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सौम्यकाशी रोट्रेक्ट क्लब उत्तरकाशी  द्वारा आयोजित ”  नवजात शिशुओं को बेबी कम्बल,  बेबी सूट तथा जॉनसन बेबी किट प्रदान किए गए

सौम्यकाशी रोट्रेक्ट क्लब उत्तरकाशी द्वारा आयोजित ” नवजात शिशुओं को बेबी कम्बल, बेबी सूट तथा जॉनसन बेबी किट प्रदान किए गए

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सौम्यकाशी रोट्रेक्ट (रोटरी) क्लब उत्तरकाशी द्वारा आयोजित "नवजात शिशु मुस्कान" कार्यक्रम के अन्तर्गत महिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में ग्राम कामर के  विनीता एवं अनिल , ग्राम जसपुर (मरगांव) के राधा राणा एवं आशीष राणा, ग्राम महेड़ा के ललिता गंभीर सिंह ,ग्राम टिपरी के यशोदा एवं सुनील सिंह तथा ग्राम बौन के सोनम बिष्ट एवं गोविंद सिंह के आज जन्में नवजात शिशुओं को बेबी कम्बल, बेबी सूट तथा जॉनसन बेबी किट प्रदान किए गए । इस अवसर पर जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक श्री बी0एस0 रावत, डॉक्टर प्रेम पोखरियाल ,रोटरी क्लब के अध्यक्ष श्री शैलेन्द्र कुमार नौटियाल, सचिव डॉ महेंद्र पाल परमार, कोषाध्यक्ष श्रीमती मुक्ता गौड़, रोटरी क्लब के श्री अजय पुरी, प्रताप सिंह बिष्ट 'संघर्ष', उमेश प्रसाद बहुगुणा श्रीमती रजनी चौहान, रमा डोभाल, सुनीता बिष्ट ,लीला कुड़ियाल, डॉ0 सौम्य बिष्ट, डॉ0 नंदिनी सिंह तथा ...
उत्तराखंड के जिले पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी को अब वायु सेना को सौंपी जाएगी

उत्तराखंड के जिले पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी को अब वायु सेना को सौंपी जाएगी

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पिथौरागढ़, उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ की हवाई पट्टी को अब वायु सेना का सौंपे जाने की चर्चा है। चीन सीमा से लगे क्षेत्र में बनी इस हवाई पट्टी का सामरिक महत्व काफी अधिक है। ऐसे में इस संभावना से इनकार भी नहीं किया जा सकता है। नैनी सैनी हवाई पट्टी का यूं तो उद्घाटन उत्तर प्रदेश में रहते हुए 24 जनवरी 1994 को हो गया था। तत्कालीन यूपी के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में तत्कालीन केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री गुलाम नबी आजाद ने विशाल समारोह के बीच इसका उद्घाटन किया किया था। उसी दिन उन्होंने पिथौरागढ़ को मिनी कश्मीर भी बताया था। लेकिन दुर्भाग्य की बात ये रही कि इस हवाई पट्टी से हवाई सेवा प्रारंभ नहीं हो सकी । हवाई सेवा के लिए 26 वर्षों का इंतजार करना पड़ा। बाद में हवाई पट्टी का विस्तार किया गया। हवाई पट्टी की लंबाई 1600 मीटर और चौड़ाई 60 मीटर की गई । पूर्व में यह लगभग 13 ...
उत्तराखंड में मौसम के फिर करवट बदलने के आसार, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

उत्तराखंड में मौसम के फिर करवट बदलने के आसार, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया

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देहरादून: उत्तराखंड में मौसम के फिर करवट बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की विदाई से पहले प्रदेश में भारी वर्षा के एक-दो दौर हो सकते हैं। पांच और छह अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी वर्षा हो सकती है। आकाशीय बिजली चमकने के भी आसार हैं। इसके लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं कई दिनों से मौसम शुष्‍क बना हुआ है। पंजाब, चंड़ीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों से मानसून विदा हो चुका है। मौसम विभाग ने 10 अक्टूबर तक उत्‍तराखंड से मानसून की विदाई होने की उम्मीद जताई है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के भी कई क्षेत्रों से मानसून लौट चुका है। उत्तराखंड समेत 19 प्रदेशों में इस बार सामान्य वर्षा इस बार मानसून काल में देश में औसत से छह प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है। उत्तराखंड समेत 19 प्रदेशों में सामान्य, 10 में सामान्य से अधिक, एक में बहुत अधिक और छह रा...
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के गर्जिया जोन में सैलानियों की आवाजाही फिर शुरू हो जाएगी।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के गर्जिया जोन में सैलानियों की आवाजाही फिर शुरू हो जाएगी।

