Sunday, January 18News That Matters

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रेलवे स्टेशन के पास कबाड़ व नशेड़ियों का जमावड़ा

रेलवे स्टेशन के पास कबाड़ व नशेड़ियों का जमावड़ा

उत्तराखण्ड
रेलवे स्टेशन के पास कबाड़ व नशेड़ियों का जमावड़ा अनेक दृश्य पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर खड़े कर रहे सवाल? देहरादून - गंतव्य स्थानों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों एवं पर्यटकों के मुख्य द्वार विशेष रुप से सर्वप्रथम रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डे ही होते हैं और यहीं से स्थान की व्यवस्था में व्यवस्थाओं का भी पता लग जाता है, उन सभी व्यवस्थाओं एवं संभावित अव्यवस्थाओं के दर्शन होने शुरू हो जाते हैं| इन दिनों देहरादून बाहर से आने वाले पर्यटकों, तीर्थ यात्रियों के लिए सैर सपाटे तथा चार धाम यात्रा करने के लिहाज से काफी बड़ा मुकाम हासिल किए हुए हैं, लेकिन दुखद विषय यह है कि इसी देहरादून का रेलवे स्टेशन एवं आईएसबीटी दोनों ही स्थानों के द्वार से निकलते ही गंदगी तथा कबाड़ के दर्शन हो रहे हैं, जो कि न सिर्फ दुर्गंध फैला रहे हैं बल्कि साफ-सफाई की व्यवस्थाओं को भी ठेंगा दिखा रहे हैं|स्थानीय रेलवे स्टेश...
हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया!

हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया!

उत्तराखण्ड
हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया! देवभूमि की सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में अनेक अफसरों का भी रहा है योगदान? देहरादून - पहाड़ का पर्यावरण असुरक्षित नजर आ आ रहा है| चारों ओर या तो पेड़ों के अवैध कटान आए-दिन हो रहे हैं, या फिर हरे भरे वृक्षों की जड़ों में आग लगाकर तथा खतरनाक रसायनिक केमिकल डालकर उनको नष्ट करने का बड़ा खेल खेला जा रहा है और इस सबके पीछे वन एवं भू माफियाओं का हाथ ही है, जिनको कि कहीं न कहीं उच्च स्तर से संरक्षण भी मिला रहता है | यही कारण है कि जंगलों में अवैध कटान तथा हरियाली को नष्ट करने अथवा कम करने की दिशा में विकास तथा स्वार्थों के नाम पर कार्य निरंतर किए जा रहे हैं | उत्तराखंड राज्य की हरियाली को काफी तेजी के साथ नष्ट करने का षड्यंत्र जिस तरह से पिछले काफी लंबे समय से रचा जा रहा है, वह वास्तव में न सिर्फ पहाड़ों की आकर्षण सुंदरता को धीरे-धी...
उफ्फ!आईएसबीटी क्षेत्र में गंदगी ही गंदगी

उफ्फ!आईएसबीटी क्षेत्र में गंदगी ही गंदगी

उत्तराखण्ड
उफ्फ!आईएसबीटी क्षेत्र में गंदगी ही गंदगी * नगर निगम सो रहा... स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारी भी बने हैं लापरवाह... * सड़कों के किनारे खड़े कबाड़ वाहन फैला रहे भारी पैमाने पर गंदगी देहरादून-  उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का हाल बेहाल बना हुआ नजर आ रहा है | अनेक स्थान ऐसे हैं, जहां पर गंदगी फैली हुई है और नगर निगम के कर्मचारी और क्षेत्रीय पार्षद कुंभकरण की नींद में सोए हुए हैं I पार्षदगण अपने-अपने क्षेत्र के लिए भिन्न-भिन्न कार्यों हेतु अच्छा खासा पर्याप्त बजट अपने नगर निगम बोर्ड की बैठक में पास कराने हेतु एड़ी चोटी का जोर लगा लेते हैं, लेकिन जो साफ-सफाई की व्यवस्था सर्वप्रथम होनी चाहिए, उसके लिए यह पार्षद गण गंभीर दिखाई नहीं देते हैं |इन दिनों आईएसबीटी क्षेत्र के इर्द-गिर्द के नजारे देखने को मिले तो वहां गंदगी जगह-जगह फैली हुई दिखाई दी|इस फैली हुई गंदगी को देखते हुए बात की जा रही...
गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर क्रांतिकारी सुरेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई भू कानून की मांग ,धरने की शुरुआत |

गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर क्रांतिकारी सुरेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई भू कानून की मांग ,धरने की शुरुआत |

