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मा0 मुख्यमंत्री व राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्यों में कोताही क्षम्य नहीः डीएम

मा0 मुख्यमंत्री व राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्यों में कोताही क्षम्य नहीः डीएम

उत्तराखंड
मा0 मुख्यमंत्री व राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ग्रीन बिल्डिंग निर्माण कार्यों में कोताही क्षम्य नहीः डीएम हरिद्वार रोड स्थित स्मार्ट सिटी लिमिटेड परियोजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ग्रीन बिल्डिंग कार्यों की प्रगति को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने ऋषिपर्णा सभागार में विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रीन बिल्डिंग का निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा जून 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों से आज ही पर्ट चार्ट (प्रोग्राम इवैल्यूएशन एंड रिव्यू टेक्नीक), रिवाइज्ड मटीरियल प्लान एवं लेबर प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि संशोधित पर्ट चार्ट ...
उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 13 साल से जेल में बंद नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश

उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 13 साल से जेल में बंद नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश

उत्तराखंड
उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: 13 साल से जेल में बंद नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश उत्तराखंड हाईकोर्ट ने मानवाधिकार और न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने 13 वर्षों से जेल में बंद एक नाबालिग कैदी को तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं। यह मामला सामने आने के बाद न्याय व्यवस्था और बाल अधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि संबंधित कैदी को नाबालिग होने के बावजूद लंबे समय तक जेल में रखा गया, जो कानून और किशोर न्याय अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। अदालत ने इसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कोर्ट के इस आदेश के बाद जेल प्रशासन को तुरंत रिहाई की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले को बाल अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही यह...
अपराध: सड़क हादसे में किशोर की मौत, रामनगर में खेत से मादा गुलदार का शव मिलने से सनसनी

अपराध: सड़क हादसे में किशोर की मौत, रामनगर में खेत से मादा गुलदार का शव मिलने से सनसनी

उत्तराखंड
अपराध: सड़क हादसे में किशोर की मौत, रामनगर में खेत से मादा गुलदार का शव मिलने से सनसनी उत्तराखंड में दो अलग-अलग घटनाओं ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पहली घटना में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक किशोर की जान ले ली, जिससे परिजनों में कोहराम मच गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। दूसरी ओर रामनगर क्षेत्र में एक खेत से मादा गुलदार का शव मिलने से वन विभाग और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गुलदार की मौत के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के कारणों का खुलासा हो सके। दोनों ही घटनाओं को लेकर प्रशासन और संबंधित विभाग सतर्क हो गए हैं। जहां सड़क हादसे के मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग उठ रही है, वहीं गुलदार की मौत को लेकर वन्यजीव संरक...
हाईकोर्ट के आदेश का असर: UKPSC ने परीक्षा परिणाम किया रद्द, अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता

हाईकोर्ट के आदेश का असर: UKPSC ने परीक्षा परिणाम किया रद्द, अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता

उत्तराखंड
हाईकोर्ट के आदेश का असर: UKPSC ने परीक्षा परिणाम किया रद्द, अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने एक महत्वपूर्ण परीक्षा का परिणाम निरस्त कर दिया है। कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए आयोग ने यह फैसला लिया, जिससे संबंधित परीक्षा में शामिल हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बताया जा रहा है कि परीक्षा प्रक्रिया और परिणाम को लेकर उठे विवाद/याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया। इसके बाद UKPSC ने तत्काल प्रभाव से परीक्षा परिणाम को रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी। आयोग की ओर से कहा गया है कि आगे की प्रक्रिया हाईकोर्ट के आदेशों और कानूनी सलाह के अनुसार तय की जाएगी। परिणाम निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता का माहौल है। कई अभ्यर्थी अब पुनः परीक्षा या नए निर्देशों को लेकर UKPSC की अगली सूचना का इंत...
इलाज या लूट? 2 घंटे में 80 हजार का बिल, अस्पताल पर शव सौंपने से इनकार का आरोप

इलाज या लूट? 2 घंटे में 80 हजार का बिल, अस्पताल पर शव सौंपने से इनकार का आरोप

उत्तराखंड
इलाज या लूट? 2 घंटे में 80 हजार का बिल, अस्पताल पर शव सौंपने से इनकार का आरोप इलाज के नाम पर मरीज के परिजनों से कथित तौर पर भारी भरकम वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल ने महज दो घंटे के इलाज के नाम पर करीब 80 हजार रुपये का बिल थमा दिया। परिजनों का कहना है कि इतनी बड़ी रकम चुकाने के बावजूद मरीज की जान नहीं बच सकी और इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव सौंपने से भी इनकार कर दिया। परिजनों के अनुसार, मरीज को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था, जहां तत्काल इलाज का आश्वासन दिया गया। लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही लगातार पैसों की मांग की जाती रही। मरीज की मौत के बाद जब परिजनों ने शव ले जाने की बात कही, तो अस्पताल प्रबंधन ने बिल भुगतान का हवाला देते हुए शव देने से मना कर दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल पर लूट और अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी संबंधित प्रश...
अंकिता मामले ने झकझोरा ज़मीर, भाजपा के पूर्व मंत्री ने दिया इस्तीफा

अंकिता मामले ने झकझोरा ज़मीर, भाजपा के पूर्व मंत्री ने दिया इस्तीफा

उत्तराखंड
अंकिता मामले ने झकझोरा ज़मीर, भाजपा के पूर्व मंत्री ने दिया इस्तीफा उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनता में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच भाजपा के पूर्व राज्य मंत्री ने इस मामले से व्यथित होकर अपने पद से त्यागपत्र दे दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज की असंवेदनशीलता को दर्शाती हैं और जनप्रतिनिधि होने के नाते चुप रहना संभव नहीं है। इस्तीफे को राजनीतिक हलकों में बड़ा संदेश माना जा रहा है, वहीं लोग इसे पीड़िता के लिए न्याय की मांग को मजबूती देने वाला कदम बता रहे हैं।...
उत्तराखंड में पाला बना जानलेवा: 20 दिनों में 11 मौतें, सड़कें बनीं फिसलन का जाल

उत्तराखंड में पाला बना जानलेवा: 20 दिनों में 11 मौतें, सड़कें बनीं फिसलन का जाल

उत्तराखंड
उत्तराखंड में पाला बना जानलेवा: 20 दिनों में 11 मौतें, सड़कें बनीं फिसलन का जाल उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड के साथ पाला जमना अब जानलेवा साबित हो रहा है। पिछले 20 दिनों में पाले के कारण फिसलन भरी सड़कों पर 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार गिरते तापमान ने सड़कें शीशे जैसी फिसलन भरी बना दी हैं, जिससे वाहनों का नियंत्रण खोना आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों और प्रशासन के अनुसार, सुबह और देर शाम के समय सड़कों पर पाले की परत जम जाने से खतरा कई गुना बढ़ जाता है। कई जगहों पर बाइक, कार और बसें फिसलकर खाई में जा गिरीं, जिससे बड़े हादसे हुए। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकती है, क्योंकि ठंड का प्रकोप तेज हो रहा है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे रात और सुबह के समय यात्रा से बचें तथा ...