मायावती अब ब्राह्मणों की शरण में, बसपा ने तैयार किया रोड मैप
दलितों के बड़े वोट बैंक पर भाजपा ने कब्जा कर लिया है। -बसपा ने इसीलिए अब दोबारा सोशल इंजीनियरिंग का लिया सहारा ताकि हिंदुओं के तीर्थ स्थान अयोध्या में चुनावी राजनैतिक फसल बोई जा सके।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती को इस बात की भनक लग चुकी है कि आखिर उनके पैरों के नीचे राजनैतिक जमीन खिसक कैसे रही है। पैरों के नीचे की जमीन ब्राह्मणों की वजह से नहीं बल्कि दलितों के उस बड़े वर्ग के शिफ्ट होने से खिसक रही है, जिस पर मोदी ने धीरे-धीरे ही सही, लेकिन अपना जाल बिछाकर गैर जाटव दलितों को अपने खेमे में शामिल करना शुरू कर दिया है। ऐसे में अब मायावती के पास तुरुप की चाल के तौर पर सोशल इंजीनियरिंग का ही दांव बचता है। इसीलिए बसपा ने ब्राह्मणों से अपनी पार्टी में जुड़ने की पेशकश की है। यही वजह है कि हिंदुओं के बड़े तीर्थ स्थल अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलनों की शुरुआत करने की बात कही है।
दरअस...

