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Tag: Big Breaking News in Uttarakhand

प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक |

प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक |

उत्तराखण्ड
प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश पर मानसून अवधि 30 सितंबर तक लगा रोक | अधिकारी व कर्मचारी अपने विभागीय उच्चाधिकारियों से लंबा अवकाश स्वीकृत कराकर प्रस्थान कर जाते हैं। ऐसे में मानसून अवधि में बचाव व राहत कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिसे देखते हुए धामी सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबी छुट्टी पर रोक लगा दी है। मानसून के दौरान 30 सितंबर तक प्रदेश सरकार के अधिकारी-कर्मचारियों को अवकाश नहीं मिलेगा। मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु ने अधिकारी-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश दिया जाएगा, लेकिन अवकाश देते समय उच्चाधिकारी को प्रतिस्थानी की व्यवस्था करनी होगी। प्रदेश सरकार ने यह कदम आपदा की स्थिति में प्रभावितों को तत्काल राहत देने के लिए उठाया है। कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मानसून पूर्व तैयारियों क...
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा |

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा |

उत्तराखण्ड
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को गैरसैंण में सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी कि, की घोषणा | पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि संकल्प पारित होने के बाद तीसरा ग्रीष्मकाल है, लेकिन इस दौरान गैरसैंण को राजधानी बनाना तो छोड़िए, मुख्यमंत्री ने एक रात वहां बिताना भी मुनासिब नहीं समझा। सरकार के प्रतीक के तौर पर वहां कुछ नहीं है। विधानसभा का बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नहीं कराए जाने से आहत पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 14 जुलाई को वहां किसी सरकारी दफ्तर में सांकेतिक तालेबंदी की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि लोग कह रहे हैं, सरकार गैरसैंण को भूल गई, लेकिन जब तक वह जिंदा है, गैरसैंण के मुद्दें को मरने नहीं देंगे। गैरसैंण के मुद्दे पर पूर्व सीएम ने धामी सरकार पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में संकल्प पारित होने के बाद भी ग्रीष्मकालीन सत्र वहां नहीं कराया...
देवहा नदी के पास भैंस लेकर गए बच्चे को बनाया शिकार, परिजन बोले- पेट चीरकर निकालो मेरा लाल |

देवहा नदी के पास भैंस लेकर गए बच्चे को बनाया शिकार, परिजन बोले- पेट चीरकर निकालो मेरा लाल |

उत्तरप्रदेश
देवहा नदी के पास भैंस लेकर गए बच्चे को बनाया शिकार, परिजन बोले- पेट चीरकर निकालो मेरा लाल | यूपी सीमा से सटे ग्राम मेहरबाननगर निवासी मीना देवी पत्नी स्व. शोभा प्रसाद का 11 वर्षीय बेटा वीर सिंह भैंस चराने देवहा नदी किनारे गया हुआ था। इस दौरान एक भैंस नदी में घुसी तो वीर सिंह उसे बाहर निकालने के लिए नदी में कूद गया। तभी एक मगरमच्छ उसे पानी में गहराई तक खींच लिया। देवहा नदी किनारे भैंस चराने गए बच्चे को मगरमच्छ ने शिकार बना लिया। मगरमच्छ बच्चे को पानी में खींच ले गया और उसे निगल लिया। गोताखोरों ने मगरमच्छ को जाल में फंसाकर बाहर निकाला। देर शाम तक ग्रामीण बालक को मगरमच्छ के पेट से बाहर निकालने की मांग पर अड़े थे। वन विभाग के आला अधिकारी, पुलिस और एसडीएम ने मगरमच्छ की मेडिकल जांच कराने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया। रविवार शाम करीब साढ़े तीन बजे यूपी सीमा से सटे ग्राम मेहरबाननग...
उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश में सफर जानलेवा साबित , बोल्डर गिरने से 26 घायल- 07 यात्रियाें की गई जान |

उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश में सफर जानलेवा साबित , बोल्डर गिरने से 26 घायल- 07 यात्रियाें की गई जान |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश में सफर जानलेवा साबित , बोल्डर गिरने से 26 घायल- 07 यात्रियाें की गई जान | उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश में सफर जानलेवा साबित हो रहा है। बरसात शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन वाहनों पर बड़े बड़े बोल्डर (पत्थर) गिरने की सात यात्रियों की जान जा चुकी है। उत्तराखंड के पहाड़ों पर बारिश में सफर जानलेवा साबित हो रहा है। बरसात शुरू हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन वाहनों पर बड़े बड़े बोल्डर (पत्थर) गिरने की नौ घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिसमें अभी तक सात लोग अपनी जान गंवा चुकेजबकि 26 घायल हो गए हैं। उत्तराखंड में लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़कों पर 166 क्रॉनिक जोन (अति संवेदनशील) चिह्नित किए गए हैं। जहां अक्सर मलबा, पत्थर गिरने की घटनाएं होती हैं। हालांकि उत्तराखंड के पहाड़ों के कमजोर होने की वजह से हर साल नए नए संवेदनशील स्थान भी विकसित हो रहे हैं जिससे यह...
अगले 24 घंटे में दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना |

अगले 24 घंटे में दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना |

उत्तराखण्ड
अगले 24 घंटे में दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना | अगले 24 घंटे में दून, नैनीताल और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना है, जबकि मंगलवार और बुधवार को दून, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल और चंपावत में भारी बारिश की संभावना है। वहीं मानसून के चलते प्रदेश में एक दिन पहले बंद हुई 81 सड़कों के साथ रविवार को इनमें 84 सड़कें और बंद हो गईं। इस तरह से कुल 165 बंद सड़कों ने राहगीरों की राह रोक दी। राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही झमाझम बारिश का भी दौर शुरू हो गया है। पिछले 24 घंटे में दून, चमोली, उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल, चंपावत, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, हरिद्वार, टिहरी गढ़वाल समेत सभी जिलों में कहीं भारी बारिश तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश दून के मोहकमपुर क्षेत्र में 113 मिमी रिकॉर्ड की गई, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। वहीं, ...
गैरसैंण ब्लॉक में नवजात के लिए एंबुलेंस में मौजूद फार्मासिस्ट बनी मसीहा |

