Tuesday, February 24News That Matters

Author: ucnnews

राहत: उत्तराखंड में आज मिले मात्र 18 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

राहत: उत्तराखंड में आज मिले मात्र 18 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

उत्तराखण्ड, हेल्थ
-राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 342392 हो गया है। शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (Shabd Rath News)। उत्तराखंड में आज मात्र 18 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि, कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, 46 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 342392 हो गया है। देहरादून में आज सबसे ज्यादा 06 नए मरीज मिले हैं। उत्तराखंड में (Uttarakhand) वर्तमान में 463 एक्टिव केस (activ case) हैं, इनका इलाज चल रहा है। 7367 लोगों की अब तक संक्रमण से मौत (death) हो चुकी है। जिलावार चिन्हित हुए मरीजों की संख्या इस प्रकार रही देहरादून में 06, अल्मोड़ा 01, बागेश्वर 00, चमोली में 00, चम्पावत में 01, हरिद्वार में 02, नैनीताल में 02, पौड़ी गढ़वाल में 01, पिथौरागढ़ में 00, रुद्रप्रयाग में 02, टिहरी गढ़वाल में 01, ऊधमसिंहनगर 01 और उत्तरकाशी में...
आरएसएस केशव नगर शाखा ने आयोजित किया गुरु दक्षिणा कार्यक्रम

आरएसएस केशव नगर शाखा ने आयोजित किया गुरु दक्षिणा कार्यक्रम

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की केशव नगर शाखा ने रविवार को गुरु नानक बालक इंटर कॉलेज चुख्खूवाला में गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया। उत्तरी महानगर देहरादून के संघ चालक चंद्रगुप्त विक्रम ने कहा कि सभी स्वयंसेवक गुरु दक्षिणा कार्यक्रम के लिए अपने आसपास के लोगों को जोड़ने का प्रयास करें। साथ ही भाईचारा बनाए रखें। परिवार प्रबोधन प्रमुख स्वामी एस. चंद्रा ने बताया की गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का उद्देश्य आपसी भाईचारा बनाने, गुरु के प्रति श्रद्धा भाव उत्पन्न करना व सामाजिक बुराइयों से दूरी बनाना है। उन्होंने बताया आगामी 15 अगस्त को इंदिरा कॉलोनी स्थित पंचायती मंदिर में शाम पांच से आठ बजे तक गुरु दक्षिणा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में बाल स्वयं सेवक व उनके परिवार को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से समाज में एकता बनी र...
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के बाद.. अब बदलेगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष?

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के बाद.. अब बदलेगा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष?

उत्तराखण्ड, राजनीतिक
वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" उत्तराखंड में मुख्यमंत्री बदलने के बाद अब भाजपा संगठन में भी नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले गढ़वाल से ब्राह्मण चेहरे की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर ताजपोशी होगी। अभी कुछ समय पहले भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष और प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के दौरे के बाद इस तरह की खबर को बल मिला। ऐसे में कुर्सी के लिए भाजपा नेताओं की दिल्ली दौड़ शुरू हो गई है। कई नेता दिल्ली में डेरा जमाये हुए हैं। दरअसल, भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष कौशिक चुनाव लड़ना चाहते हैं। जबकि, भाजपा की नीति के अनुसार अध्यक्ष चुनाव नहीं लड़ता। ऐसे में अध्यक्ष को लेकर नया चेहरा ढूंढा जा रहा है। फिलवक्त यह भी हो सकता है कि किसी को अभी कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया जाय। जब कौशिक चुनाव लड़ें तो उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर कार्यकारी को पूर्ण अध्यक्ष बाब...
डीएलएड प्रशिक्षित शंखनाद व थाली पीटकर करेंगे नियुक्ति के लिए आंदोलन का आगाज

