Saturday, July 18News That Matters

उत्तराखण्ड

चम्पावत के SDM लापता, प्रशासन से लेकर शासन तक मचा हड़कंप

चम्पावत के SDM लापता, प्रशासन से लेकर शासन तक मचा हड़कंप

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चम्पावत : एसडीएम सदर अनिल चन्याल के अचानक गायब होने से न केवल प्रशासन के अधिकारी पशोपेश में हैं, बल्कि आम जनता भी काफी बेचैन और व्यथित है। लोग उनके जल्दी वापस लौटने की कामना कर रहे हैं। अपने मृदु व्यवहार और कार्य के प्रति निष्ठा के चलते वह हमेश उच्च अधिकारियों के भी चहेते रहे हैं। दो बेटियां और बेटे से भरा पूरा है परिवार अनिल चन्याल ने लगभग एक साल पहले चम्पावत के एसडीएम सदर का पद संभाला था। इससे पहले वे जसपुर के नादेही चीनी मिल के एमडी थे। जसपुर स्थानांतरण होने से पहले वे टनकपुर के एसडीएम भी रह चुके हैं। चन्याल पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट के रहने वाले हैं। उनकी दो बेटियां और एक बेटा है। एक बेटी और बेटा अपनी मां सीमा चन्याल के साथ हल्द्वानी में रह रहे हैं, जबकि बड़ी बेटी राजस्थान के जयपुर में पढ़ाई कर रही है। पत्नी और बहन को भी कोई खबर नहीं सोमवार को जैसे ही उनके गायब होने की सूचना मिली...
उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे होना जरूरी: सीएम धामी

उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे होना जरूरी: सीएम धामी

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देहरादून : उत्‍तर प्रदेश की तरह ही उत्‍तराखंड में भी सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का सर्वे किया जाएगा। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी ने कहा है ऐसा करना जरूरी है। उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे होना जरूरी मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कई जगह मदरसों को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आ रही हैं। इसे देखते हुए उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे होना जरूरी है। शादाब शम्स ने कही थी सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने की बात मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने एक प्रश्न के उत्तर में ये बात कही। बता दें कि सोमवार को उत्तराखंड वक्‍फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने की बात कही थी। पांच सौ ज्‍यादा मदरसों को मिलती है सरकारी सहायता उत्तराखंड में वक्फ बोर्ड के अंतर्गत 103 मदरसे हैं, जबकि म...
शिमला में मिले दो दिन से लापता चंपावत के एसडीएम सदर अनिल चन्याल, पुलिस ने ली राहत की सांस |

शिमला में मिले दो दिन से लापता चंपावत के एसडीएम सदर अनिल चन्याल, पुलिस ने ली राहत की सांस |

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शिमला में मिले दो दिन से लापता चंपावत के एसडीएम सदर अनिल चन्याल, पुलिस ने ली राहत की सांस | मामले के जांच अधिकारी कोतवाल योगेश उपाध्याय ने बताया कि सुबह एसडीएम की लोकेशन ट्रेस की गई थी। जिससे उनकी लोकेशन शिमला में मिली थी।दो दिन से लापता चल रहे उत्तराखंड में चंपावत जिले के एसडीएम सदर के संबंध में पुलिस को जानकारी मिल गई है। जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि एसडीएम से बात हो गई है। वे शिमला में हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे इलाज के लिए आकस्मिक रूप से चले गए थे। मामले के जांच अधिकारी कोतवाल योगेश उपाध्याय ने बताया कि सुबह एसडीएम की लोकेशन ट्रेस की गई थी। जिससे उनकी लोकेशन शिमला में मिली थी। इसके बाद उनसे संपर्क साधने का प्रयास किया गया। यहाँ भी पढ़े :- SDM of Champawat, Anil Chanyal, missing since two days in Shimla, the police breathed a sigh of relief. ...
देहरादून के मालदेवता में सोमवार देर रात नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान पांच युवक नदी में ही टापू पर फंस गए।

देहरादून के मालदेवता में सोमवार देर रात नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान पांच युवक नदी में ही टापू पर फंस गए।

