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बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

बिहार के लोगों पर की अभद्र टिप्पणी: डीएमके नेता बोले.. कम दिमाग वाले लोग छीन रहे हमारी नौकरियां

राष्ट्रीय
डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर अभद्र टिप्पणी कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने बिहार के लोगों को कम दिमाग वाला बताया। डीएमके नेता उन पर तमिलों की नौकरियां छीनने का आरोप भी लगाया है। तमिलनाडु के नगर प्रशासन मंत्री और डीएमके नेता केएन नेहरू ने बिहार के लोगों पर नस्लीय टिप्पणी की है। उनका यह बयान बड़ा विवाद खड़ा कर सकता है। बताया जा रहा है कि मंत्री ने बिहार के लोगों को तमिलों से कम होशियार बताया। साथ ही, आरोप लगाया कि बिहार के लोग तमिलनाडु में आकर स्थानीय निवासियों की नौकरियां छीन रहे हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले पेगासस कथित जासूसी कांड को लेकर बनी संसदीय समिति में शामिल भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उन्हें 'बिहारी गुंडा' कहने का आरोप लगाया था। यह विवाद अब तक शांत नहीं हुआ है। अब...
ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

ममता बनर्जी और जावेद अख्तर मिले… जावेद बोले .. देश में परिवर्तन की जरूरत

राजनीतिक, राष्ट्रीय
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिल्ली दौरे के दौरान राजनीतिक व सामाजिक लोगों से मुलाकात की। इसी कड़ी में ममता बनर्जी और मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर भी मिले। दोनों के बीच करीब 40 मिनट तक चर्चा हुई। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। गीतकार जावेद अख्तर और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दिल्ली में गुरुवार को मुलाकात हुई। जावेद के आवास पर हुई मुलाकात में उनकी पत्नी शबाना आजमी भी मौजूद थी। 'परिवर्तन' की आवश्यकता पर बात करते हुए जावेद अख्तर कहा कि बंगाल ने हमेशा 'क्रांतिकारी आंदोलनों' का नेतृत्व किया है। सभी के लिए तो नहीं कह सकता, लेकिन व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है कि 'परिवर्तन' होना चाहिए। लोकतंत्र स्थिर नहीं रह सकता। जावेद अख्तर ने कहा कि देश इस वक्त कई समस्याओं से जूझ रहा है। ध्रुवीकरण का मुद्दा हो या लोगों के भड़काऊ बयान इन मुद्दों को लेकर देश में तनाव का...

 जसबीर सिंह ‘हलधर’ … जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है!

राष्ट्रीय
जसबीर सिंह 'हलधर' देहरादून, उत्तराखंड ------------------------------------------- कविता -जिंदगी --------------------- जिंदगी कड़े तेबर तेरे, फिर भी तू सबको भाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है ,तू सबको गले लगाती है!! पिंजड़े में फँसकर देख लिया, विपदा में हँसकर देख लिया! सौ बार नदी को पार किया, दलदल में धँसकर देख लिया! तू मानस का हर मौके पर, भेजा भी खूब चबाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!1!! जागें सब तेरे संग संग, भागें सब तेरे संग संग! साँसों का माँझा बना रखा, डोरी हैं सब तू है पतंग! तू कब कट के गिर जाएगी, हर पग पर राज छुपाती है! जो जैसा है जो भी कुछ है, तू सबको गले लगाती है!!2!! तू कभी महकती बाहों में, तू कभी चहकती राहों में! नखरे भी तेरे बहुत बड़े, तू कभी दहकती आहों में! आँसू आँखों में खारे है, मीठी भी नींद सुलाती है! जो जैसा जो भी कुछ है, ...
“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

राष्ट्रीय
"पागल फ़क़ीरा" भावनगर, गुजरात --------------------------------------- क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को, धुंध हटेगी, धूप खिलेगी, फिर दिन नया है छाने को। साहिल पर बैठे बैठे डरते रहने से क्या होगा दोस्त, लहरों से लड़ना होगा उस पार समन्दर जाने को। प्यार इश्क़ तो है पुरानी बातें, कैसे इनसे नज़्में सजे, आज की क़लम वो दर्द लाई सोती रूह जगाने को। दिन गुज़रा याद दिलाता है, भूली बिसरी बातें अब, सुर नया हो, ताल नया हो, गाये नये अफ़साने को। ख़ुद के हाथों की लक़ीरों को तू करले ख़ुद के बस में, "फ़क़ीरा" तेरी रूठी तक़दीर कौन आये उसे मनाने को।  ...