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कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के गर्जिया जोन में सैलानियों की आवाजाही फिर शुरू हो जाएगी। 15 नवंबर 2020 को कॉर्बेट पार्क का नया पर्यटन जोन गर्जिया शुरू किया गया था। एनटीसीए से अनुमति नहीं लिए जाने की वजह से डेढ़ साल बाद गर्जिया जोन को बंद कर दिया गया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के गर्जिया जोन में सैलानियों की आवाजाही फिर शुरू हो जाएगी। इसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की मंजूरी मिल गई है। अब इसी पर्यटन सीजन में इस जोन को पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। 15 नवंबर 2020 को कॉर्बेट पार्क का नया पर्यटन जोन गर्जिया शुरू किया गया था। एनटीसीए से अनुमति नहीं लिए जाने की वजह से डेढ़ साल बाद गर्जिया जोन को बंद कर दिया गया। जोन को खोलने के लिए पर्यटन कारोबारी आंदोलित थे। कॉर्बेट पार्क के उपनिदेशक नीरज कुमार शर्मा ने कहा कि कि अब एनटीसीए की ओर से गर्जिया जोन को अनुमति मिल गई है। यह भी प...
तो ये है उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमस्खलन की वजह, बढ़ने लगी वैज्ञानिकों की चिंता |

तो ये है उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमस्खलन की वजह, बढ़ने लगी वैज्ञानिकों की चिंता |

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तो ये है उच्च हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रहे हिमस्खलन की वजह, बढ़ने लगी वैज्ञानिकों की चिंता | केदारनाथ क्षेत्र में पिछले एक माह के भीतर हिमस्खलन की तीन घटनाओं ने सरकार के साथ-साथ वाडिया इंस्टीट्यूट आफ हिमालयन जियोलॉजी के वैज्ञानिकों की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की घटनाएं सितंबर-अक्तूबर में होने से वैज्ञानिक चिंतित हैं। शनिवार को हुए ताजे हिमस्खलन को लेकर वाडिया इंस्टीट्यूट के दो वैज्ञानिकों विनीत कुमार और मनीष मेहता की टीम आज केदारनाथ अध्ययन के लिए जाएंगी। हालांकि, इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के चलते जहां गर्मी और बारिश में बदलाव देखने को मिल रहा, वहीं उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सितंबर-अक्तूबर माह में ही बर्फबारी होने से हिमस्खलन की घटनाएं हो रही हैं। वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. कालाचॉद सांई का मानना है कि फिल...
केदारनाथ धाम के पास फिर खिसका बर्फ का पहाड़, देखिए हिमस्खलन का भयावह वीडियो|

केदारनाथ धाम के पास फिर खिसका बर्फ का पहाड़, देखिए हिमस्खलन का भयावह वीडियो|

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केदारनाथ धाम के पास फिर खिसका बर्फ का पहाड़, देखिए हिमस्खलन का भयावह वीडियो| बताया जा रहा है कि हिमखंड काफी बढ़ा था, जिससे बर्फ के धुएं का गुबार काफी दूर तक रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि अभी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। केदारनाथ में सबकुछ सामान्य है। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम में एक बार फिर से चोराबाड़ी से तीन किमी ऊपर बर्फ का पहाड़ खिसकने की घटना सामने आई है। आज यानी शनिवार सुबह छह बजे हिमालय क्षेत्र में केदारनाथ मंदिर के पास हिमस्खलन होने की यह घटना हुई। ग्लेशियर से बर्फ का पहाड़ भरभरा कर गिर गया। राहत की बात ये है कि इस एवलांच यानी हिमस्खलन में केदारनाथ मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने इसकी जानकारी दी। यह भी पढ़े :- http://uttaranchalcrimenews.com/now-the-weather-is-clear-in-uttarakhand-the-movement-of-vehicles-sta...
पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज,उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत |

पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज,उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत |

उत्तराखण्ड
पुलिस भी नहीं खोल सकी 13 हत्याओं का राज,उत्तराखंड में राजस्व क्षेत्र से मिट गए सुबूत | राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं होते हैं। न तो साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रभावी व्यवस्था होती है और न ही इतना बड़ा मुखबिर तंत्र। आधुनिक वैज्ञानिक साक्ष्यों को जुटाने के तरीके भी राजस्व पुलिस के पास नहीं हैं। ऐसे में ज्यादातर जघन्य अपराधों की जांच कुछ दिनों बाद रेगुलर पुलिस को ही सौंप दी जाती है। अंकिता हत्याकांड की जांच समय से रेगुलर पुलिस को सौंप दी गई तो अपराधी सलाखों के पीछे पहुंच गए। वरना, उत्तराखंड की पटवारी पुलिस व्यवस्था में बहुत से लोग ऐसे हैं, जिनके अपनों की हत्या हुई और हत्यारे आज तक पकड़ में नहीं आ सके। राजस्व पुलिस की लचर जांच के चलते तीन साल में 16 में से 13 मुकदमों में रेगुलर पुलिस को भी अंतिम रिपोर्ट लगानी पड़ी। राजस्व पुलिस के पास रेगुलर पुलिस की तरह संसाधन नहीं ह...
उत्तराखंड में अब मौसम साफ ,गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही |

