Monday, April 13News That Matters

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बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे बंद, देहरादून में पुल टूटा

उत्तराखण्ड
-उत्तराखंड में मंगल रात से बारिश हो रही है। इससे कई स्थानों पर परेशानियां खड़ी होंगैन्हाई। नेशनल हाइवे सहित कई अन्य संपर्क मार्ग बारिश में आए मलबे के कारण हो गए हैं। मौसम केंद्र के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड में मंगलवार रात से हो रही बारिश बुधवार सुबह भी जारी है। बदरीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री हाईवे सहित कई संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। राजधानी देहरादून में जलभराव हो गया है। दून के बकरावाला क्षेत्र में एक पुल टूट गया है, जिस पर चौपहिया वाहन भी चलते थे। वहीं, नदी किनारें रहने वाले लोग दहशत में हैं। रात से कई अन्य इलाकों में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग में रात से बारिश जारी ...

नीरज नैथानी… मेरे गांव की गोठ

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड ------------------------------------- मेरे गांव की गोठ पहाड़ी गांवों से जब इस कदर पलायन नहीं हुआ था तथा गांव, घर-परिवारों व पशुओं से भरपूर बने हुए थे, उस समय गोठ परम्परा प्रचलन में थी। जैसा हम जानते ही हैं कि पहाड़ी खेत आकार व क्षेत्रफल में छोटे होने के साथ ही सीढ़ीनुमा होते हैं। अत: इन खेतों में अच्छी फसल के लिए जैविक खाद पंहुचाना दुष्कर कार्य होता था। इस समस्या के निराकरण के लिए ही गांव में गोठ परम्परा स्थापित की गयी। गांव के तीन-चार परिवार मिल कर अपना समूह बना लेते थे। प्रात: उस समूह के एक दो सदस्यों के नियंत्रण में उनके समस्त पशु विशेषकर गाय, बैल, बछड़ा, बछिया बकरी आदि चराने के लिए जंगल ले जाए जाते। हांलाकि, वे निरंतर अभ्यास के कारण स्वत: ही चलते जाते व गौचर मैदान में अपनी इच्छा से चारा चरते तथा शाम होने पर स्वभाविक रूप से अपने आप ही लौटने भी ल...

चलो चले गांव की ओर…. दसवीं (समापन) किश्त… बोडी पर देवता अवतरित हो गया, उन्ने जोर से किलक्कताल मारी… आदेश…!

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड चलो चले गांव की ओर...गतांक से आगे.. दसवीं (समापन) किश्त आज कथा का‌ समापन दिवस है। मंदिर परिसर में सुबह से ही हलचल हो रही है। पाठार्थी उच्च स्वर में जप कर रहे हैं। व्यास जी‌ गद्दी पर बैठे मौन वाचन करते हुए पुस्तक के पृष्ठ पलटते जा रहे हैं। आस-पास के गावों से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा आ रहा है। पाण्डाल भक्तों से खचाखच भर चुका‌ है। अंतत: जैसे ही व्यास जी ने पारायण की घोषणा करते हुए उद्घोष किया बोलिए आज के आनंद की... सामूहिक स्वर वातावरण में गूंज उठे.. जय। एक पाठार्थी ने माइक अपने सामने खिसकाते हुए उच्चारित किया.. धर्म की.. सभी एक साथ बोल उठे ... जय हो..., अधर्म का.. नाश हो.., प्राणियों में.. सद्भावना हो। हर-हर महादेव... हर-हर महादेव... फिर व्यास जी के द्वारा आरती करने का संकेत करते ही आरती प्रारम्भ‌ हो गयी। प्रांगण में बैठे समस्त लोग अपने स्थान ...
ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, रात शुरू हुई हड़ताल खत्म

ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने वापस ली हड़ताल, रात शुरू हुई हड़ताल खत्म