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देहरादून के मालदेवता में सोमवार देर रात नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान पांच युवक नदी में ही टापू पर फंस गए। देर रात सिटी कंट्रोल रूम की ओर से एसडीआरएफ को कुछ युवकों के नदी में फंसे होने की सूचना मिली थी। एसटीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पांच युवक टापू पर फंसे थे। देहरादून के मालदेवता में सोमवार देर रात नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। इस दौरान पांच युवक नदी में ही टापू पर फंस गए। सूचना पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने युवकों को रेस्क्यू कर नदी से सुरक्षित निकाला। जानकारी के अनुसार, देर रात सिटी कंट्रोल रूम की ओर से एसडीआरएफ को कुछ युवकों के नदी में फंसे होने की सूचना मिली थी। एसटीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची तो वहां पांच युवक टापू पर फंसे थे। यह भी पढ़े :- http://uttaranchalcrimenews.com/yashpal-arya-said-in-other-bjp-ruled-states-too-there-have-been-a-lot-of-deaths-due-to-il...
सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान, उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे जरूरी |

सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान, उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे जरूरी |

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सीएम पुष्कर सिंह धामी का बड़ा बयान, उत्तराखंड में भी मदरसों का सर्वे जरूरी | बता दें कि हाल ही में उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बने शादाब शम्स ने वक्फ बोर्ड की संपत्तियों से अवैध निर्माण ढहाने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने प्रदेश के गैर पंजीकृत मदरसों की यूपी की तर्ज पर जांच की मांग की थी, जिसके बाद सीएम ने भी उनकी बात का समर्थन किया है। उत्तराखंड में मदरसों को लेकर सीएम धामी का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में भी मदरसों के सर्वे की नितांत आश्यकता है। मंगलवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी मीडिया से बातचीत कर रहे थे। यह भी पढ़े :- http://uttaranchalcrimenews.com/farmer-destroys-standing-crop-by-driving-tractor-tears-in-eyes/ इस दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्तियों की जांच की बात कही है, साथ ही बोर्ड मदरसों के सर्वे बात भी...
किसान ने ट्रैक्टर चला के नष्ट की खड़ी फसल? आंखों में भर आए आंसू

किसान ने ट्रैक्टर चला के नष्ट की खड़ी फसल? आंखों में भर आए आंसू

उत्तराखण्ड
विकासनगर : देहरादून जिले के विकासनगर में सात किसानों ने अपनी खड़ी फसल पर ट्रैक्‍टर चला दिया। उनकी आंखों में आंसू थे, लेकिन फिर भी उन्‍हें फसल को नष्‍ट करना पड़ा। इस बार हाईब्रिड धान की फसल उगाने वाले विकासनगर के किसानों के चेहरों पर मायूसी है। धान की फसल में रोग के चलते भीमावाला के बाद अब प्रतीतपुर गांव में सात किसानों ने खराब हुई धान की फसल को ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया। किसानों में कृषि अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी भी दिखाई दी, जिन्होंने समय रहते धान की फसल को बचाने के कोई प्रयास नहीं किए। पूरे पछवादून में धान की फसल बर्बाद हाईब्रिड धान की फसल में इस कदर रोग का प्रकोप है कि पूरे पछवादून में धान की फसल बर्बाद हो गई है। धान के पौधे बौने होकर पीले पड़ गए हैं। जबकि अन्य प्रजातियों के धान की फसल में बालियां भी आ गई है, लेकिन हाईब्रिड धान की फसल पूरी तरह से खराब हो...
यशपाल आर्य ने कहा- भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी पिछले पांच वर्षों में अवैध जहरीली शराब से जमकर हुई मौतें

यशपाल आर्य ने कहा- भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी पिछले पांच वर्षों में अवैध जहरीली शराब से जमकर हुई मौतें

उत्तराखण्ड
बाजपुर : नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड अवैध जहरीली शराब और नशे का अड्डा बन चुका है। हरिद्वार के शिवगढ़ और फूलगढ़ गांव में कच्ची शराब ने छह से सात लोगों की जान ले ली। अवैध नशे का कारोबार करने वाले माफियाओं को सरकार के ताकतवर लोगों का संरक्षण मिला होता है, इसीलिए आज तक तमाम जांचों के बाद भी न अवैध जहरीली शराब का कारोबार रुका है ना ही इनके पीछे की बड़ी मछलियों को जेल भेजा गया है। भाजपा शासित अन्य राज्यों में भी पिछले पांच वर्षों में अवैध जहरीली शराब से जमकर मौतें हुई हैं। उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड की बता करें तो पांच वर्षों में अवैध जहरीली शराब से करीब 600 लोगों की मौत हुई है। नेता प्रतिपक्ष ने याद दिलाते हुए कहा कि फरवरी 2019 के महीने हरिद्वार जिले के भगवानपुर के झबरेड़ा थाने के बल्लुपुर आदि गांव में मार्च के महीने फरवरी के महीने 19 में 44 लोगों की मौत अवैध शराब की सेव...
बड़ी अदालती लड़ाई लड़ने के लिए अधिनियम का हथियार जरूरी, पढ़िए पूरी खबर