नीरज नैथानी….. कुशला फूफू के आ जाने का मतलब था जच्चा-बच्चा की खैरियत

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड मेरे गांव में बीमारियों का इलाज साथियों पिछली बार मैंने आपको बताया कि जब हमारे गांव में सड़क नहीं पहुंची थी तो किसी बीमार को डाक्टर के पास दिखाने के लिए पिनस पर ले जाते थे। लेकिन, मैं जिक्र करना भूल गया कि डाक्टर के पास ले जाने की नौबत ही बहुत कम आती थी। अब आप इसका यह मतलब कतई न निकालिएगा कि हमारे गांव में कोई बीमार ही नहीं पड़ता था। गाहे-बगाहे मौसम का मिजाज बदलने पर या बदपरहेजी होने की वजह से लोगों की तवियत बिगड़ा ही करती थी। उस जमाने में गांव में न तो राजकीय प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (पीएचसी), न  डाक्टर, न कम्पाउंडर और न ही कोई मेडिकल स्टोर हुआ करता था। लेकिन, हर बीमारी के इलाज के पारम्परिक तरीके जरूर हुआ करते थे। मसलन, किसी घर में बहू को प्रसव होना‌ है तो गांव की कुशला फूफू की सेवाएं ली जाती थीं। साठ-पैंसठ के आसपास की उम्र की कुशला फूफू पास...
बिना विष पीये, विषमता को पचाए कोई भी महान नहीं बनता

बिना विष पीये, विषमता को पचाए कोई भी महान नहीं बनता

आध्यात्मिक
 भगवद चिन्तन... श्रावण मास शिव तत्व देवाधिदेव भगवान आशुतोष के जीवन से इस श्रावण मास में पूजन करते-करते कुछ सीखने और समझने योग्य है। ये महादेव कैसे हुए? जो अमृत पीते हैं वो देव बनते हैं जो राष्ट्र, समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए विष को भी प्रेम से पी जाएँ वो महादेव बन जाते हैं। बिना विष को पीये, विषमता को पचाए कोई भी महान नहीं बन सकता। आज के समय में अमृत की चाह तो सबको है, पर विष की नहीं। बिना विष को स्वीकारे कोई अमृत तक नहीं पहुँच सकता है। संघर्ष, दुःख, प्रतिकूल परिस्थिति, अभाव ये सब तुम्हें निखार रहे हैं। समस्या को स्वीकार करना ही समस्या का समाधान है। कोई भी समस्या तब तक ही है जब तक आप उससे डरते हो और उसका सामना करने से बचते हो। मनुष्य के संकल्प के सामने बड़ी से बड़ी चुनौती भी छोटी हो जाती है।...

उत्तराखंड में आज मिले 48 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज, कोई मौत नहीं

उत्तराखण्ड, हेल्थ
-राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341982 हो गया है। शब्द रथ न्यूज (ब्यूरो) (Shabd Rath News)। उत्तराखंड में आज 48 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। जबकि, कोरोना संक्रमित किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। वहीं, 51 कोरोना संक्रमित ठीक हुए हैं। राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का कुल आंकड़ा 341982 हो गया है। देहरादून व नैनीताल में आज सबसे ज्यादा मरीज 12-12 नए मरीज मिले हैं। उत्तराखंड में (Uttarakhand) वर्तमान में 669 एक्टिव केस (activ case) हैं, इनका इलाज चल रहा है। 7361 लोगों की अब तक संक्रमण से मौत (death) हो चुकी है। जिलावार चिन्हित हुए मरीजों की संख्या इस प्रकार रही देहरादून में 12, अल्मोड़ा 06, बागेश्वर 01, चमोली में 00, चम्पावत में 00, हरिद्वार में 01, नैनीताल में 12, पौड़ी गढ़वाल में 01, पिथौरागढ़ में 04, रुद्रप्रयाग में 01, टिहरी गढ़वाल में 00, ऊधमसिंहनगर 07 और उ...
संजय सती व अर्चना डिमरी सती के गढ़वाली वीडियो गीत ‘मेरु पहाड़ स्वर्ग जन’ का हुआ लोकार्पण