डीएलएड प्रशिक्षित शंखनाद व थाली पीटकर करेंगे नियुक्ति के लिए आंदोलन का आगाज

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। डीएलएड संघ प्रशिक्षितों की नियुक्ति के लिए कल यानी 9 अगस्त से शिक्षा निदेशालय में धरना प्रदर्शन शुरू करने जा रहा है। संघ के सह मीडिया प्रभारी प्रकाश दानू ने बताया कि कल आंदोलन की शुरूआत शंखनाद व थालियां पीटकर की जाएगी। दानू ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 पूर्ण करने को लेकर सरकार के विरोध में डायट डीएलएड संघ अब सीधी लड़ाई लड़ेगा। कोविड की तीसरी लहर के आने की संभावना लगातार तेज हो रही है, इसलिए धरना-प्रदर्शन भी उग्र होगा। डायट डीएलएड संघ के साथ इस लड़ाई में मंच साझा करने अन्य संघ (स्टेट रेगुलर डीएलएड संघ, पूर्व बैच डीएलएड संघ) भी शामिल हो रहे हैं। इस बार की लड़ाई आर-पार होगी। तरफ सरकार अपनी नाकामयाबी छिपाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं, उसी समय भावी शिक्षकों का एक मंच पर आकर सीधी लड़ाई करना सरकार की छवि को और धूमिल करेगा। दानू ने कहा कि कल मीडिया के...
सरहद पर खड़े रखवालों को दिल से सलाम: धामी

सरहद पर खड़े रखवालों को दिल से सलाम: धामी

उत्तराखण्ड
-आईटीबीपी एकेडमी मसूरी में आज आईटीबीपी के 42 सहायक सेनानी (जी.डी.) व 11 सहायक सेनानी (अभियन्ता) की पासिंग आउट परेड समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी के अधिकारियों की पासिंग आउट परेड में प्रतिभाग किया। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईटीबीपी एकेडमी मसूरी में आईटीबीपी के 42 सहायक सेनानी (जी.डी.) व 11 सहायक सेनानी (अभियन्ता) की पासिंग आउट परेड समारोह में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने सभी 53 प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें आईटीबीपी जैसे उत्कृष्ट बल में सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है। जिसके हिमवीर लद्दाख के कराकोरम पास से अरुणाचल प्रदेश के जेचप ला तक 3488 किमी की अति दुर्गम सीमा की सुरक्षा पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश के वीर स...
जल जीवन यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई हरी झंडी

जल जीवन यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई हरी झंडी

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अनमोल ग्राम स्वराज संस्थान की ओर से जन जागरण अभियान के तहत शुरू की जा रही जल जीवन यात्रा को हरी झंडी दिखाई रवाना किया। यात्रा का आयोजन सामाजिक संगठन महादेव सेना व ग्राम स्वराज संस्थान की ओर से किया जा रहा है। 16 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में शिवालयों में जलाभिषेक कर स्वच्छता, नशामुक्त व जल संरक्षण की शपथ कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनमोल ग्राम स्वराज संस्थान की स्वच्छता, नशामुक्ति व जल संरक्षण की दिशा में यह अच्छी पहल है। जल संरक्षण की दिशा में अनेक प्रयासों की जरूरत है। स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में सबको मिलकर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जल जीवन यात्रा के संयोजक राजेंद्र सेमवाल शास्त्री, गीता बिष्ट, गोविन्द भट्ट, ललित मनराल, कुसुम कंडवाल, सूरज लोहनी, मीरा बजा...
कवि वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” की एक हिंदी ग़ज़ल… तेरी यादों का समंदर विशाल होता है…

कवि वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” की एक हिंदी ग़ज़ल… तेरी यादों का समंदर विशाल होता है…

राष्ट्रीय
वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" देहरादून, उत्तराखंड ----------------------------------------- हिंदी ग़ज़ल -------------------------------- तेरी यादों का समंदर विशाल होता है घेर लेता है तम, तब मशाल होता है। उम्र दर उम्र की कहानियां, फसाने भी सोलहवां साल मगर बेमिसाल होता है। प्रीत की पंखुड़ियां कब से हुई फागुन हैं देखना ये है कि वो कब गुलाल होता है। नाप ली प्रीत की धरती गगन भी नाप लिया पल की मुस्कान को जीवन बेहाल होता है। बेरुखी चांद की अनजान बना फिरता है चकोर प्रीत में प्रतिदिन हलाल होता है।। ------------------------------------------------------------- कवि परिचय वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” कवि/गीतकार संप्रति – पत्रकारिता शिक्षा- एमकॉम, बीएड, पीजी डिप्लोमा इन कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग एवं मैनेजमेंट। प्रदेश महामंत्री – राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसियेशन (वॉजा इंडिय...
प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

