पुत्र मोह में टूटा ‘कांग्रेस परिवार’, इस सीट से टिकट की चाह में दोस्त बने दुश्मन!
पुत्र मोह में टूटा 'कांग्रेस परिवार', इस सीट से टिकट की चाह में दोस्त बने दुश्मन!
कांग्रेस नेता और 10 बार के विधायक 76 वर्षीय मोहन सिंह भाई राठवा ने पुत्र मोह के कारण भगवा धारण कर लिया है। जब अमर उजाला ने उनसे पूछा कि आखिरी वक्त में पार्टी क्यों बदली, तो उन्होंने कहा कि मेरे बेटे राजेंद्र की जगह नारायण के बेटे संग्राम को कांग्रेस ने टिकट दे दिया। इसके बाद मैंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की और अपने बेटे के लिए टिकट की मांग की...
गुजरात की आदिवासी बहुल सीट छोटा उदयपुर इस चुनाव में 'राठवाओं' का अनोखा मुकाबला देखने के लिए तैयार हो चुकी है। दो राठवाओं की आपसी लड़ाई में कांग्रेस उलझी गई। एक को टिकट मिला, तो दूसरे ने हाथ का साथ छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया। कभी कांग्रेस से टिकट मांगने वाले दोनों राठवा चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं। कहानी यहीं पूरी नहीं होती। आम आदमी पार्टी ने भी इ...