उत्तराखंड में अब मौसम साफ ,गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में अब मौसम साफ ,गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर शुरू हुई वाहनों की आवाजाही | इससे पहले भी धरासू बैंड के पास पहाड़ी से भूस्खलन होने के कारण गंगोत्री और यमुनोत्री दोनों हाईवे बंद हो गए थे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि दोनों हाईवे पर अब वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। उत्तराखंड में अब मौसम साफ बना हुआ है। बीते तीन दिन से सभी इलाकों में चटख धूप खिली है। जिसके चलते उमस फिर से बढ़ने लगी है। हालांकि रात के समय पर अब हल्की ठंड का एहसास भी होने लगा है। यहभी पढ़े ;- http://uttaranchalcrimenews.com/pulkit-also-had-a-condition-for-the-job-that-the-woman-would-have-to-stay-here-she-had-got-the-job-done-after-seeing-advertisements-on-the-internet/ वहीं, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे भी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। यमुनोत्री हाइवे धरासू बैंड के पास आज सुबह ...
पुलकित ने नौकरी के लिए एक शर्त यह भी थी कि महिला को यहीं पर रुकना होगा, इंटरनेट पर विज्ञापन देख लगवाई थी नौकरी।

पुलकित ने नौकरी के लिए एक शर्त यह भी थी कि महिला को यहीं पर रुकना होगा, इंटरनेट पर विज्ञापन देख लगवाई थी नौकरी।

उत्तराखण्ड, क्राइम
पुलकित ने नौकरी के लिए एक शर्त यह भी थी कि महिला को यहीं पर रुकना होगा, इंटरनेट पर विज्ञापन देख लगवाई थी नौकरी। वनंत्रा रिजॉर्ट में अंकिता की नौकरी उसके दोस्त पुष्पदीप ने लगवाई थी, लेकिन अब उसे इसका बेहद मलाल है। अंकिता ने यहां तीन सितंबर को ज्वाइन किया और पहले ही दिन रिजॉर्ट का माहौल देखकर असहज हो गई थी। यही कारण है कि उसने पहले दिन से हत्या से कुछ देर पहले तक की सारी बातें सिर्फ पुष्प को ही बताईं। बृहस्पतिवार को पुष्प ने तीन से 18 सितंबर की शाम तक की सारी बातें पुलिस के सामने रखीं। जानकारी के अनुसार, अंकिता और पुष्प की दोस्ती इंस्टाग्राम पर पिछले साल लॉकडाउन के दौरान हुई थी। अंकिता ने 12वीं के बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया था। लॉकडाउन में उसके पिता की नौकरी भी चली गई। घर की माली हालत देखकर अंकिता नौकरी करना चाहती थी। यह बात उसने पुष्प को बताई तो उसने नौकरी तलाशनी शुरू कर दी। इसी ...
लाइनों में खड़े होने का झंझट खत्म, सरकारी अस्पतालों में भी मिलेगी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा |

लाइनों में खड़े होने का झंझट खत्म, सरकारी अस्पतालों में भी मिलेगी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा |

उत्तराखण्ड, देहरादून
लाइनों में खड़े होने का झंझट खत्म, सरकारी अस्पतालों में भी मिलेगी ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा | मरीज घर से ही पंजीकरण करा सकेंगे। इसके बाद उन्हें टोकन नंबर दिया जाएगा। फिर दिए गए वक्त पर वह अस्पताल पहुंचकर बिना इंतजार किए इलाज करा सकेंगे। उत्तराखंड के राजकीय चिकित्सालयों व मेडिकल कॉलेजों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ऑनलाइन पंजीकरण व टोकन की सुविधा मिलेगी। इस व्यवस्था के लागू होने से मरीजों व उनके तीमारदारों को पंजीकरण के लिए लाइन में खड़े होकर इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभागीय अधिकारियों को पंजीकरण के लिए ऑनलाइन सिस्टम बनाने के निर्देश दिए। मरीज घर से ही पंजीकरण करा सकेंगे। इसके बाद उन्हें टोकन नंबर दिया जाएगा। फिर दिए गए वक्त पर वह अस्पताल पहुंचकर बिना इंतजार किए इलाज करा सकेंगे। सचिवालय में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समी...