Friday, February 27News That Matters

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डीएलएड प्रशिक्षित शंखनाद व थाली पीटकर करेंगे नियुक्ति के लिए आंदोलन का आगाज

डीएलएड प्रशिक्षित शंखनाद व थाली पीटकर करेंगे नियुक्ति के लिए आंदोलन का आगाज

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। डीएलएड संघ प्रशिक्षितों की नियुक्ति के लिए कल यानी 9 अगस्त से शिक्षा निदेशालय में धरना प्रदर्शन शुरू करने जा रहा है। संघ के सह मीडिया प्रभारी प्रकाश दानू ने बताया कि कल आंदोलन की शुरूआत शंखनाद व थालियां पीटकर की जाएगी। दानू ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती 2020 पूर्ण करने को लेकर सरकार के विरोध में डायट डीएलएड संघ अब सीधी लड़ाई लड़ेगा। कोविड की तीसरी लहर के आने की संभावना लगातार तेज हो रही है, इसलिए धरना-प्रदर्शन भी उग्र होगा। डायट डीएलएड संघ के साथ इस लड़ाई में मंच साझा करने अन्य संघ (स्टेट रेगुलर डीएलएड संघ, पूर्व बैच डीएलएड संघ) भी शामिल हो रहे हैं। इस बार की लड़ाई आर-पार होगी। तरफ सरकार अपनी नाकामयाबी छिपाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं, उसी समय भावी शिक्षकों का एक मंच पर आकर सीधी लड़ाई करना सरकार की छवि को और धूमिल करेगा। दानू ने कहा कि कल मीडिया के...
जल जीवन यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई हरी झंडी

जल जीवन यात्रा शुरू, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिखाई हरी झंडी

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अनमोल ग्राम स्वराज संस्थान की ओर से जन जागरण अभियान के तहत शुरू की जा रही जल जीवन यात्रा को हरी झंडी दिखाई रवाना किया। यात्रा का आयोजन सामाजिक संगठन महादेव सेना व ग्राम स्वराज संस्थान की ओर से किया जा रहा है। 16 अगस्त तक चलने वाली इस यात्रा में शिवालयों में जलाभिषेक कर स्वच्छता, नशामुक्त व जल संरक्षण की शपथ कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनमोल ग्राम स्वराज संस्थान की स्वच्छता, नशामुक्ति व जल संरक्षण की दिशा में यह अच्छी पहल है। जल संरक्षण की दिशा में अनेक प्रयासों की जरूरत है। स्वच्छ भारत अभियान की दिशा में सबको मिलकर आगे बढ़ना होगा। इस अवसर पर केबिनेट मंत्री गणेश जोशी, जल जीवन यात्रा के संयोजक राजेंद्र सेमवाल शास्त्री, गीता बिष्ट, गोविन्द भट्ट, ललित मनराल, कुसुम कंडवाल, सूरज लोहनी, मीरा बजा...
कवि वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” की एक हिंदी ग़ज़ल… तेरी यादों का समंदर विशाल होता है…

कवि वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” की एक हिंदी ग़ज़ल… तेरी यादों का समंदर विशाल होता है…

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वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" देहरादून, उत्तराखंड ----------------------------------------- हिंदी ग़ज़ल -------------------------------- तेरी यादों का समंदर विशाल होता है घेर लेता है तम, तब मशाल होता है। उम्र दर उम्र की कहानियां, फसाने भी सोलहवां साल मगर बेमिसाल होता है। प्रीत की पंखुड़ियां कब से हुई फागुन हैं देखना ये है कि वो कब गुलाल होता है। नाप ली प्रीत की धरती गगन भी नाप लिया पल की मुस्कान को जीवन बेहाल होता है। बेरुखी चांद की अनजान बना फिरता है चकोर प्रीत में प्रतिदिन हलाल होता है।। ------------------------------------------------------------- कवि परिचय वीरेंद्र डंगवाल “पार्थ” कवि/गीतकार संप्रति – पत्रकारिता शिक्षा- एमकॉम, बीएड, पीजी डिप्लोमा इन कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग एवं मैनेजमेंट। प्रदेश महामंत्री – राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसियेशन (वॉजा इंडिय...
प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

प्रतिभा की कलम से.. जितना बंगाल में, उससे रत्तीभर भी कम लोकप्रिय नहीं गुरुदेव देश.. विदेश में…

