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नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी आज कार्यभार संभाल लेंगे, सीएम धामी भी कार्यक्रम में रहेंगे उपस्थित

नैनीताल उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी आज कार्यभार संभाल लेंगे, सीएम धामी भी कार्यक्रम में रहेंगे उपस्थित

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देहरादून : नैनीताल उच्च न्यायालय के नव नियुक्त मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी आज कार्यभार संभाल लेंगे। मंगलवार शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। राज्यपाल ले जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) उन्‍हें शपथ दिलाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी उच्च न्यायालय उत्तराखंड नैनीताल के मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समारोह के दौरान व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने को लेकर जिलाधिकारी डा. आर राजेश कुमार ने अधीनस्थों को दिशा-निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने व्यवस्था में लगे अन्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कहा कि जो भी दायित्व दिए गए हैं उनका गंभीरता पूर्वक निर्वहन करें। जिस भी कार्मिक के मन में कोई शंका है तो अपर जिल...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के दिये निर्देश

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के दिये निर्देश

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*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनपद चमोली, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी एवं पौड़ी के चारधाम यात्रा मोटर मार्ग पर चिह्नित 77 अतिसंवेदनशील स्थलों पर क्रेश बैरियर लगाए जाने के निर्देश दिये हैं।* देहरादून 27 जून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट मंत्री लोक निर्माण विभाग सतपाल महाराज और कैबिनेट मंत्री परिवहन विभाग चंदनराम दास को अर्द्ध शासकीय पत्र लिखकर चिह्नित संवेदनशील स्थलों पर दो चरणों में क्रेश बैरियर लगाने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्गों में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली क्षति की रोकथाम एवं दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को गहरी खाई में गिरने से बचाने हेतु क्रेश  बैरियर लगाये जाने की नितान्त आवश्यकता है। चारधाम यात्रा मार्ग पर अभी भी कई ऐसे अति संवेदनशील स्थल मौजूद हैं, जहाँ 02 क्रेेश बैरियर के मध्य काफी फासला है, जो कि उक्त दुर्घटनाओं को रोकने में अपर्याप्त हैं। प...
उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल |

उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल |

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उत्तराखंड ने खोया आज फिर एक और चमकता सितारा मेरी बामणी फेम नवीन सेमवाल | आज सुबह सुबह उत्तराखंड म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक बहुत बुरी दुखद खबर आ रही है, हमारे युवा साथी संगीतकार गायक गुंजन डंगवाल के असहनीय दुःख से उभर भी नहीं पाये थे कि, एक और दुःखद घटना हो गई है। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकप्रिय कलाकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनी नवीन सेमवाल का आकस्मिक निधन हो गया है | बताया जा रहा है की नवीन सेमवाल की कई दिनों से तबियत ख़राब चल रही थी, शुरुआती तबीयत बिगड़ने पर उन्हें उनके नजदिकी अस्पताल रुद्रप्रयाग में स्थित राजकीय अस्पताल ले जाया गया, राजकीय डॉक्टरों ने उन्हें देहरादून के अस्पताल में रेफर कर दिया , जहाँ इलाज के चलते नवीन सेमवाल ने अपनी आखरी साँस ली | नवीन सेमवाल ने उत्तरखंड म्यूजिक इंडस्ट्री में मेरी बामणी से अपनी एक अलग ही पहचान बनाई थी, साथ ही व एक हास्य कलाकार भी थी कई शॉर्ट फि...
प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन |

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प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को क्यों मान रही है अड़चन | प्रदेश सरकार राजधानी देहरादून के विकास में दून वैली अधिसूचना को अड़चन मान रही है। दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री के सामने यह मामला उठाया। सरकार का तर्क है कि इससे पर्यटन, उद्योग, खनन, चारा, लैंड यूज की अनुमतियों में दिक्कतें आ रही हैं। चूना पत्थरों की खदानों से छलनी पहाड़ों की रानी मसूरी को हरा भरा बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली दून वैली अधिसूचना अब राज्य सरकार की आंखों में खटक रही है। मसूरी के लिए फायदेमंद यह अधिसूचना दून राजधानी क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। यही वजह है कि राज्य सरकार ने दून घाटी अधिसूचना को वापस कराने के लिए कोशिशें तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परि...
पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया |

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पर्वतीय जनपदों में चलेगी घसियारी योजना, जिसमे नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया|  मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना में टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ को भी शामिल कर लिया गया है। इसके लिए 88 नई एमपैक्स का चयन कर लिया गया है। सचिव सहकारिता डॉ.बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने बताया कि 11 जिलों में कुल 150 बहुद्देश्यीय प्रारंभिक कृषि ऋण समितियों (एमपैक्स) के माध्यम से योजना का संचालन किया जाएगा। अभी तक प्रदेश के चार जिलों में संचालित हो रही मुख्यमंत्री घसियारी कल्याण योजना अब सभी पर्वतीय जिलों में चलेगी। नैनीताल और देहरादून के पर्वतीय विकास खंडों को भी योजना में शामिल किया गया है। इससे प्रदेश की तीन लाख से अधिक महिलाओं को फायदा होगा। अभी चार जिलों पौड़ी, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और चंपावत में 62 एमपैक्स के जरिये 75 प्रतिशत ...

गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची।

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गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। सरकार गांव-गांव तक सड़क पहुंचाने का डंका पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। जौनपुर विकासखंड का लग्गा गोठ गांव की एक गर्भवती प्रसव पीड़ा में रात में छह घंटे पैदल चलकर जंगल के रास्ते ढाई किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंची। गनीमत रही महिला समय पर अस्पताल पहुंच गई, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। 22 जून की रात करीब 10 बजे गोठ गांव की अंजू देवी पत्नी सोमवारी लाल गौड़ की पत्नी को प्रसव पीड़ा हुई। तमाम प्रयासों के बाद भी घोड़े-खच्चर का इंतजाम नहीं हो पाया। थक हार कर सोमवारी लाल ने पत्नी को पैदल ले जाने का फैसला किया। करीब ढाई किमी की खड़ी चढ़ाई वाली जंगल की पगडंडियों पर टॉर्च के सहारे रात करीब 11 बजे अंजू ने सफर शुरू किया। प्रसव पीड़ा से कराहते हुए अंजू छह घंटे में सुबह करीब पांच ब...
बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |

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बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुका ,झील बनना खतरे का संकेत अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है |   बागेश्वर जिले में शंभू नदी का प्रवाह रुकना और झील बनना खतरे का संकेत दे रहा है। झील का आकार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहन है कि भूस्खलन के कारण मलबा और बोल्डर गिरने से झील बनी है। अगर झील टूटी तो चमोली जिले का बड़ा भूभाग नुकसान की जद में आ सकता है। चमोली जिले को जोड़ने वाली शंभू नदी किसी भी समय बड़ी तबाही ला सकती है। बागेश्वर जिले के अंतिम गांव कुंवारी से करीब दो किमी आगे भूस्खलन के मलबे से शंभू नदी पट गई है। इससे यहां झील बन गई है। झील का आकार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। समय रहते मामले का संज्ञान नहीं लिया गया तो बरसात या उससे पहले बड़ा हादसा हो सकता है। कपकोट के आपदाग्रस्त गांव कुंवारी की पहाड़ी से समय-समय पर भूस्खलन होता रहता है। वर...
गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट |

गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट |

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गर्मी से मिली राहत, वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट | झमाझम बारिश से सोमवार को जहां शहर में लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं पहाड़ों में मौसम में ठंडक आई। बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत में आज भारी बारिश के आसार हैं। इसको देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानी विक्रम सिंह के मुताबिक 28 जून से राज्य में मैदान से लेकर पहाड़ तक मानसून के सक्रिय होने और झमाझम बारिश की संभावना है। सोमवार सुबह राजधानी देहरादून सहित मसूरी, चमोली में झमाझम बारिश हुई। वहीं कई जगह पर बादल छाए हुए हैं। चमोली जनपद में तड़के से बारिश हो रही है। जबकि नई टिहरी, श्रीनगर, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग में बादल छाए हुए हैं। यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में बारिश का मौसम बना हुआ है। मौसम ने करवट ली तो पहाड़ों में ठंडक आई। शहर के लोगों को भी गर्मी से राहत मि...
जिले में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूर्णतया बर्जित: डीएम

जिले में एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूर्णतया बर्जित: डीएम

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जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने बताया कि पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के तहत विभिन्न सिंगल यूज प्लास्टिक से निर्मित उत्पादों (75 माइक्रोन से कम) के विनिर्माण,आयात,भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 जून से पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। इस परिपेक्ष्य में जिले की सभी नगर निकायों में 1 जुलाई 2022 से पोलीस्टाइरीन (थर्माकोल) वस्तुओं सहित एकल प्रयोग प्लास्टिक वस्तुओं के विनिर्माण,आयात,भंडारण, वितरण,बिक्री और उपयोग को निषेध किया जाएगा। जिसमें प्लास्टिक स्टिक युक्त इयरबड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की डंडिया, प्लास्टिक के झंडे,कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की डंडिया, पोलीस्टाइरीन (थर्माकोल) की सजावट सामग्री, प्लेट कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे जैसे कटलरी मिठाई के डिब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट...

चार साल की बच्ची को पड़ा मिर्गी का दौरा, जाम में फंसी मासूम की जान |

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चार साल की बच्ची को पड़ा मिर्गी का दौरा, जाम में फंसी मासूम की जान | स्थानीय लोगों और पीआरडी जवानों की कड़ी मशक्कत के बाद जाम में फंसी एंबुलेंस को निकाला जा सका, लेकिन इस बीच एक मासूम की जान पर बन आई। परिजन भी बच्ची की हालत देख बेचैन हो गए है। पर्यटकों की भीड़ के आगे पुलिस-प्रशासन की व्यवस्था भी कम पड़ गई। ट्रैफिक जाम में एक एंबुलेंस के फंसने से चार साल की बीमार बच्ची की जान पर बन आई। आखिर में पौन घंटे बाद जाम से निकालकर एंबुलेंस को हायर सेंटर भेजा गया, जहां बच्ची का उपचार किया गया। शुक्रवार को पंजाब से मसूरी घूमने आए पर्यटक की चार साल की बच्ची को मिर्गी के दौरा पड़ गया। बच्ची को लंढौर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, पर तबीयत बिगड़ने पर 108 एंबुलेंस से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। 11.34 पर एंबुलेंस अस्पताल के लिए रवाना हुई, लेकिन भगत सिंह चौक पर ट्रैफिक जाम में एंबुलेंस फंस गई...