Monday, February 23News That Matters

Author: ucnnews

राकेश कुंवर ने संभाली राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की कुर्सी

राकेश कुंवर ने संभाली राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की कुर्सी

उत्तराखण्ड
-नए निदेशक के रूप में राकेश कुंवर ने कार्यभार ग्रहण किया। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखण्ड के नए निदेशक राकेश कुंवर ने कल कार्यभार ग्रहण किया। अकादमिक सदस्यों ने कुंवर का स्वागत करते हुए उन्हें पौधा प्लांट भेंट किया। राकेश कुंवर ने कहा कि आप सभी लोगों के सहयोग से उत्तराखण्ड की शिक्षा व्यवस्था में कुछ और बेहतर कर पाएंगे, ऐसी मुझे आशा है। उन्होंने अनुरोध किया कि आप लोग अपना कार्य पूर्ववत् करते रहें। निसंकोच अपने विचारों व आइडियाज को मुझसे साझा करें। जहां पर मेरे मार्गदर्शन की आवश्यकता हो तो मैं हर वक्त उपलब्ध रहूंगा। एससीईआरटी की ओर से शाखा अध्यक्ष अंकित जोशी ने निदेशक का स्वागत करते हुए उनके कार्यभार ग्रहण करने पर खुशी जाहिर की। जोशी ने सभी शिक्षकों की ओर से बात रखते हुए कहा कि निदेशक महोदय के मार्गदर्शन में सभी अकादमिक ...

उत्तराखंड में आज मिले 41 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

उत्तराखण्ड, हेल्थ
-राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 342023 हो गया है। शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (Shabd Rath News)। उत्तराखंड में आज 41 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि, कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, 64 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 342023 हो गया है। ऊधम सिंह नगर में आज सबसे ज्यादा मरीज 11 नए मरीज मिले हैं। उत्तराखंड में (Uttarakhand) वर्तमान में 645 एक्टिव केस (activ case) हैं, इनका इलाज चल रहा है। 7362 लोगों की अब तक संक्रमण से मौत (death) हो चुकी है। जिलावार चिन्हित हुए मरीजों की संख्या इस प्रकार रही देहरादून में 07, अल्मोड़ा 05, बागेश्वर 01, चमोली में 00, चम्पावत में 00, हरिद्वार में 04, नैनीताल में 05, पौड़ी गढ़वाल में 01, पिथौरागढ़ में 02, रुद्रप्रयाग में 05, टिहरी गढ़वाल में 00, ऊधमसिंहनगर 11 और उत्तरकाशी ...
साहित्यकार/शिक्षिका शशि जोशी को मिलेगा नारी गौरव सम्मान

साहित्यकार/शिक्षिका शशि जोशी को मिलेगा नारी गौरव सम्मान

राष्ट्रीय
 शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। साहित्यकार व शिक्षिका शशि जोशी का चयन नारी गौरव सम्मान के लिए हुआ है। सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था "शील साहित्य परिषद" की ओर से दिया जाएगा। पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र व 2100 रुपए प्रदान किए जाएंगे। सम्मान समारोह आगामी अक्टूबर में प्रस्तावित है।  
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने जारी किया 12वीं का रिजल्‍ट

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने जारी किया 12वीं का रिजल्‍ट

राष्ट्रीय
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की कक्षा 12वीं के रिजल्‍ट जारी कर दिए गए हैं। CBSE बोर्ड रिजल्‍ट आज (शुक्रवार) दोपहर 2 बजे आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in पर जारी किए गए। छात्र छात्राएं अपना 12वीं का रिजल्ट 2021 अन्य आधिकारिक पोर्टल results.nic.in, cbse.gov.in cbse.nic.in पर भी चेक कर सकते हैं। साथ ही डिजिलॉकर (digilocker) व उमंग ऐप (UMANG App) पर भी रिज़ल्ट देख सकते हैं। गौरतलब है कि सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के लिए इस साल 14.5 लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष सीबीएसई की 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गईं थीं। रिजल्ट तय मूल्यांकन फॉर्मूले के आधार पर तैयार किया गया है।...
सनसनी: काफल के पेड़ से लटके मिले युवक युवती के शव

सनसनी: काफल के पेड़ से लटके मिले युवक युवती के शव

उत्तरप्रदेश
-मामला जनपद टिहरी गढ़वाल के करास गांव का है। गांव की एक युवती 17 जुलाई को गांव से लापता चल रही थी। स्थानीय युवक जो हरियाणा के होटल में काम करता था, वह भी 17 जुलाई को हरियाणा से पौड़ीखाल आया था। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। हिंडोलाखाल के करास गांव (पौड़ी खाल) के जंगल में युवक-युवती के शव काफल के पेड़ से लटके मिले। इस तरह शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मामला प्रेम प्रसंग का बताया जा रहा है। दोनों ही शवों की पहचान हो गई है। थाना हिंडोलाखाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। मामला जनपद टिहरी गढ़वाल के करास गांव का है। गांव की एक युवती 17 जुलाई को गांव से लापता चल रही थी। युवती के लापता होने के दौरान ही 17 जुलाई को युवक भी हरियाणा (कार्य क्षेत्र) से पौड़ीखाल आया था। कॉल डिटेल्स से उजागर हुआ कि दोनों की आपस में फोन पर बात हुई थी। पुलिस ने बताया कि दोनों के शव सड़ी गली अवस्...
बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

