई पहचान, गायिका नहीं तो पेंटर होतीं उषा मंगेशकर | मशहूर गायिका उषा मंगेशकर आज अपना 87वां जन्मदिन मना रही हैं। उषा का जन्म मशहूर संगीतकार एवं गायक दीनानाथ मंगेशकर के घर में चौथी पुत्री के रूप में हुआ। बचपन से ही संगीत इन्हें विरासत में मिला है। उषा जहां लता मंगेशकर, आशा भोसले, मीना खड़ीकर से छोटी हैं, वहीं भाई हृदयनाथ मंगेशकर से बड़ी हैं। उषा ने गायिकी के क्षेत्र में अलग पहचान बनाई है। हिंदी के अलावा उन्होंने मराठी, बंगाली, भोजपुरी, नेपाली, कन्नड़ और आसामी आदि क्षेत्रीय भाषाओं के गानों को भी अपने सुरीले कंठ से सजाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उषा मंगेशकर का जन्म 15 दिसंबर 1935 को मध्य प्रदेश में हुआ। बेहद कम उम्र में ही उषा के सिर से पिता का साया उठ गया। जिस वक्त दीनानाथ मंगेशकर का निधन हुआ तब उषा की उम्र महज 6 वर्ष थी। पिता की असमय मृत्यु के बाद उष...
अरुणाचल में तनाव के बीच लद्दाख में बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीन, मिसाइल-रडार, एयरबेस की संख्या में इजाफा |

अरुणाचल में तनाव के बीच लद्दाख में बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीन, मिसाइल-रडार, एयरबेस की संख्या में इजाफा |

देश-विदेश
अरुणाचल में तनाव के बीच लद्दाख में बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीन, मिसाइल-रडार, एयरबेस की संख्या में इजाफा | नौ दिसंबर की तवांग की झड़प ने अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी सीमा पर चीन के साथ लंबित मुद्दों को सुर्खियों में ला दिया है। अब चीन की एक-एक गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। भारत के साथ तनाव के बीच चीन अपनी सक्रियता बढ़ाने से बाज नहीं आ रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीनी वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख सीमा के पास बुनियादी ढांचे का निर्माण कर अपनी तैनाती और बढ़ा दी है। ड्रैगन की इस तरह की हरकत से विवाद और अधिक बढ़ सकता है। दोनों देशों के रिश्तों में खटास आने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि 9 दिसंबर की तवांग की झड़प ने अरुणाचल प्रदेश में पूर्वी सीमा पर चीन के साथ लंबित मुद्दों को सुर्खियों में ला दिया है। बता दें कि अगस्त में ही भारत ने च...
तवांग झड़प पर बोले पूर्व विदेश सचिव गोखले , ‘चीन इस मुगालते में न रहे कि भारत चुप होकर बैठ जाएगा’, |

तवांग झड़प पर बोले पूर्व विदेश सचिव गोखले , ‘चीन इस मुगालते में न रहे कि भारत चुप होकर बैठ जाएगा’, |

देश-विदेश
तवांग झड़प पर बोले पूर्व विदेश सचिव गोखले , 'चीन इस मुगालते में न रहे कि भारत चुप होकर बैठ जाएगा', | भारत के पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा है कि चीन अगर यह सोचता है कि उसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत की तरफ से जवाब नहीं मिलेगा तो यह उसकी भूल है। अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई ताजा झड़प के बाद पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले का बयान सामने आया है। गोखले ने चीन को फटकार लगाते हुए कहा है कि चीन इस मुगालते में न रहे कि भारत एलएसी पर उसे मुंहतोड़ जवाब नहीं देगा। भारत उसकी हर गलत नीतियों का करारा जवाब देगा। पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि साल 2020 के गलवान घटना ने चीन के बारे में राष्ट्रीय जनमत को फिर से आकार देने का काम किया है। हमारी सेना हर मोर्चे पर तैयार है। 2020 के स्नो लेपर्ड ऑपरेशन को याद करे चीन, किस तरह से भारतीय सेना ने धूल चटाई थी विजय ...
आठ भर्तियों पर दो से तीन दिन में हो सकता है बड़ा फैसला, समिति ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट |

आठ भर्तियों पर दो से तीन दिन में हो सकता है बड़ा फैसला, समिति ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट |

देश-विदेश
आठ भर्तियों पर दो से तीन दिन में हो सकता है बड़ा फैसला, समिति ने आयोग को सौंपी रिपोर्ट | इन भर्तियों पर छाए हुए संकट के बादल दूर करने को आयोग ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। सूत्रों के मुताबिक, उस समिति ने अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग आठ भर्तियों पर आगामी दो से तीन दिन में बड़ा फैसला ले सकता है। इनके परीक्षण के लिए आयोग ने तीन सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया था। स्नातक स्तरीय, सचिवालय सुरक्षा संवर्ग, वन दरोगा सहित कई भर्तियों के पेपर लीक होने के कारण विवादों में आने के बाद आठ भर्तियां भी लटकी हुई हैं। इन भर्तियों पर छाए हुए संकट के बादल दूर करने को आयोग ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई थी। सूत्रों के मुताबिक, उस समिति ने अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंप दी है। अब आयोग इसका विश्लेषण कर रहा है। माना जा रहा है कि आगामी दो से तीन दिन में इन आठ भर्तियों पर ...