राष्ट्रीय
प्रतिभा की कलम से देहरादून, उत्तराखंड ---------------------------------------- 'गुरुदेव' (7 अगस्त पुण्यतिथि ) 'टैगोर' कोई एक परिचय में सीमित होने वाला नाम नहीं है। वह भारत और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए 'जन गण मन' और 'आमार सोनार बांग्ला' जैसे राष्ट्रगान के रचयिता हैं। टैगोर शांति निकेतन के संस्थापक हैं। वह जोड़ासांको के जमींदार देवेंद्र नाथ ठाकुर के कनिष्ठ पुत्र भी हैं। बंगाल वालों के लिए रविंद्रसंगीत के प्रणेता हैं तो सारे भारत के गुरुदेव भी हैं। विश्व की बात की जाए तो "गीतांजलि" पर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले प्रथम भारतीय भी वही हैं। इन सबसे परे किसी भी शिक्षक और विद्यार्थी के बीच शिक्षा के आदान-प्रदान का सबसे सहज और कोमल सेतु का नाम भी है 'गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर'। टैगोर के शांति निकेतन में शिक्षा व्यवस्था का क्रम क्या था? विद्यार्थियों को पढ़ाने का तरीक...
वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

राष्ट्रीय
डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी "अवधूत" मैनपुरी, उत्तर प्रदेश ------------------------------------- ये घटा घनघोर तड़पाती हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। मोर ,दादुर और पपीहे बोलते, अब बो धरा में नित्य अमृत घोलते विरह अगिन हरपल जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। आ जाओ पुरबैया का अब तो जोर है अम्बर-धरा का ये मिलन चहुँओर है याद परदेशी की तड़पाती हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। राह तकते दिन गुजरता है नहीं ले जाओ हमको अब यहाँ से तुम कहीं, हर बूँद सावन की जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। दामिनि दमकती तो धड़कता दिल मेरा, बिरहा अगिन का ख्याल है साजन मेरा ब्रम्हानन्द तड़पाती जुदाई अब हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें।।...
जो बातें अहितकर हों उन्हें न अपने मुख में रखें न भीतर जाने दें… पचा जाएँ शिवजी की तरह

जो बातें अहितकर हों उन्हें न अपने मुख में रखें न भीतर जाने दें… पचा जाएँ शिवजी की तरह

आध्यात्मिक
भगवद चिन्तन... श्रावण मास शिवतत्व भगवान् शिव का एक नाम नीलकंठ भी है। समुद्र मंथन के समय निकले विष को लोक कल्याणार्थ भगवान शंकर पान कर गए। विष को न उन्होंने अपने भीतर जाने दिया और न ही मुख में रखा, कंठ में रख लिया। जीवन है तो पग-पग पर बुराइयों का सामना भी करना पड़ता है। जीवन को आनन्दपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक है कि जो बातें हमारे लिए अहितकर हों हम उन्हें न अपने मुख में रखें और न अपने भीतर जाने दें। शिवजी की तरह पचा जाएँ। विषमता रुपी विष अगर आपके भीतर प्रवेश कर गया तो यह आपके जीवन की सारी खुशियों को जलाकर भस्म कर देगा। इसलिए इसे कंठ तक ही रहने देना, चित (मन) तक मत ले जाना। कल का दिन किसने देखा है, आज अभी की बात करो। ओछी सोचों को त्यागो मन से, सत्य को आत्मसात करो। हिम्मत कभी न हारो मन की, स्वयं पर अटूट विश्वास रखो। मंजिल खुद पहुंचेगी तुम तक, मन में सोच कुछ खास रखो।...