संजय सती व अर्चना डिमरी सती के गढ़वाली वीडियो गीत ‘मेरु पहाड़ स्वर्ग जन’ का हुआ लोकार्पण

मनोरंजन
-बॉलीवुड स्टूडियो नेहरू कालोनी देहरादून में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" और संगीतकार विकेश भारद्वाज ने वीडियो गीत का लोकार्पण किया। गीत अर्चना डिमरी सती ऑफिशियल यूटयूब चैनल पर रिलीज किया गया है। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। गीतकार संजय सती और गायिका अर्चना डिमरी सती के गढ़वाली वीडियो गीत 'मेरु पहाड़ स्वर्ग जन' का लोकार्पण वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" और संगीतकार विकेश भारद्वाज ने किया। गीत अर्चना डिमरी सती के यूटयूब चैनल पर रिलीज किया गया है। बॉलीवुड स्टूडियो नेहरू कालोनी देहरादून में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" ने कहा कि संजय सती ने पहाड़ के पर्यटन स्थलों को दर्शाता हुआ बहुत सुंदर गीत लिखा है। वर्तमान में चल रहे गढ़वाली डीजे गीतों की धमाचौकड़ी में यह गीत सुकून देता है।...
मुख्यमंत्री के गुरुद्वारा दर्शन में रोकी थी गुरुवाणी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिया इस्तीफा

मुख्यमंत्री के गुरुद्वारा दर्शन में रोकी थी गुरुवाणी, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने दिया इस्तीफा

उत्तराखण्ड, धर्म
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उद्यमसिंहनगर जनपद के नानकमत्ता गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस्तीफा दे दिया है। गुरुद्वारे के सुचारू कामकाज के लिए पांच सदस्यीय प्रबंधन कमेटी गठित किसी है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने उधमसिंहनगर जनपद के दौरे के दौरान 24 जुलाई को नानकमत्ता गुरुद्वारे में दर्शन के लिये गए थे। मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए स्कूली छात्राओं ने गुरुद्वारा परिसर में नृत्य किया था। वहीं, जिस समय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, मंत्री व विधायकों के साथ नानकमत्ता गुरुद्वारे में माथा टेकने गए थे, उस समय गुरुद्वारे में गुरुवाणी को थोड़ी देर के लिए बंद कर दिया गया था। संगतें नानकमत्ता में डाले हुए थी डेरा गुरुद्वारा परिसर में नृत्य और गुरुवाणी रोके जाने को लेकर सिख संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे गुरुद्वारे की मर्यादा का उल्लंघन बताया। वहीं, अकाल तख्त अमृतस...

उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम 31 जुलाई को

उत्तराखण्ड
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने की तिथि तय हो गई है। 31 जुलाई को शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे उत्तराखंड बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम जारी करेंगे। पांडे ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर बोर्ड पहुंचकर वह बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी करेंगे। परिणाम सुबह 11 बजे जरिन्होगा। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते पहली बार उत्तराखंड बोर्ड बिना बोर्ड परीक्षाओं के ही पूर्व कक्षाओं के मूल्यांकन के आधार पर परिणाम घोषित करेगा। इसलिए सभी की नजरें परीक्षा परिणाम पर लगी हुई हैं कि आखिर परिणाम इस वर्ष किस तरह का होगा।...