गैरसैंण ब्लॉक में नवजात के लिए एंबुलेंस में मौजूद फार्मासिस्ट बनी मसीहा |

उत्तराखण्ड
गैरसैंण ब्लॉक में नवजात के लिए एंबुलेंस में मौजूद फार्मासिस्ट बनी मसीहा | गैरसैंण ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोलानी के तोक खोलीधार निवासी कुसुम देवी को परिजन प्रवस के लिए सीएचसी चौखुटिया लाए। कुसुम की प्रसव पीड़ा इतनी बढ़ गई थी कि बच्चे का पैर बाहर निकल गया, लेकिन सीएचसी में तैनात डॉक्टरों ने प्रसव कराने से मना कर दिया। बाद में एंबुलेंस में मौजूद फार्मासिस्ट ने प्रसव कराया। पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं की बानगी रविवार को उस समय देखने को मिली जब प्रसव पीड़ा से कराह रही गर्भवती को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज नहीं मिला। नवजात का पैर बाहर निकलकर नीला पड़ चुका था। डॉक्टरों ने यह कहकर प्रसव कराने से इन्कार कर दिया कि बच्चे की धड़कन बंद है। बाद में रानीखेत ले जाते समय एंबुलेंस में फार्मासिस्ट की मदद से प्रसव हो गया। गैरसैंण ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोलानी के तोक खोलीधार निवासी कुस...

उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद | मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। बंद सड़कों को खोलन के काम में कुल 289 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। इनमें सबसे अधिक 113 मशीनों को नेशनल हाईवे पर लगाया है। प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भूस्खलन के कारण सड़कों के बंद होने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्रॉनिक लैंड स्लाइड जोन ज्यादा दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। शुक्रवार को चमोली जिले में सिरोहबगड़ में फिर मलबा आने से ऋषिकेश- बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) के बार फिर अवरुद्ध हो गया। लोनिवि की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। इसी दिन कुल 81 सड़कों को खालने का काम भी किया गया। इसके अलावा नौ राज्य हाईवे, 10 मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला मार्ग...
उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद |

उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद | मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में चुनौतियां भी बढ़ गई हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। बंद सड़कों को खोलन के काम में कुल 289 जेसीबी मशीनों को लगाया गया है। इनमें सबसे अधिक 113 मशीनों को नेशनल हाईवे पर लगाया है। प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भूस्खलन के कारण सड़कों के बंद होने का सिलसिला शुरू हो गया है। क्रॉनिक लैंड स्लाइड जोन ज्यादा दिक्कतें पैदा कर रहे हैं। शुक्रवार को चमोली जिले में सिरोहबगड़ में फिर मलबा आने से ऋषिकेश- बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58) के बार फिर अवरुद्ध हो गया। लोनिवि की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, शुक्रवार को एक राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 83 सड़कें बंद हैं। इसी दिन कुल 81 सड़कों को खालने का काम भी किया गया। इसके अलावा नौ राज्य हाईवे, 10 मुख्य जिला मार्ग, चार अन्य जिला म...
रुड़की की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में आर्मी जवान और उत्तराखंड पुलिस के बीच गई हाथापाई | मौजूद लोगों की भीड़ ने लगाये इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारे |

रुड़की की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में आर्मी जवान और उत्तराखंड पुलिस के बीच गई हाथापाई | मौजूद लोगों की भीड़ ने लगाये इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारे |

उत्तराखण्ड
रुड़की की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में आर्मी जवान और उत्तराखंड पुलिस के बीच गई हाथापाई | मौजूद लोगों की भीड़ ने लगाये इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारे | रुड़की की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में देहरादून-रुड़की मार्ग पर आर्मी के जवान और उत्तराखंड पुलिस के बीच उस समय हाथापाई हो गई, जब आर्मी की गाड़ी पुलिस सब इंस्पेक्टर की गाड़ी से टकरा गई। इसी बात को लेकर दारोगा और आर्मी के जवानों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते लोगों का हुजूम इकठ्ठा हो गया। इस दौरान लोगों की भीड़ आर्मी के जवानों के पक्ष में नारेबाजी करने लगी, जबकि पुलिस का दारोगा और कॉन्स्टेबल, आर्मी की गाड़ी को रोककर खड़े हो गए। इसी बीच दारोगा और आर्मी के जवानों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं, मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई, लेकिन जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, उससे पहले ही भीड़ ने आर्मी की गाड़ी को वहां से भगा दिया। जानकारी के अनुसार, भगवानपुर थाने ...
उत्तराखंड में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तीन लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने योजना शुरू |

उत्तराखंड में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तीन लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने योजना शुरू |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत तीन लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने योजना शुरू | करीब 40 हजार स्वयं सहायता समूह में जुड़ी हैं 3 लाख से अधिक महिलाएं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत योजना पर काम शुरू। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत तीन लाख महिलाओं को लखपति बनाने की योजना पर प्रदेश में काम शुरू हो गया है। स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ीं महिलाओं के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत उन्हें कौशल विकास के साथ सूक्ष्म उद्यमों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में इस वित्तीय वर्ष में 20 हजार नए स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। वर्तमान में प्रदेश के 95 ब्लाकों में 39,116 स्वयं सहायता समूहो...