चीन के साथ परस्पर सम्मान के रिश्तों के इच्छुक, भारत के पास अब कई रक्षा विकल्प |
चीन के साथ परस्पर सम्मान के रिश्तों के इच्छुक, भारत के पास अब कई रक्षा विकल्प |
जयशंकर ने कहा कि हम अब उन कुछ देशों में से एक हैं, जिनके पास हमारे सामने रक्षा विकल्पों की एक बहुत विस्तृत श्रृंखला है। संयुक्त राष्ट्र में सुधारों को लेकर उन्होंने कहा कि इन्हें हमेशा खारिज नहीं किया जा सकता, लेकिन भारत यह भी जानता है कि ये सुधार आसान नहीं हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी 11 दिनी अमेरिका यात्रा के समापन पर वॉशिंगटन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश की विदेश नीति को लेकर समग्र विचार रखे। उन्होंने चीन को लेकर कहा कि भारत उसके साथ परस्पर सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हित पर आधारित रिश्ते चाहता है। भारत की रक्षा को लेकर उन्होंने एक समय था, जब हमारे पास विकल्प कम थे, लेकिन आज अनेक विकल्प खुले हैं।
जयशंकर ने कहा कि हम अब उन कुछ देशों में से एक हैं, जिनके पास हमारे सामने रक्षा विकल्पों की ...



