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‘अवतार द वे ऑफ वॉटर’ की रिलीज के बाद बाकी फिल्मों के नाम का हुआ खुलासा, यहां देखें पूरी लिस्ट |

‘अवतार द वे ऑफ वॉटर’ की रिलीज के बाद बाकी फिल्मों के नाम का हुआ खुलासा, यहां देखें पूरी लिस्ट |

मनोरंजन
'अवतार द वे ऑफ वॉटर' की रिलीज के बाद बाकी फिल्मों के नाम का हुआ खुलासा, यहां देखें पूरी लिस्ट | जेम्स कैमरून की साइंस फिक्शन फिल्म सीरीज 'अवतार' के रिलीज होने के बाद दर्शकों को 'अवतार: द वे ऑफ वॉटर' के लिए 13 साल का लंबा इंतजार करना पड़ा था। इस समय 'अवतार 2' दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। नावी की नीली दुनिया को बड़ी ही बारीकी से दिखाने वाले जेम्स कैमरून ने पहले ही साफ कर दिया था कि अभी इस सीरीज के आगे भी तीन पार्ट्स आने वाले हैं। जहां इस खुलासे ने लोगों के दिलों में गजब का उत्साह पैदा कर दिया था, वहीं अब इन आने वाली फिल्मों के नाम का भी खुलासा हो गया है। जी हां, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में साफ हो गया है कि 'अवतार 3', 'अवतार 4' और 'अवतार 5' के नाम क्या होने वाले हैं। दुनिया के सामने आए 'अवतार' की अगली कड़ियों के नाम साल 2009 में रिलीज हुई फिल्म 'अवतार' ने दुनियाभर के लोगों को ...
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी, जानें क्या है वजह |

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी, जानें क्या है वजह |

देश-विदेश
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी, जानें क्या है वजह | केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने पत्र में कहा, "चूंकि कोरोनावायरस महामारी एक सार्वजनिक आपात स्थिति है। इसलिए भारत जोड़ो यात्रा को स्थगित करने पर फैसला लिया जा सकता है।" दुनियाभर में कोरोनावायरस के फिर से बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार ने चौकसी बढ़ा दी है। केंद्र ने सभी राज्यों से नए मामलों पर नजर रखने और जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने के लिए कहा है। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की एक चिट्ठी सामने आई है, जो उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखी है। इसमें दोनों नेताओं से भारत जोड़ो यात्रा में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने की अपील की गई है। साथ ही यह भी कहा गया है कि अगर यह संभव न हो तो यात्रा को देशहित में स्थगित करने का निर्णय लिया जाए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने...
पहली बार बनी पार्किंग नीति, खेती की जमीन पर भी बना सकेंगे पार्किंग, मिलेगी सरकारी रियायत|

पहली बार बनी पार्किंग नीति, खेती की जमीन पर भी बना सकेंगे पार्किंग, मिलेगी सरकारी रियायत|

देहरादून
पहली बार बनी पार्किंग नीति, खेती की जमीन पर भी बना सकेंगे पार्किंग, मिलेगी सरकारी रियायत| इस नीति के तहत चार श्रेणियों में पार्किंग के निर्माण होंगे। शासन स्तर से सरकारी जमीनों पर पार्किंग बनेगी। निजी जमीनों पर कोई भी व्यक्ति पार्किंग का निर्माण कर सकेगा। उत्तराखंड में अब खेती की जमीन पर भी खुली पार्किंग बन सकेगी। इसके लिए न तो लैंड यूज बदलने की जरूरत होगी और न ही कोई अन्य सरकारी अड़चन। पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड राज्य पार्किंग (स्थल चयन, निर्माण एवं संचालन इत्यादि) नियमावली, 2022 को मंजूरी दे दी है। इस नीति के तहत चार श्रेणियों में पार्किंग के निर्माण होंगे। शासन स्तर से सरकारी जमीनों पर पार्किंग बनेगी। निजी जमीनों पर कोई भी व्यक्ति पार्किंग का निर्माण कर सकेगा। सरकारी जमीनों पर निजी विकासकर्ता भी पार्किंग का निर्माण कर सकेगा, वहीं निजी जमीनों पर सरकार...
गवाह नंबर सात है बेहद अहम, अंकिता ने दोस्त से पहले इसे बताया था रिजॉर्ट का काला सच |

गवाह नंबर सात है बेहद अहम, अंकिता ने दोस्त से पहले इसे बताया था रिजॉर्ट का काला सच |

