पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज,उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत |
पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज,उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत |
राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं होते हैं। न तो साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रभावी व्यवस्था होती है और न ही इतना बड़ा मुखबिर तंत्र। आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने के तरीके भी राजस्व पुलिस के पास नहीं हैं। ऐसे में ज्यादातर जघन्य अपराधों की जांच कुछ दिनों बाद रेगुलर पुलिस को ही सौंप दी जाती है।
अंकिता हत्याकांड की जांच समय से रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई तो अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गए। वरना, उत्तराखंड की पटवारी पुलिस व्यवस्था में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनके अपनों की हत्या हुई और हत्यारे आज तक पकड़ में नहीं आ सके। राजस्व पुलिस की लचर जांच के चलते तीन साल में 16 में से 13 मुकदमों में रेगुलर पुलिस को भी अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी।
राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं ह...








