Monday, February 23News That Matters

Author: ucnnews

सड़कों के घटिया निर्माण पर लोनिवि मंत्री ने दिए जांच के आदेश

सड़कों के घटिया निर्माण पर लोनिवि मंत्री ने दिए जांच के आदेश

उत्तराखण्ड
-कैबिनेट मंत्री व चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने रविवार को भी अपने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान कई योजनाओं का लोकार्पण करने के साथ ही उन्होंने सड़कों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। महाराज ने कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने सड़कों के घटिया निर्माण को लेकर जांच के आदेश दिए।  शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। कैबिनेट मंत्री व चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने रविवार को भी अपने विधानसभा क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान अनेक योजनाओं का लोकार्पण करने के साथ-साथ सड़कों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने मौके पर ही सड़कों के घटिया निर्माण के जांच के आदेश दिए। महाराज ने विकासखंड बीरोंखाल के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत बच्चों को बैठने के लिए विधायक निधि से क्रय किए गए फर्नीचर और महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी कित का वितरण किया। उन्होने मैठा...

उत्तराखंड में आज मिले 51 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

उत्तराखण्ड, हेल्थ
-राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341724 हो गया है। शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (Shabd Rath News)। उत्तराखंड में आज 51 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि, कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, 24 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341724 हो गया है। उत्तराखंड में (Uttarakhand) वर्तमान में 637 एक्टिव केस (activ case) हैं, इनका इलाज चल रहा है। 7359 लोगों की अब तक संक्रमण से मौत (death) हो चुकी है। जिलावार चिन्हित हुए मरीजों की संख्या इस प्रकार रही देहरादून में 09, अल्मोड़ा 01, बागेश्वर 01, चमोली में 01, चम्पावत में 01, हरिद्वार में 03, नैनीताल में 09, पौड़ी गढ़वाल में 02, पिथौरागढ़ में 09, रुद्रप्रयाग में 04, टिहरी गढ़वाल में 02, ऊधमसिंहनगर 07 और उत्तरकाशी में 02 नए मरीज चिन्हित हुए हैं।...

पुण्यतिथि पर विशेष…कवि वीरेन्द्र डंगवाल “पार्थ” की काव्यांजलि… घनाक्षरी छंद…जन के सुमन तुम्हें शतश नमन

राष्ट्रीय
वीरेन्द्र डंगवाल "पार्थ" देहरादून, उत्तराखंड जन के सुमन तुम्हें शतश नमन जन्मा वीर योद्धा एक, दुख सहे थे अनेक अमर बलिदानी जी, श्रीदेव सुमन है पिता वैध हरिराम, जन्मभूमि जौल ग्राम तेजस्वी मां तारादेवी, शतश वंदन है जनता की पीड़ा सुनी, संघर्षों की राह चुनी मुक्ति अत्याचार से जी, दिलाने का मन है घूम घूम रियासत, लोगों को जाग्रत किया समर्पित कर दिया, जन को यौवन है।। राजशाही अत्याचार, ढोएंगे न लोग अब खत्म होगा टिहरी से, जन का दमन है महकेगा सुख के जी, कुसुमों से राज्य सारा सुखी समृद्ध जनता, सुमन सपन है क्रांति ज्वाला उठी जब, महल में हलचल देखो जननायक को, आ गया समन है कारिदों ने राजा के तो, डाल दिया का कारावास पड़ी हथकड़ी सेर, पैंतीस वजन है।। झुका नहीं वीर योद्धा, कारा की प्रताड़ना से विचारों में आज तक, गजब तपन है अधिकार जन को दो, चाहे मेरी जान ले लो अन्न जल त्याग...
हरीश कण्डवाल ‘मनखी’ की कहानी… पैतृक भूमि का सौदा

हरीश कण्डवाल ‘मनखी’ की कहानी… पैतृक भूमि का सौदा

राष्ट्रीय
हरीश कण्डवाल 'मनखी' पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड -------------------------------------------------------------- पैतृक भूमि का सौदा ( कहानी)  रमन के पिताजी बचपन में ही अपने चाचा जी के साथ मुंबई आ गये थे, उसके बाद वह मुबई के होकर रह गये। रमन ने जब भी गॉव जाने की बात कही तो उसके पिताजी हमेशा यह कहकर टाल देते कि वहॉ तो जंगली जानवर रहते हैं, साथ ही वहॉ प्राकृतिक आपदा आती रहती है, वहॉ जाकर क्या करना है। रमन के बालमन में अपने पैतृक गॉव के प्रति एक डर सा बैठ गया। रमन की शादी हो गई वह कभी अपने गॉव नहीं जा पाया। शादी के बाद रमन की एक बेटी और एक बेटा हो गया, उनको तो कभी गॉव का अता पता ही नहीं था। वहीं रमन के एक चाचा जो दिल्ली में रहते थे वह कभी कभी फोन कर लेते थे। वक्त बीतता गया, सक्षम भी बड़ा हो गया, वह कम्प्यूटर इंजीनियर का कोर्स पूरा करने के बाद वह नोयड़ा में प्रतिष्ठित कंपनी में कम्प्यूटर इ...