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प्रतिभा की कलम से देहरादून, उत्तराखंड ---------------------------------------- 'गुरुदेव' (7 अगस्त पुण्यतिथि ) 'टैगोर' कोई एक परिचय में सीमित होने वाला नाम नहीं है। वह भारत और बांग्लादेश के नागरिकों के लिए 'जन गण मन' और 'आमार सोनार बांग्ला' जैसे राष्ट्रगान के रचयिता हैं। टैगोर शांति निकेतन के संस्थापक हैं। वह जोड़ासांको के जमींदार देवेंद्र नाथ ठाकुर के कनिष्ठ पुत्र भी हैं। बंगाल वालों के लिए रविंद्रसंगीत के प्रणेता हैं तो सारे भारत के गुरुदेव भी हैं। विश्व की बात की जाए तो "गीतांजलि" पर साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार जीतने वाले प्रथम भारतीय भी वही हैं। इन सबसे परे किसी भी शिक्षक और विद्यार्थी के बीच शिक्षा के आदान-प्रदान का सबसे सहज और कोमल सेतु का नाम भी है 'गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर'। टैगोर के शांति निकेतन में शिक्षा व्यवस्था का क्रम क्या था? विद्यार्थियों को पढ़ाने का तरीक...
वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

वरिष्ठ कवि डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी “अवधूत” एक गीत…. बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें…

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डॉ ब्रम्हानन्द तिवारी "अवधूत" मैनपुरी, उत्तर प्रदेश ------------------------------------- ये घटा घनघोर तड़पाती हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। मोर ,दादुर और पपीहे बोलते, अब बो धरा में नित्य अमृत घोलते विरह अगिन हरपल जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। आ जाओ पुरबैया का अब तो जोर है अम्बर-धरा का ये मिलन चहुँओर है याद परदेशी की तड़पाती हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। राह तकते दिन गुजरता है नहीं ले जाओ हमको अब यहाँ से तुम कहीं, हर बूँद सावन की जलाती है हमें बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें। दामिनि दमकती तो धड़कता दिल मेरा, बिरहा अगिन का ख्याल है साजन मेरा ब्रम्हानन्द तड़पाती जुदाई अब हमें। बरखा ऋतु तुम बिन नहीं भाती हमें।।...
जगदीश ग्रामीण की कलम से…  गडूल के गांधी जी!

जगदीश ग्रामीण की कलम से… गडूल के गांधी जी!

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जगदीश ग्रामीण की कलम से गडूल के गांधी जी! --------------------------- आज मैं आपको मिलवाता हूं देहरादून जनपद के विकासखंड डोईवाला की क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी ग्राम पंचायत "गडूल" के इठारना गांव निवासी भगवान सिंह तोपवाल से। "इठारना गांव" नीलकंठ महादेव के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां यूं तो पूरे वर्ष भर शिवभक्त और पर्यटक आते ही रहते हैं। लेकिन, सावन के महीने में हर सोमवार को यहां हजारों की तादाद में भक्त जन आते हैं। इस शिव मंदिर को यह भव्य रूप जिन्होंने दिया है वह हैं इसी गांव के एक कर्मयोगी भगवान सिंह तोपवाल। भगवान सिंह ग्राम पंचायत गडूल के पूर्व प्रधान हैं। भगवान सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के सज्जन व्यक्ति हैं। बचपन में ही उनके सिर से माता-पिता का साया उठ गया था। लेकिन, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एक अभिभावक के रूप में अपने भाइयों की शिक्षा-दीक्षा की व्यवस्था की। व...
कवि डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे…

कवि डॉ अलका अरोड़ा की एक रचना… नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे…