देहरादून
गवाह नंबर सात है बेहद अहम, अंकिता ने दोस्त से पहले इसे बताया था रिजॉर्ट का काला सच | अंकिता हत्याकांड में पुलिस का गवाह नंबर सात पुष्प से भी अहम है। यह रिजॉर्ट का वही कर्मचारी है, जिसे अंकिता ने पुष्प से भी पहले रिजॉर्ट का काला सच बताया था। इस कर्मचारी ने पुलकित से बात की थी लेकिन उसे धमकाकर चुप करा दिया गया। इस कर्मचारी की गवाही पुष्प से भी अहम मानी जा रही है। दरअसल, अंकिता की हत्या हुई यह तो आरोपियों ने ही पुलिस को बता दिया था। आरोपियों ने घटनास्थल पर हुई सारी कहानी को पहली ही पूछताछ में उगल दिया लेकिन पुष्प की बातें जब सामने आईं तो पता चला कि अंकिता क्यों पुलकित से नाराज थी। उसके मोबाइल के स्क्रीन शॉट (अंकिता और पुष्प के बीच चैट) से पता चला था कि अंकिता पर किसी वीआईपी को स्पेशल सर्विस दिए जाने का दबाव बनाया जा रहा था। मगर, पुष्प वह पहला शख्स नहीं है जिसे अंकिता ने सबसे पहले यह बा...
पहले लड़की भगाई, फिर मौलवी को किया किडनैप, सुपर फिल्मी है सोहेल खान की लव स्टोरी

पहले लड़की भगाई, फिर मौलवी को किया किडनैप, सुपर फिल्मी है सोहेल खान की लव स्टोरी

मनोरंजन
पहले लड़की भगाई, फिर मौलवी को किया किडनैप, सुपर फिल्मी है सोहेल खान की लव स्टोरी बॉलीवुड के बड़े खानदानों में से एक से ताल्लुक रखने वाले सोहेल खान आज (20 दिसंबर) अपना 52वां जन्मदिन मना रहे हैं। उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत साल 1997 में फिल्म ‘औजार’ से की थी। इस फिल्म में सोहेल खान के साथ सलमान खान और संजय कपूर अभिनय करते हुए नजर आए थे। इसके बाद सोहेल खान ने साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘मैंने दिल तुझको दिया’ से अपने एक्टिंग और मोहब्बत के करियर की शुरुआत की। सोहेल खान भले एक्टिंग या डायरेक्शन में ज्यादा नाम नहीं कमा पाए, लेकिन फुल टू बिंदास पंजाबी बाला सीमा सचदेव के साथ उनकी प्रेम कहानी और शादी किसी ब्लॉकबस्टर फिल्म जैसी है। तो चलिए एक नजर डालते हैं उनकी इस दबंग स्टाइल लव स्टोरी पर.... सीमा सचदेव सोहेल खान का पहली नजर का प्यार थीं। यह वह दौर था, जब सोहेल फिल्मों में पैर जमाने क...
पुष्प का वीडियो न आता तो सामने नहीं आती सच्चाई, बेहद अहम साबित होगी गवाही

पुष्प का वीडियो न आता तो सामने नहीं आती सच्चाई, बेहद अहम साबित होगी गवाही

उत्तराखण्ड
पुष्प का वीडियो न आता तो सामने नहीं आती सच्चाई, बेहद अहम साबित होगी गवाही शुरुआत में पुलिस केवल हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर उनकी कहानी पर आगे बढ़ रही थी। इसी बीच अंकिता का दोस्त पुष्प आगे आया और हत्या के एक दिन पहले अंकिता से हुई बातचीत को वायरल कर दिया। उसने एक वीडियो जारी कर सारी कहानी बताई। इसी से पता चला कि वहां कोई वीआईपी आने वाला था। उसे स्पेशल सेवा देने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया जा रहा था। ऐसे में पुलिस की जांच को नई दिशा मिली। इसके साथ ही वीआईपी के नाम का खुलासा करने का दबाव भी पुलिस पर बढ़ता गया। अब माना जा रहा है कि पुष्प की गवाही ही इसमें अहम साबित होगी। ये है पूरा घटनाक्रम 18 सितंबर की रात को वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य ने राजस्व पुलिस चौकी में अपनी कर्मचारी अंकिता भंडारी के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी। करीब तीन दिनों तक इस मामले की ढिलाई से जांच की गई। इस...
राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण पर फैसले का इंतजार, आज कैबिनेट में प्रस्ताव आने की उम्मीद |

राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण पर फैसले का इंतजार, आज कैबिनेट में प्रस्ताव आने की उम्मीद |