बड़ी अदालती लड़ाई लड़ने के लिए अधिनियम का हथियार जरूरी, पढ़िए पूरी खबर

उत्तराखण्ड
सरकारी नौकरियों में राज्य की महिलाओं के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के लिए प्रदेश सरकार अध्यादेश के कवच से लैस होकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रही है। अब वह डोमिसाइल को क्षैतिज आरक्षण का आधार बना सकती है।  मुख्य सचिव डॉ.एसएस संधु की अध्यक्षता में यह राय बन चुकी है कि उच्च न्यायालय के अंतरिम आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुग्रह याचिका (एसएलपी) दाखिल की जाएगी। इससे पहले सरकार सुप्रीम अदालत से अतीत में हुए उन बड़े फैसलों की नजीरें जुटा रही है, जिनमें डोमिसाइल के आधार पर राहत दी गई है। बेशक वे मामले नौकरियों से इतर दाखिलों से जुड़े थे। कार्मिक एवं सतर्कता विभाग ने अध्यादेश का ड्राफ्ट तैयार कर न्याय विभाग को भेजा है। न्याय और विधायी विभाग अध्यादेश के पक्ष में विधिक तर्क तलाश रहा है। इस संबंध में काफी होमवर्क हो चुका है। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री की सहमति मिल...
बादल फटने से उत्तराखंड के धारचूला के घटखोला क्षेत्र में हुई तबाही के बाद अध्ययन करने पहुंची वाडिया की टीम

बादल फटने से उत्तराखंड के धारचूला के घटखोला क्षेत्र में हुई तबाही के बाद अध्ययन करने पहुंची वाडिया की टीम

उत्तराखण्ड
नेपाल के दार्चुला के ऊंचाई वाले क्षेत्र दललेख में बादल फटने से उत्तराखंड के धारचूला के घटखोला क्षेत्र में हुई तबाही के बाद जहां सरकार और जिला प्रशासन की ओर से आपदा प्रबंधन को लेकर कदम उठाए गए हैं, वहीं आपदा से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करने के लिए वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिकों की टीम धारचूला पहुंच गई। वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉ. कालाचॉद सांई ने बताया कि दार्चुला इलाके में बादल फटने से हुई तबाही से जुड़े तमाम पहलुओं का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा। संस्थान के दो वैज्ञानिकों सपनामिता चौधरी और पिंकी बिष्ट को धारचूला भेजा गया है, जो आपदा का अध्ययन करेंगी। बताया कि दोनों वैज्ञानिक इस बात का भी अध्ययन करेंगी कि धारचूला क्षेत्र में बादल फटने जैसी आपदा से होने वाले नुकसान को कैसे कम किया जा सकता है। यह पहली बार नहीं है, जब राज्य में प्राकृतिक आपदा आन...
व्यापारी संगठनों ने पीएम मोदी से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की कि मांग ,अधिकारियों पर लगे आरोप|

व्यापारी संगठनों ने पीएम मोदी से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की कि मांग ,अधिकारियों पर लगे आरोप|

उत्तराखण्ड
व्यापारी संगठनों ने पीएम मोदी से प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की कि मांग, अधिकारियों पर लगे आरोप| राजधानी दून को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर 2017 में स्मार्ट सिटी परियोजना की शुरुआत की गई थी। परियोजना के तहत एक हजार करोड़ रुपये खर्च करके शहरियों को सीवर लाइन, स्मार्ट रोड, स्मार्ट स्कूल, स्मार्ट टॉयलेट, स्मार्ट ट्रैफिक लाइट समेत कई चीजें मुहैया कराई जानी थी। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत राजधानी के विभिन्न इलाकों में कराए जा रहे दर्जन भर से अधिक बड़े निर्माण कार्यों में हो रही देरी के साथ ही उनकी गुणवत्ता का मामला पीएमओ तक पहुंच गया है। राजधानी के व्यापारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कराए जा रहे तमाम निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। पीएमओ को भेजे गए पत्र में व्यापारियों ने कहा कि राजधानी दून को स्मार्ट सिटी बनाने को लेकर 20...