कैबिनेट विस्तार के बाद धामी सरकार की पहली बैठक, नए मंत्रियों के साथ तय हुई आगे की रणनीति
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट की पहली बैठक आयोजित हुई। इस बैठक को सरकार के अगले कार्यकाल की दिशा तय करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। नए शामिल किए गए मंत्रियों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी से टीम भावना के साथ काम करने का आह्वान किया।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए तेजी से फैसले लेने की आवश्यकता है। उन्होंने मंत्रियों को विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर उन्हें प्रभावी तरीके से लागू करने के निर्देश दिए, ताकि आम जनता को योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद यह पहली औपचारिक बैठक थी, इसलिए इसमें विभागों के बीच समन्वय और भविष्य की कार्ययोजना पर विशेष चर्चा की गई। माना जा रहा है कि सरकार आने वाले समय में बुनियादी ढांचे, रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर खास ध्यान देने वाली है।
बैठक के दौरान राज्य की मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई। कई योजनाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबित परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।
नए मंत्रियों ने भी अपने-अपने विभागों को लेकर प्राथमिकताएं साझा कीं और कहा कि वे जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। सरकार का फोकस पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करने पर रहेगा, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार नई ऊर्जा के साथ काम करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पहली बैठक को आने वाले फैसलों की झलक के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि कुछ महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय भी जल्द सामने आ सकते हैं।
बैठक में राज्यहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने को कहा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
अब सभी की नजर सरकार के आगामी निर्णयों पर है, जिनसे यह तय होगा कि राज्य में विकास कार्यों को किस गति से आगे बढ़ाया जाएगा। कैबिनेट की यह बैठक भविष्य की योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।