उत्तराखण्ड
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। हड़ताली कर्मचारियों की ऊर्जा मंत्री हरक सिंह रावत से वार्ता हुई। सकारात्मक वार्ता के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने हड़ताल समाप्त करने निर्णय लिया। गौरतलब है कि 14 सूत्री मांगों को लेकर ऊर्जा निगम कर्मचारियों ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सोमवार रात 12 बजे से हड़ताल शुरू कर दी थी। कर्मचारियों की शासन के साथ वार्ता में बात न बनने पर ऊर्जा मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने खुद मोर्चा संभाला। हरक सिंह व संयुक्त संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के बीच करीब एक घंटे की वार्ता हुई। इसके बाद हड़ताल वापस ले ली गई।...
उत्तराखंड सरकार आयोग की परीक्षा पास करने वालों को देगी 50,000 रुपए

उत्तराखंड सरकार आयोग की परीक्षा पास करने वालों को देगी 50,000 रुपए

उत्तराखण्ड
-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में चर्चा के बाद 12 प्रस्तावों पर निर्णय हुआ। इसमें स्कूल खोले जाने जैसे अहम बिंदुओं पर फैसला लिया गया शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड सरकार संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को 50,000 रुपए देगी। इसका निर्णय आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। चयनित 100 छात्र-छात्राओं को 50,000 रुपए दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने आगामी अगस्त से बच्चों के लिए भी स्कूल खोलने जा निर्णय लिया है। दो अगस्त सोमवार से कक्षा छह से 12वीं तक के छात्र-छात्रा स्कूल जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों पर निर्णय हुआ। कैबिनेट के निर्णय -ग्राम पंचायत कौसानी (जनपद बागेश्वर) को नगर पंचायत बनाया जाएगा। -जनपद ऊधमसिंहनगर में प्रस्ताव...
उत्तराखंड में एक अगस्त से खुल जाएंगे स्कूल, छठवीं से 12 तक के बच्चे आएंगे

उत्तराखंड में एक अगस्त से खुल जाएंगे स्कूल, छठवीं से 12 तक के बच्चे आएंगे

उत्तराखण्ड
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड में आगामी एक अगस्त से बच्चों के लिए भी स्कूल खुल जाएंगे, इसका निर्णय आज हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। एक अगस्त से कक्षा छह से 12वीं तक के छात्र-छात्रा स्कूल जाएंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों पर निर्णय हुआ। कैबिनेट के निर्णय -ग्राम पंचायत कौसानी (जनपद बागेश्वर) को नगर पंचायत बनाया जाएगा। -जनपद ऊधमसिंहनगर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट हेतु भूमि की उपयुक्ता के संदर्भ में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार किया जाएगा। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की विशेष परामर्शी सेवाएं द्वारा डीपीआर तैयार की जाएगी। -उत्तराखण्ड की चतुर्थ विधानसभा 2021 का द्वितीय सत्र दिनांक 23 से 27 अगस्त तक होगा। -राज्य खाद्य योजना के लाभार्थियों के लिए मई से जुलाई 2021 तीन माह तक अतिरिक्त खाद्या...
ऊर्जा निगम के 3500 कर्मचारी हड़ताल पर, कहा.. अधिकारियों की नीति व नीयत साफ नहीं

ऊर्जा निगम के 3500 कर्मचारी हड़ताल पर, कहा.. अधिकारियों की नीति व नीयत साफ नहीं

उत्तराखण्ड
-उत्तराखंड ऊर्जा निगम के लगभग 3500 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। पिछले 20 जुलाई को एक दिन के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद कर्मचारियों ने 27 जुलाई से बेमियादी हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी। लेकिन, घोषणा के बाद भी विभाग के अधिकारी मौन रहे, ऐसे में रात 12 बजे से तीनों निगमों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। उत्तराखंड ऊर्जा निगम के 3500 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए है। गत 20 जुलाई को कर्मचारियों ने एक दिन का सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया था। उस दिन कर्मचारियों ने घोषणा की थी कि यदि उनकी पर कार्रवाई नहीं की गई तो वह 27 जुलाई से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। लेकिन, घोषणा के बाद भी विभाग के अधिकारी मौन रहे, ऐसे में रात 12 बजे से तीनों निगमों के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यूपीसीएल, यूजेवीएनएल व पिटकुल में कार्यरत सभी कर्मचार...
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन… जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन… जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी

राष्ट्रीय
शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। संयुक्त नागरिक संगठन के आव्हान पर कई संस्थाओं प्रतिनिधियों ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में एकत्र होकर देश के जांबाज शहीदो को श्रद्धासुमन अर्पित किये। अपनी पुष्पांजली अर्पित करते हुए इनकी याद मे दीप जलाये। इनमे तिब्बती महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था। शहीदों के प्रति देशप्रेम की भावना से प्रेरित होकर राजकीय आवासीय विद्यालय राजपुर रोड़ के प्रधानाचार्य हुक्म सिंह उनियाल के नेतृत्व में छात्र छात्राओं, तिब्बती संगठन की महिलाओ व सभी गणमान्य नागरिको ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी' का सामूहिक गान किया। कवि वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" ने भारतभूमि और शहीदों को नमन करते हुए धनाक्षरी छंद में देशभक्ति पूर्ण रचना पढ़ी। उन्होंने पढ़ा कि 'धड़के है दिल ...

चलो चले गांव की ओर… नौवीं किश्त.. मैंने कह दिया, बोगट्या वोगट्या तो नहीं पर रोट कटेगा

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड चलो चले गांव की ओर.... गतांक से आगे... नौवीं किश्त.. समापन से पूर्व की किश्त भैजी कल तेरे घर की महफिल में भी बौत मज्जा आया पर, सच बताना हमारे आने के बाद भाभी जी ने क्लास तो नहीं ली नरू काका ने डायरेक्टर बोडा को छेड़ा। अमा यार किसकी घरवाली बोलेगि कि दारू पिओ.. गुलछर्रे उड़ाओ.. पर मैंने पैलेई बोल दिया था कि भै बंध बैठेंगे शाम को हल्ला मत करना।तकरार की आवाज तो आ रही थी मैंने सुना, हम पे नाराज तो नहीं हो रही थीं नरू काका भी सच उगलवाने को आतुर हो रहा था। ना ना तुम्हारे लिए कुछ नहीं कह रही थी बोडा ने टालने की गरज से कहा। कुछ तो बोल ही रही थी भैजी, नरू काका भी नशे की पिनक में अड़ गया। यार वो अक्सर मेरे द्वारा दोस्तों को दी जाने वाली दावत को फालतू की दरियादिली का आरोप लगाकर ताने सुनाती रहती है कि सारी दुनिया के लिए सबकुछ लुटाते रहते हो पर मेरे लिए आज तक...

नीरज नैथानी… जल की गतिज ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरित करने का प्राचीनतम श्रेष्ठ उदाहरण ‘पहाड़ी घट्’

राष्ट्रीय
नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड --------------------------------------------- मेरे गांव का घट् ------------------------------------ मैं बात कर रहा हूं पहाड़ी घट् की, जिसे आप पनचक्की अर्थात पानी से चलने वाली चक्की कह सकते हैं। वैसे इन्हें घराट के नाम से भी पुकारते हैं। जब पहाड़ के गावों में बिजली नहीं पहुंची थी और न ही डीजल इंजन से भक्क भक्क की आवाज करती चक्कियां ही चलती थीं तो उस समय ये घट् पहाड़ी जीवन की आधार शिला हुआ करते थे। कुछ-कुछ गावों में आज भी इनके अवशेष मात्र देखे जा सकते हैं। जो घराट नदियों के किनारे स्थित होते थे वे बारामासी चलते थे लेकिन, जो गधेरों के किनारे बनाए जाते थे वे वर्षाकाल में प्रचुर मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर ही चलते थे। गेहूं अनाज पीसने का एकमात्र साधन उस समय घट् ही होता था। लेकिन, यदि आप घट् का मूल्यांकन केवल पिसाई स्थली के रूप में करेंगे तो गच्...