Saturday, January 10News That Matters

Tag: #uttarakhand updates

अल्मोड़ा की बेटी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, महाराष्ट्र में दमदार प्रदर्शन कर वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप के लिए हासिल किया टिकट

अल्मोड़ा की बेटी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, महाराष्ट्र में दमदार प्रदर्शन कर वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप के लिए हासिल किया टिकट

उत्तराखंड
अल्मोड़ा की बेटी ने बढ़ाया उत्तराखंड का मान, महाराष्ट्र में दमदार प्रदर्शन कर वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप के लिए हासिल किया टिकट अल्मोड़ा जनपद के लिए यह गर्व का क्षण है, जब पहाड़ की प्रतिभाशाली बेटी ने योग के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। महाराष्ट्र में आयोजित प्रतिष्ठित योगासन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए उन्होंने वर्ल्ड योगासन चैम्पियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर इस उपलब्धि को हासिल करने वाली खिलाड़ी ने यह साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी भी प्रतिभा के रास्ते नहीं रोक सकती। पहाड़ी परिवेश में पली-बढ़ी इस योग साधिका की सफलता ने न केवल अल्मोड़ा, बल्कि पूरे उत्तराखंड को गौरवान्वित किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर परिवार, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ...
अंकिता भंडारी प्रकरण: वायरल ऑडियो से बढ़ी जांच की रफ्तार, उर्मिला सनावर व सुरेश राठौर पर NBW

अंकिता भंडारी प्रकरण: वायरल ऑडियो से बढ़ी जांच की रफ्तार, उर्मिला सनावर व सुरेश राठौर पर NBW

उत्तराखंड
अंकिता भंडारी प्रकरण: वायरल ऑडियो से बढ़ी जांच की रफ्तार, उर्मिला सनावर व सुरेश राठौर पर NBW अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े एक वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऑडियो की सामग्री और उससे जुड़े तथ्यों के आधार पर उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके चलते दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन पड़ताल चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए हर उस व्यक्ति से पूछताछ होगी, जिसकी भूमिका सामने आएगी। वहीं, वारंट जारी होने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा...
ऑपरेशन कालनेमि में बड़ा खुलासा: उत्तराखंड में फर्जी बाबाओं व ठगों पर कड़ा प्रहार, 19 बांग्लादेशियों समेत 511 गिरफ्तार

ऑपरेशन कालनेमि में बड़ा खुलासा: उत्तराखंड में फर्जी बाबाओं व ठगों पर कड़ा प्रहार, 19 बांग्लादेशियों समेत 511 गिरफ्तार

उत्तराखंड
ऑपरेशन कालनेमि में बड़ा खुलासा: उत्तराखंड में फर्जी बाबाओं व ठगों पर कड़ा प्रहार, 19 बांग्लादेशियों समेत 511 गिरफ्तार उत्तराखंड में अपराध और ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी बाबाओं और ठग गिरोहों पर शिकंजा कसा है। राज्यभर में की गई इस विशेष मुहिम में कुल 511 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 19 बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी धर्म, तंत्र-मंत्र और चमत्कारों का सहारा लेकर लोगों को ठगने और अवैध गतिविधियों में संलिप्त थे। अभियान के दौरान संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर दस्तावेजों की जांच की गई और अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा, ताकि आमजन को ठगी से बचाया जा सके और कानून-व्यवस्था मजबूत बनी रहे।...
बच्चों को भिक्षा नहीं; शिक्षा जरूरी; भिक्षावृत्ति  व बालश्रम में संलिप्त एक-एक बच्चे को रेस्क्यू करने तक जारी रहेगा जिला प्रशासन का अभियान

बच्चों को भिक्षा नहीं; शिक्षा जरूरी; भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त एक-एक बच्चे को रेस्क्यू करने तक जारी रहेगा जिला प्रशासन का अभियान

उत्तराखंड
बच्चों को भिक्षा नहीं; शिक्षा जरूरी; भिक्षावृत्ति व बालश्रम में संलिप्त एक-एक बच्चे को रेस्क्यू करने तक जारी रहेगा जिला प्रशासन का अभियान   देहरादून, दिनांक 23 दिसंबर 2025(सूवि) जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में बाल भिक्षावृत्ति एवं बालश्रम के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में DTF टीम, लेबर इंस्पेक्टर, AHTU एवं चाइल्डलाइन ऋषिकेश की संयुक्त टीम द्वारा ऋषिकेश क्षेत्र से भिक्षावृत्ति में लिप्त तीन बच्चों को रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू की कार्रवाई के उपरान्त विधिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए एक बालिका को बालिका निकेतन, जबकि दो बच्चों को शिशु सदन में सुरक्षित रूप से आवासित किया गया है, जहाँ उनके संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास की समुचित व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में जिला प्रशासन द्वारा जनपद स...
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में अयोग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का गंभीर खुलासा

उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में अयोग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का गंभीर खुलासा

उत्तराखंड
उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग में अयोग्य विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति का गंभीर खुलासा उत्तराखंड के अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि कई स्थानों पर ऐसे डॉक्टरों को विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया गया, जिनके पास न तो आवश्यक विशेषज्ञता (PG डिग्री) थी और न ही उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल (UMC) का अनिवार्य पंजीकरण। यह गंभीर मामला भी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्र शेखर जोशी द्वारा उजागर किया गया है, जिन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर तुरंत जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामले की पृष्ठभूमि 28 अप्रैल 2025 को स्वास्थ्य विभाग ने 45 विशेषज्ञ डॉक्टरों की अस्थायी तैनाती का आदेश जारी किया। लेकिन दस्तावेज़ों की जांच में सामने आया कि: कई डॉक्टरों ने UMC पंजीकरण नहीं कराया था। कुछ डॉक्टरों ने अभी तक PG भी उत्तीर्ण नहीं किया...