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Day: August 1, 2026

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनसमस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को लोहियाहेड हेलीपैड स्थित कैंप कार्यालय में जनता एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना। इस अवसर पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  धामी ने कहा कि जनसेवा ही सरकार का मूल उद्देश्य है और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर उसका प्रभावी समाधान किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मंत्र के साथ कार्य कर रही है। शासन और प्रशासन की जवा...
आईजीएनएफए देहरादून में 2024 बैच के आईएफएस अधिकारियों का दीक्षांत समारोह संपन्न; केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बांटे पदक

आईजीएनएफए देहरादून में 2024 बैच के आईएफएस अधिकारियों का दीक्षांत समारोह संपन्न; केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बांटे पदक

उत्तराखंड, देहरादून, बड़ी खबर
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून में प्रशिक्षणरत 2024 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) परिवीक्षार्थियों का दीक्षांत समारोह शनिवार को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) के दीक्षांत गृह में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  भूपेंद्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे तथा उन्होंने सफल परिवीक्षार्थियों को प्रमाणपत्र एवं पदक प्रदान किए। दीक्षांत समरोह में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री  भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें देश की एक प्रतिष्ठित अकादमी से तकनीकी एवं नेतृत्व संबंधी उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जब ये अधिकारी अपने सेवा जीवन के सर्वश्रेष्ठ दौर में होंगे, तब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा और ...
शिक्षा: बदलते भारत की सबसे बड़ी जरूरत

शिक्षा: बदलते भारत की सबसे बड़ी जरूरत

Education
शिक्षा: बदलते भारत की सबसे बड़ी जरूरत शीतल सकलानी (यू.सी.एन) शिक्षा केवल किताबों तक सीमित ज्ञान नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे समाज की नींव है जो जागरूक, सक्षम और आत्मनिर्भर हो। किसी भी देश की वास्तविक ताकत उसके प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके शिक्षित नागरिकों से तय होती है। इसलिए शिक्षा को केवल एक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम माना जाता है। आज भारत तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। विज्ञान, तकनीक, डिजिटल क्रांति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में शिक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसके बावजूद देश की शिक्षा व्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा की गुणवत्ता में अंतर, सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी, निजी शिक्षा की बढ़ती लागत, प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव और रोजगार के अनुरूप कौशल की कमी आज भी गंभ...