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डॉ अलका अरोड़ा प्रोफेसर, देहरादून ------------------------------------------ आओ करे ये सतत प्रतिज्ञा नारी को सम्मान नहीं तो बताओ क्या दोगे बेटी को घर में मान नहीं तो बतलाओ क्या दोगे एक घर सुधरने से बोलो क्या बदलेगा हर सोच बदलने का प्रण बोलो कब लोगे जब तक सारी कायनात ना बदले तो सब बेकार जब तक अर्न्तमन ना स्वीकारे हर तरफ है हार हर तरक्की हर ऊँचाई झूठी साबित होती है जब तक बेटी लुट रही घर भीतर और हाट बाजार लेकर प्रण सब बढे आगे तब ही होगा पूर्ण उद्धार शिक्षा खानपान रोजगार बेटी को देना होगा पुरस्कार हर बेटी सम्मान से जिये ख्याल हर पल रखना होगा बेटी को भी बेटो सा मिले बराबर का अधिकार कानून समाज और परिवेश से भी ले आओ सुधार हर शय लगाकर जगा सको तो बदल डालो ये संसार नारी जीवन पुण्य कर्मो का फल ही है ये जान जाओ सृष्टि की रचेचता को पग पग क्यूं कर रहे हो शर्मसार कौन स...
पुष्पा जोशी ‘प्राकाम्य’ के मित्रों को समर्पित मुक्तक…

पुष्पा जोशी ‘प्राकाम्य’ के मित्रों को समर्पित मुक्तक…

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पुष्पा जोशी 'प्राकाम्य' ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड ----------------------------------------- मुक्तक (१) खुशी दें, दिल को दें राहत, सहृदय सद्वृत्त रहते हैं। रहें दिल में सहोदर-से, उन्हीं को मित्र कहते हैं। बचाते हैं बुराई से, छिपाते जग से हैं कमियाँ- महकते हैं, जो महकाते, सुगंधित इत्र कहते हैं। (2) राज दिल के कई ऐसे, कहें किससे! हिचकते हम। कि दर्दे ग़म बयां करके, मित्र संग हैं सिसकते हम। पावन,मन लुभावन ये, इन्हें सन्मित्र कहते हैं ‌। अनुपम हैं सहोदर-से, नहीं इनसे झिझकते हम।    ...
युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल धर्मी की एक ग़ज़ल… बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते…

युवा कवि धर्मेन्द्र उनियाल धर्मी की एक ग़ज़ल… बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते…

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धर्मेन्द्र उनियाल 'धर्मी' चीफ फार्मासिस्ट, अल्मोड़ा ------------------------------------------------- - बस हमने हाथ न पसारा, खुद्दारियों के चलते, कर लिया सबसे किनारा ,खुद्दारियों के चलते! अदब के सिवा सिर झुकाना मंजूर नही हमे, हमे मंजूर है हर ख़सारा, खुद्दारियों के चलते! पहले सिर झुका लेते, शायद बच गये होते, हम लुटे हैं फिर दोबारा, खुद्दारियों के चलते! फ़क़त वो चाँद ही आसमां का चहेता बन रहा, टूटा फ़लक से सितारा, खुद्दारियों के चलते! खुशामदी को उम्रभर हमने दरकिनार ही रखा, किसी रहनुमा को न पुकारा, खुद्दारियों के चलते! मैं ज़िन्दगी की भीख़ मांग लूं, ये हो नही सकता, है ज़हर ही आख़िरी चारा, खुद्दारियों के चलते!!  ...
उत्तराखंड सरकार के रवैए से डीएलएड प्रशिक्षित परेशान, शिक्षा निदेशालय में शुरू किया आंदोलन

उत्तराखंड सरकार के रवैए से डीएलएड प्रशिक्षित परेशान, शिक्षा निदेशालय में शुरू किया आंदोलन

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन डायट डीएलएड संघ के बैनरतले डीएलएड प्रशिक्षितो ने आंदोलन शुरू कर दिया। प्रशिक्षितों ने आज शिक्षा निदेशालय में नारेबाजी की ओर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। संघ की ओर से प्रेसवार्ता कर आंदोलन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षितों ने सरकार अनदेखी जा आरोप लगाते हुए रोष जताया। उत्तरांचल प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में डायट डीएलएड संघ के सचिव हिमांशु जोशी ने बताया कि प्रशिक्षित सरकार के रवैये से परेशान हैं। शिक्षा मंत्री ने संघ को 2 अगस्त से कोर्ट में सुनवाई कर और लंबित केस का जल्द निस्तारण कर शिक्षक भर्ती का आश्वासन दिया गया था। लेकिन, इतने दिन बीतने के बाद भी विभाग ने काउंटर जमा नहीं किया गया, जिस कारण कोर्ट में सुनवाई में देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि डीएलएड संघ ने शिक्षा निदेशालय में नारेबाजी के साथ औपच...