उत्तराखण्ड
राज्य आंदोलनकारियों को आरक्षण पर फैसले का इंतजार, आज कैबिनेट में प्रस्ताव आने की उम्मीद | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी राज्य आंदोलनकारियों के मामले में सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दे चुके हैं। हालांकि, शासन स्तर पर अभी यह सोच विचार चल रहा है कि क्षैतिज आरक्षण के लिए सरकार अधिसूचना जारी करे या महिला क्षैतिज आरक्षण की तरह विधेयक लाकर इसे कानूनी जामा पहना दे। राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के मामले में सरकार पसोपेश में है। एक तरफ राज्य आंदोलनकारियों का हित है तो दूसरी ओर सांविधानिक प्रावधान। महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर विधेयक पारित होने के बाद राज्य आंदोलनकारियों ने सरकार पर आरक्षण बहाल कराने को लेकर दबाव बना दिया है। आंदोलनकारी मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में क्षैतिज आरक्षण के प्रस्ताव की उम्मीद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री प...
नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारी, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी |

नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारी, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी |

देहरादून
नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठे विधानसभा से बर्खास्त कर्मचारी, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी | समिति ने जांच में पाया कि तदर्थ आधार पर नियुक्तियां नियम विरुद्ध की गई हैं। समिति की रिपोर्ट पर विधानसभा अध्यक्ष ने 23 सितंबर को तत्काल प्रभाव से 2016 से 2021 तक की गईं कुल 228 नियुक्तियां को रद्द कर कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। उत्तराखंड विधानसभा में बैकडोर भर्तियों के चलते बर्खास्त हुए कर्मचारी विधानसभा के बाहर पांच दिवसीय धरने पर बैठ गए। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं, उन्होंने दोबारा नियुक्ति की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि एक ही नियमों के तहत राज्य गठन के बाद विधानसभा सचिवालय में तदर्थ आधार पर कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है, लेकिन 2016 के बाद लगाए गए 228 कर्मचारियों को ही बर्खास्त किया गया। कर्मचारियों की मांग है कि या तो उन्हें...
धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश |

धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश |

देहरादून
धरने पर बैठकर बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाएंगे गेस्ट टीचर, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ में आक्रोश | गेस्ट टीचरों ने कहा कि उनके पदों को खाली नहीं मानने और उनकी गृह जिले में तैनाती का प्रस्ताव कैबिनेट में आने के बाद भी अभी तक शासनादेश नहीं हुआ है। उन्होंने तदर्थ नियुक्ति दिए जाने की मांग की। कहा कि वह विभाग में आठ साल से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है। लंबित मांगों को लेकर गेस्ट टीचरों ने शिक्षा निदेशालय पर बुधवार को दूसरे दिन भी धरना दिया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक भट्ट ने गेस्ट टीचरों से आह्वान किया कि वह धरनास्थल से ऑनलाइन माध्यम से बच्चों की पढ़ाई जारी रखें, ताकि आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में उनकी पढ़ाई बाधित नहीं हो। माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षा निदेशालय पर धरने पर बैठे गेस्ट टीचरों ने कहा कि उनके पदों को खाली नहीं मानने और उनकी गृह जिले में तैनात...
प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना |

प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना |

मनोरंजन
प्रेग्नेंसी के दौरान हो गई थी पति चिरंजीवी की मौत, लोगों के ताने सुनकर हंसने से डरती थीं मेघना | मेघना राज साउथ इंडस्ट्री की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक हैं। फिल्मों से जितनी सुर्खियां उन्होंने बटोरी हैं, उतना ही दर्द उन्हें असल जिंदगी में झेलना पड़ा है। अभिनेत्री ने अपने जिंदगी से जुड़े मुश्किल दिनों की यादें साझा की हैं। दरअसल, मेघना और चिरंजीवी सरजा ने एक-दूसरे को 10 साल तक डेट करने के बाद 2018 में शादी की थी। शादी के दो साल बाद ही चिरंजीवी ने अपनी पत्नी मेघना का साथ छोड़ इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। मेघना ने बताया कि पति की मौत के बाद वे बिलकुल अकेली हो गई थीं। लोगों से बात करने और हंसने से भी डरने लगी थीं। हार्ट अटैक से हुई थी चिरंजीवी की मौत चिरंजीवी की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। मेघना ने इंटरव्यू में बताया कि जब उनके पति की मौत हुई तो उस समय वे प्रेग्नेंट थीं। चिरंजीवी की मौत...