एलपीजी पर सख्ती: ब्लैक मार्केटिंग रोकने को होम डिलीवरी जरूरी
रसोई गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। अब एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी को अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि उपभोक्ताओं को तय कीमत पर आसानी से गैस मिल सके और किसी तरह की मनमानी पर लगाम लगाई जा सके।
लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ जगहों पर गैस एजेंसियां सिलेंडर देने में देरी कर रही हैं या उपभोक्ताओं को खुद गोदाम से सिलेंडर उठाने के लिए कहा जा रहा है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कई लोग ज्यादा पैसे लेकर गैस उपलब्ध करा रहे थे।
नए निर्देशों के अनुसार, अब हर गैस बुकिंग के बाद एजेंसी को उपभोक्ता के पते पर सिलेंडर पहुंचाना होगा। किसी भी तरह की अतिरिक्त वसूली या जानबूझकर देरी करने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।
इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, खासकर उन परिवारों को जिन्हें गैस लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब घर बैठे ही सिलेंडर मिलने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी।
प्रशासन का कहना है कि सप्लाई सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर जांच कर नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि गैस लेते समय रसीद जरूर लें और तय कीमत से ज्यादा भुगतान न करें। अगर कोई समस्या आती है तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
सरकार के इस फैसले को उपभोक्ता हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगने के साथ-साथ लोगों को समय पर गैस मिल सकेगी।