राष्ट्रीय
डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर अभद्र टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने बिहार के लोगों को कम दिमाग वाला बताया। डीएमके नेता उन पर तमिलों की नौकरियां छीनने का आरोप भी लगाया है। तमिलनाडु के नगर प्रशासन मंत्री और डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर नस्लीय टिप्पणी की है। उनका यह बयान बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्री ने बिहार के लोगों को तमिलों से कम होशियार बताया। साथ ही, आरोप लगाया कि बिहार के लोग तमिलनाडु में आकर स्थानीय निवासियों की नौकरियां छीन रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पेगासस कथित जासूसी कांड को लेकर बनी संसदीय समिति में शामिल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उन्हें 'बिहारी गुंडा' कहने का आरोप लगाया था। यह विवाद अब तक शांत नहीं हुआ है। अब...
ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

राजनीतिक, राष्ट्रीय
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे के दौरान राजनीतिक व सामाजिक लोगों से मुलाकात की। इसी कड़ी में ममता बनर्जी और मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर भी मिले। दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक चर्चा हुई। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। गीतकार जावेद अख्तर और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली में गुरुवार को मुलाकात हुई। जावेद के आवास पर हुई मुलाकात में उनकी पत्नी शबाना आजमी भी मौजूद थी। 'परिवर्तन' की आवश्यकता पर बात करते हुए जावेद अख्तर कहा कि बंगाल ने हमेशा 'क्रांतिकारी आंदोलनों' का नेतृत्व किया है। सभी के लिए तो नहीं कह सकता, लेकिन व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है कि 'परिवर्तन' होना चाहिए। लोकतंत्र स्थिर नहीं रह सकता। जावेद अख्तर ने कहा कि देश इस वक्त कई समस्याओं से जूझ रहा है। ध्रुवीकरण का मुद्दा हो या लोगों के भड़काऊ बयान इन मुद्दों को लेकर देश में तनाव का...

 जसबीर सिंह ‘हलधर’ … जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है!

राष्ट्रीय
जसबीर सिंह 'हलधर' देहरादून, उत्तराखंड ------------------------------------------- कविता -जिंदगी --------------------- जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है ,तू सबको गले लगाती है!! पिंजड़े में फँसकर देख लिया, विपदा में हँसकर देख लिया! सौ बार नदी को पार किया, दलदल में धँसकर देख लिया! तू मानस का हर मौके पर, भेजा भी खूब चबाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!1!! जागें सब तेरे संग संग, भागें सब तेरे संग संग! साँसों का माँझा बना रखा, डोरी हैं सब तू है पतंग! तू कब कट के गिर जाएगी, हर पग पर राज छुपाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!2!! तू कभी महकती बाहों में, तू कभी चहकती राहों में! नखरे भी तेरे बहुत बड़े, तू कभी दहकती आहों में! आँसू आँखों में खारे है, मीठी भी नींद सुलाती है! जो जैसा जो भी कुछ है, ...
“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

राष्ट्रीय
"पागल फ़क़ीरा" भावनगर, गुजरात --------------------------------------- क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को, धुंध हटेगी, धूप खिलेगी, फिर दिन नया है छाने को। साहिल पर बैठे बैठे डरते रहने से क्या होगा दोस्त, लहरों से लड़ना होगा उस पार समन्दर जाने को। प्यार इश्क़ तो है पुरानी बातें, कैसे इनसे नज़्में सजे, आज की क़लम वो दर्द लाई सोती रूह जगाने को। दिन गुज़रा याद दिलाता है, भूली बिसरी बातें अब, सुर नया हो, ताल नया हो, गाये नये अफ़साने को। ख़ुद के हाथों की लक़ीरों को तू करले ख़ुद के बस में, "फ़क़ीरा" तेरी रूठी तक़दीर कौन आये उसे मनाने को।  ...

नीरज नैथानी….. कुशला फूफू के आ जाने का मतलब था जच्चा-बच्चा की खैरियत

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड मेरे गांव में बीमारियों का इलाज साथियों पिछली बार मैंने आपको बताया कि जब हमारे गांव में सड़क नहीं पहुंची थी तो किसी बीमार को डाक्टर के पास दिखाने के लिए पिनस पर ले जाते थे। लेकिन, मैं जिक्र करना भूल गया कि डाक्टर के पास ले जाने की नौबत ही बहुत कम आती थी। अब आप इसका यह मतलब कतई न निकालिएगा कि हमारे गांव में कोई बीमार ही नहीं पड़ता था। गाहे-बगाहे मौसम का मिजाज बदलने पर या बदपरहेजी होने की वजह से लोगों की तवियत बिगड़ा ही करती थी। उस जमाने में गांव में न तो राजकीय प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (पीएचसी), न  डाक्टर, न कम्पाउंडर और न ही कोई मेडिकल स्टोर हुआ करता था। लेकिन, हर बीमारी के इलाज के पारम्परिक तरीके जरूर हुआ करते थे। मसलन, किसी घर में बहू को प्रसव होना‌ है तो गांव की कुशला फूफू की सेवाएं ली जाती थीं। साठ-पैंसठ के आसपास की उम्र की कुशला फूफू पास...