चलो चले गांव की ओर… सातवीं किश्त… जंगल में आग लगाकर फारेस्टर, रेंजर से लेकर डीएफओ तक कूटते हैं चांदी

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड चलो चले गांव की ओर... गतांक से आगे.. सातवीं किश्त शाम की आरती के बाद रोहतक से आए मन्ना काका ने खास खास लोगों को अपने यहां जिमा लिया। आज भी लगभग कल जैसा ही डायरेक्टर बोडा के कमरे सा सीन था। बस अंतर इतना था कि मन्ना काका के पुराने मकान में इतनी कुर्सियां नहीं थी कि सभी के ऊपर बैठने की व्यवस्था हो पाती सो बरामदे में चटाई दरी बिछाकर इंतजाम किया गया था। यूं भी मन्ना काका का पुश्तैनी मकान सालभर तो बंद ही रहता है बस, गर्मियों की छुट्टी में जब परिवार पूजा में शामिल होने आता है तो ही दरवाजे के कुण्डी खुलते हैं। इसलिए घर में केवल बहुत ही जरूरत की चीजें जमा कर रखी हैं बस काम चलाने भर के लिए। खैर दावत के लिए बीच में अखबार को दस्तरखान जैसा बिछाया गया। उसके ऊपर कांच के गिलास, पानी का जग,थाली में प्याज खीरे का सलाद, प्लेट में हरी चटनी वाला नमक व सेब संतरे क...
नीलम पांडेय नील… नकारात्मक प्रवृति के लोगों को दूर रखें या स्वयं उनसे दूर हो जाएं

नीलम पांडेय नील… नकारात्मक प्रवृति के लोगों को दूर रखें या स्वयं उनसे दूर हो जाएं

राष्ट्रीय
नीलम पांडेय नील देहरादून, उत्तराखंड -------------------------- सहज ध्यान की प्राप्ति के लिए एक बात यह भी जरूरी है कि अपने आसपास से नकारात्मक प्रवृति के लोगों को दूर रखें या जो हमारे लिए अच्छी भावना ही नहीं रखते उनको पहचान कर स्वयं उनसे दूर हो जाएं अन्यथा मन की सहजता, एकाग्रता बाधित होती है। क्योंकि जो हमारे नहीं होते हैं, वो लाख कोशिश के बाद भी हमारे नहीं रहते हैं। चाहे उनसे हमारे नजदीकी संबंध हों। उनके मन में जमी खलिश को हमारे मान मनुहार से कोई फायदा नहीं होता है। कभी-कभी हम ऐसे रिश्तों के लिए अपने जीवन के उन पलों, सालों को बर्बाद कर देते हैं जो हमारे लिए बेहद कीमती हो सकते थे। हम उनकी अपेक्षाएं पूरी करने के लिए पूरा जोर लगा देते हैं, लेकिन फिर हमको पता चलता हैं हम अब भी उनकी नजर में नकारे ही हैं, मूर्ख हैं। वे अपने तानों की गाहेबगाहे सौगात तो दे देते हैं किन्तु प्रेम से कभी सर प...

प्रतिभा की कलम से… अरे, मैं हमेशा से थोड़ी न अंधी थी..

