Friday, April 17News That Matters

पटारा गांव में नागराजा मेले की धूम: भक्ति और संस्कृति के रंग में डूबी भंडारस्यू पट्टी

उत्तरकाशी जनपद के अंतर्गत भंडारस्यू पट्टी के पटारा गांव में आराध्य नागराजा देवता का वार्षिक मेला अत्यंत उत्साह, उमंग और अटूट श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस पारंपरिक मेले (थौलू) में क्षेत्र के हज़ारों श्रद्धालुओं ने शिरकत की, जिससे पूरा गांव भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।

​मेले का शुभारंभ नागराजा देवता के अभिषेक के साथ हुआ। ग्रामीणों ने अपने आराध्य को दूध से नहलाया और पीत अक्षत एवं पुष्पांजलि अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर गांव की ध्याणियों (विवाहित बेटियों) ने बड़ी संख्या में पहुँचकर अपने मायके के ईष्ट देव को पीत वस्त्र और भेंट अर्पित कर मन्नतें मांगी। ढोल-दमाऊ की थाप पर जब नागराजा की पालकी को ग्रामीणों ने कंधों पर नचाया, तो पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा।

 



​इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रधान संघ के प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृपाल सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने न केवल पूजा-अर्चना में भाग लिया, बल्कि ग्रामीण विकास और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
​बड़ी घोषणा: ठाकुर कृपाल सिंह ने नागराजा देवता के चरणों में 21,000 रुपये की श्रद्धा भेंट अर्पित की। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण संस्कृति और हमारे ईष्ट देव ही हमारी असली पहचान हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि गांवों के विकास और धार्मिक स्थलों के सुदृढ़ीकरण के लिए वे सदैव तत्पर रहेंगे।

​मेले के दौरान स्थानीय युवाओं और महिलाओं ने रासू, तांदी और पारंपरिक नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुति दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक विजल्वाण ने भी मेले में शिरकत की और मंदिर पुनरुद्धार के लिए 1 लाख रुपये देने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि ये मेले आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता को मजबूत करने का सबसे बड़ा माध्यम हैं।

​कार्यक्रम के अंत में पटारा के ग्राम प्रधान ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मेला गांव की प्रगति और खुशहाली का प्रतीक है।