उत्तराखण्ड
गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर क्रांतिकारी सुरेंद्र सिंह रावत द्वारा की गई भू कानून की मांग ,धरने की शुरुआत | प्रेस विज्ञप्ति सम्मानित पत्रकार बंधुओं आज दिनांक 23–5–2022 रविवार को गांधी पार्क के मुख्य द्वार पर क्रांतिकारी सुरेंद्र सिंह रावत द्वारा हिमाचल की तर्ज पर उत्तराखंड में भी सशक्त भू कानून की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने की शुरुआत कर दी गई है। सम्मानित साथियों सरकार द्वारा चुनाव के दौरान भू कानून को लागू करने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की फोटो बड़े-बड़े बैनरओ हॉर्डिंगो पर लगाकर करोड़ों रुपए का प्रचार प्रसार प्रदेश भर में किया गया और संदेश दिया गया कि यदि भाजपा सरकार दोबारा प्रदेश में आती और धामी जी मुख्यमंत्री बनते है तो शीघ्र ही भू कानून लागू किया जाएगा लेकिन अत्यंत खेद का विषय है कि अब माननीय मुख्यमंत्री भू कानून पर कोई दिलचस्पी नजर नहीं रही एवं मुख्यमंत्री व प्रधानम...
राजधानी में घूमता हुआ आईना…

राजधानी में घूमता हुआ आईना…

उत्तराखण्ड
राजधानी में घूमता हुआ आईना... सीवर लाइन की समस्याएं दे रही है परेशानियां शहर के मुख्य मार्गों पर ओवर फ्लो सीवर की समस्याओं से फैल रही दुर्गंध देहरादून - राजधानी के मुख्य सड़क मार्गों पर अनेक जगह आए दिन सीवर की ओवरफ्लो समस्याएं परेशानियां खड़ी करने में पीछे नहीं है | सीवर लाइन के के मेन हॉल में उनके चोक होने के कारण सीवर लाइन की समस्या उत्पन्न होती रही  है | इस प्रकार की समस्याएं शहर भर में विभिन्न जगहों पर होते रहने के कारण न सिर्फ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, बल्कि वाहन चालकों एवं व्यापारिक प्रतिष्ठानों के कार्यों में भी व्यवधान उत्पन्न होता है| सबसे बड़ी बात यह है कि सीवर लाइन के चोक होने के मामलों से दुर्गंध फैल जाती है जिससे कि विभिन्न संक्रामक रोग उत्पन्न होने का अंदेशा बना रहता है| खास बात यह है कि आए दिन सीवर लाइन के ओवरफ्लो होने के मामले आखिर क्यों बढ़ते रहत...
ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक|

ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक|

राष्ट्रीय
ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक *एसएसपी साहब देखिए! राजधानी के मुख्य बाजार पलटन बाजार से होकर घंटाघर की ओर गुजर रही है कारें *वाहनों के प्रवेश हेतु प्रतिबंधित क्षेत्रों में दोपहिया और चार पहिया वाहनों का प्रतिदिन गुजरना बन गया है आम? देहरादून-  यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाने में कई वाहन चालक महारथ हासिल करते रहते हैं | ऐसी महाशय मुख्य बाजारों एवं चौराहों से गुजरने में अक्सर ट्रैफिक रूल्स का खुला उल्लंघन करते हुए देखे जाते हैं| ऐसा लगता है कि मानो उनके लिए कोई रूल्स ही नहीं है? दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों के चालक पुलिस द्वारा निर्धारित यातायात के नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं रहते और अक्सर तो यह वाहन चालक पुलिसकर्मी से ही भीड़ जाते हैं | राजधानी देहरादून का सबसे मुख्य बाजार पलटन बाजार माना जाता है, इसी पलटन बाजार से लगती हुई शहर थाना कोतवाली भी इसी बाजार मे...
अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन

अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन

उत्तराखण्ड
अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन *यात्री वाहन निर्धारित रूट नहीं कर रहे पूरा, यात्रियों को होती है परेशानी *आरटीओ कार्यालय से आखिर क्यों नहीं हो पा रही मनमानी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही? देहरादून -  उत्तराखंड की राजधानी दून की सड़कों पर यातायात का भारी पैमाने पर दबाव है | प्रतिदिन यहां की सड़कों पर जहां दिन-रात सरपट वाहन दौड़ते हैं, वहीं यातायात व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई नजर आती है | मुख्य चौराहों और सड़कों पर कई ऐसे वाहन देखें जाते हैं जो कि अव्यवस्थित तरीके से नियमों को ताक पर रखकर अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से मोड़ देते हैं | ऐसे में सड़क दुर्घटनाएं भी होती रही है | यातायात के दौरान चौराहे पर रेड सिग्नल होने पर भी कई वाहन चौराहे को पार करने में लगे रहते हैं और यातायात के नियमों की धज्जियां समय-समय पर उड़ाई जाती है | अक्सर ऐसा देखा गया है कि श...
उत्तराखण्ड
गजब : राजधानी दून के शहरी क्षेत्र में घूमता आईना... घटिया गुणवत्ता और अव्यवस्थित सिस्टम से जूझ रही जनता! *लैंसडाउन चौक पर भाजपा महानगर कार्यालय के सामने का दृश्य दुर्घटना को दे रहा न्योता देहरादून - सड़कों और नालियों के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की शिकायतें जहां सामने आती रहती हैं, वही इस तरह के घटिया निर्माण होने के कारण सड़क एवं नालियां अधिक समय तक ठीक-ठाक नहीं रहती हैं और वह संबंधित सरकारी विभाग अथवा सरकारी सिस्टम को आईना दिखाती रहती हैं| यही नहीं, आए दिन सड़कों के बीचो-बीच गड्ढे खोदकर डाल देना तथा लंबे समय तक उनकी कोई भी सुध न लेना भी शायद सरकारी सिस्टम में समाहित है? राजधानी की सड़कों और चौराहों के आसपास के अनेक नजारे इन दिनों इसी सरकारी अव्यवस्थित सिस्टम को जिस तरह से आइना दिखा रहे हैं, वह आम जनता के साथ ही विदेशी एवं बाहरी विभिन्न राज्यो से आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थ यात्...

खेलो मास्टर गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव ने की खिलाड़ियों के नाम की घोषणा

उत्तराखण्ड
खेलो मास्टर गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव ने की खिलाड़ियों के नाम की घोषणा "खेलो मास्टर्स गेम्स" नेशनल प्रतियोगिता मे 85 खिलाड़ी करेंगे प्रतिभाग : वीरेंद्र रावत देहरादून - 'खेलो मास्टर्स गेम्स' फाउंडेशन ऑफ़ उत्तराखंड के महासचिव विरेन्द्र सिंह रावत ( नेशनल और स्टेट अवार्ड से सम्मानित ) ने जानकारी देते हुए उत्तरांचल प्रेस क्लब में मीडिया को बताया कि उत्तराखंड राज्य का मुख्य खेल फुटबाल है, इसी तर्ज पर उत्तराखंड की फुटबाल टीम उम्र 40 प्लस, 50 प्लस पुरुषों की और एथलेटीक की टीमें प्रतिभाग करेंगी, जिसमे उत्तराखंड से 85 खिलाडी प्रतिभाग करेंगे | श्री रावत ने बताया कि खेलो मास्टर्स गेम्स फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया के तत्वधान मे दिल्ली मे 30 अप्रैल से 3 मई तक त्यागराज स्टेडियम मे प्रतियोगिता आयोजित होगी | प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व मे खेलों क़ो बढ़ावा देने के लिए खेलों इंडिया, फि...
प्यासी जनता के लिए बने “हैंडपंप हुए सूखे”

प्यासी जनता के लिए बने “हैंडपंप हुए सूखे”

उत्तराखण्ड
प्यासी जनता के लिए बने "हैंडपंप हुए सूखे" जल संस्थान के अधिकारी लंबे समय से खराब पड़े हैंडपंपों की क्यों नहीं ले रहे सुध? देहरादून - उत्तराखंड जल संस्थान एक ऐसा विभाग है, जो कि प्यासी एवं समस्याग्रस्त जनता को परेशानी तथा प्यासा होने से से बचाता है और इस संस्थान के अफसरों व कर्मचारियों का मुख्य उद्देश्य भी लोगों को न सिर्फ शुद्ध जल देना है, बल्कि पेयजल की आपूर्ति भी सुनिश्चित कराना है| लेकिन इस विभाग के अफसरों व कर्मचारियों पर लापरवाही तथा भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहते हैं | इसके बावजूद यह विभाग जनता को प्यासा ही रखे हुए हैं| यही नहीं, दूषित पानी भी पेयजल में इस्तेमाल होने की समस्या भी काफी गंभीर है |क्षतिग्रस्त सीवर लाइन होने से पेयजल दूषित होने के कारण भिन्न-भिन्न बीमारियां भी लोगों को घेरे रहती हैं | आखिर इन सब के लिए क्या यह संबंधित विभाग जिम्मेदार नहीं है? राज्य सरकार की ओर से जन...