राष्ट्रीय
प्रतिभा की कलम से देहरादून, उत्तराखंड ------------------------------------------- मुक्ति ---------------------- गंगा की अंधी बुआ के गांव में एक घर के आगे बड़ा-सा खलिहान था। शाम के समय उसके सारे संगी-साथी वहां जमा होकर खेलते थे। खलिहान वाले घर की लड़की भी उन बच्चों में शामिल थी। नाम था गंगा। गंगा उम्र में सब बच्चों से बड़ी थी। रिश्ते में वह किसी की बुआ लगती थी तो किसी की दीदी। लेकिन, खेल में सारे बच्चे उसे गंगा कहकर ही बुलाते थे। गंगा के घर में बहुत सारे लोग थे। उनमें बस एक ही ऐसी थी जो नन्ही के दिल में हर वक्त बैठी रहती-गंगा की अंधी बुआ। ज्यादा वृद्ध तो न थीं, लेकिन आंगन के एक कोने में लाचार सी बैठी रहने के कारण वृद्धा ही नजर आती। उस घर से आगे से गुजरने वाला लगभग हर व्यक्ति उन्हें आवाज देता हुआ जाता था। उनकी आवाज ज्यादातर औपचारिक ही हुआ करती थी, लेकिन बुआ आत्मीयता से प्रत्य...
पुण्यतिथि पर विशेष: श्रीदेव ‘सुमन’ ने 14 वर्ष की किशोरावस्था में ‘नमक सत्याग्रह’ में लिया था भाग

पुण्यतिथि पर विशेष: श्रीदेव ‘सुमन’ ने 14 वर्ष की किशोरावस्था में ‘नमक सत्याग्रह’ में लिया था भाग

राष्ट्रीय
सुशील बहुगुणा टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड --------------------------------- श्रीदेव ‘सुमन’ का जन्म उत्तराखंड के टिहरी जिले के बमुण्ड पट्टी के जौल गांव में 25 मई, 1916 को तारादेवी की गोद में हुआ था. इनके पिता  हरिराम बडोनी क्षेत्र के प्रसिद्ध वैद्य थे. प्रारम्भिक शिक्षा चम्बा और मिडिल तक की शिक्षा उन्होंने टिहरी से पाई. संवेदनशील हृदय होने के कारण वे ‘सुमन’ उपनाम से कवितायें लिखते थे. अपने गांव तथा टिहरी में उन्होंने राजा के कारिंदों द्वारा जनता पर किये जाने वाले अत्याचारों को देखा. 1930 में 14 वर्ष की किशोरावस्था में उन्होंने ‘नमक सत्याग्रह’ में भाग लिया. थाने में डंडो से पिटाई कर उन्हें 15 दिन के लिये जेल भेज दिया गया,पर इससे उनका उत्साह कम नहीं हुआ. अब तो जब भी जेल जाने का आह्वान होता, वे सदा अग्रिम पंक्ति में खड़े हो जाते. पढ़ाई पूरी कर वे हिन्दू नेशनल स्कूल, देहरादून में पढ़ाने...
भाजपा अंतिम व्यक्ति तक संसाधनों की हिस्सेदारी की पक्षधर: गामा

भाजपा अंतिम व्यक्ति तक संसाधनों की हिस्सेदारी की पक्षधर: गामा

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। आजादी के बाद से कांग्रेस की केंद्र व राज्यों की सरकारों ने जनता पर दया की और भाजपा सरकारों ने जनता के साथ न्याय किया। यह बात देहरादून के महापौर सुनील उनियाल गामा ने भाजपा केदार मंडल की कार्यसमिति में कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण के दौरान कही। गामा ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस में जमीन आसमान का अंतर है। कांग्रेसी राजनीति के लिए राजनीति करते हैं और हम समाज के लिए क्योंकि, हम पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के अनुयाई हैं। हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक संसाधनों की हिस्सेदारी के पक्षधर हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि किस तरह कांग्रेसी सरकारों में मरीज के इलाज के लिए सांसदों, विधायकों व समाज के प्रभावशाली लोगों के चक्कर काटने पड़ते थे। लेकिन, भाजपा सरकार ने आयुष्मान कार्ड के माध्यम से वह व्यवस्था ही समाप्त कर दी, अब व्यक्ति का इला...

उत्तराखंड में आज मिले 33 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

उत्तराखण्ड, हेल्थ
-राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341673 हो गया है। शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (Shabd Rath News)। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण से राहत मिल रही है। आज 33 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि, कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, 28 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341673 हो गया है। पिथौरागढ़ में आज सबसे ज्यादा (corona positive in dehradun today) 11 नए मरीज मिले हैं। उत्तराखंड में (Uttarakhand) वर्तमान में 611 एक्टिव केस (activ case) हैं, इनका इलाज चल रहा है। 7359 लोगों की अब तक संक्रमण से मौत (death) हो चुकी है। जिलावार चिन्हित हुए मरीजों की संख्या इस प्रकार रही देहरादून में 08, अल्मोड़ा 00, बागेश्वर 02, चमोली में 00, चम्पावत में 00, हरिद्वार में 01, नैनीताल में 04, पौड़ी गढ़वाल में 00, पिथौरागढ़ में 11, रुद्र...