Monday, May 18News That Matters

गुलदार के आतंक से निजात की मांग: पौड़ी जनता दरबार में गूंजा बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

पौड़ी गढ़वाल: जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनता दरबार में आज वन जीवों के आतंक और बुनियादी जनसमस्याओं का मुद्दा छाया रहा। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में विभिन्न क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखीं। दरबार में कुल 19 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश मामले पेयजल संकट, बदहाल सड़कों और वन विभाग से संबंधित रहे।

​जनता दरबार में सबसे गंभीर मामला ईटवालस्यु क्षेत्र से सामने आया। क्षेत्र के ग्रामीणों और जिला पंचायत सदस्य अनुज कुमार के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को बताया कि इलाके में गुलदार (तेंदुए) की सक्रियता और हमले लगातार बढ़ रहे हैं गुलदार की दहशत के कारण लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं। सबसे ज्यादा खतरा स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों पर मंडरा रहा है

 

​ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूली वाहन की व्यवस्था करने, प्रभावित गांवों में वन विभाग द्वारा पिंजरे लगाने और रास्तों के आस-पास उगी झाड़ियों की कटाई करवाने की मांग की।

​मामले की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने डीएफओ (विभागीय वनाधिकारी) गढ़वाल को प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और सुरक्षात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों से सुरक्षा के लिए आवश्यक उपकरणों की खरीद हेतु जल्द ही धनराशि आवंटित की जाएगी।

​जनता दरबार के दौरान उस समय स्थिति असहज हो गई जब कुछ विभागों के अधिकारी अपनी रिपोर्ट और शिकायतों पर अधूरी जानकारी के साथ पहुंचे। अधिकारियों के इस ढुलमुल रवैये पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में जो भी अधिकारी बैठक में आए, वह पूरी तैयारी और समुचित आंकड़ों के साथ ही उपस्थित हो। जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।