“अध्यक्ष योगीता कैंतूरा रावत के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने CM को सौंपा ज्ञापन, 10 सूत्रीय मांगें रखीं”
देहरादून से बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रदेश ग्राम प्रधान संगठन, उत्तराखंड की अध्यक्ष योगीता कैंतूरा रावत के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन संगठन के पदाधिकारियों के माध्यम से सौंपा गया, जिसमें ग्राम पंचायतों से जुड़ी कई अहम मांगें रखी गईं।
ज्ञापन में ग्राम प्रधानों के लिए न्यूनतम 20 हजार रुपये मासिक मानदेय तय करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। इसके साथ ही ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों को भी उचित मानदेय देने की बात कही गई है। संगठन ने ग्राम पंचायतों को मिलने वाली धनराशि को जनसंख्या और भौगोलिक स्थिति के आधार पर बढ़ाने की मांग की है, ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके।
पदाधिकारियों के माध्यम से सौंपे गए इस ज्ञापन में विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र को अनिवार्य करने की मांग की गई है। साथ ही जिला योजना के कार्यों को ग्राम पंचायत की खुली बैठक में पारित कराने और संगठन के पदाधिकारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है।
इसके अलावा पंचायत स्तर पर 29 विभागों के अधिकार पूरी तरह ग्राम पंचायतों को देने, “ग्राम प्रधान निधि” बनाने, 10 लाख तक के कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर कराने, ग्राम प्रधानों के लिए जीवन बीमा लागू करने और उपप्रधान पद को पुनः बहाल करने की मांग भी रखी गई है।
मनरेगा से जुड़ी मांगों में श्रमिकों की उपस्थिति को ऑफलाइन करने और मजदूरी बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन करने की बात कही गई है।
