उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 13 साल से जेल में बंद नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मानवाधिकार और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 13 वर्षों से जेल में बंद एक नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह मामला सामने आने के बाद न्याय व्यवस्था और बाल अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि संबंधित कैदी को नाबालिग होने के बावजूद लंबे समय तक जेल में रखा गया, जो कानून और किशोर न्याय अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने इसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
कोर्ट के इस आदेश के बाद जेल प्रशासन को तुरंत रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले को बाल अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह आदेश प्रशासन के लिए भी एक चेतावनी है कि भविष्य में नाबालिगों के मामलों में कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
हाईकोर्ट के इस फैसले से न्याय व्यवस्था में भरोसा मजबूत हुआ है और लंबे समय से न्याय का इंतजार कर रहे पीड़ित को आखिरकार राहत मिली है।