Monday, September 21News That Matters

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“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

“पागल फ़क़ीरा”… क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को..

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"पागल फ़क़ीरा" भावनगर, गुजरात --------------------------------------- क्षितिज पर दूर सूरज चमका, सुबह खड़ी है आने को, धुंध हटेगी, धूप खिलेगी, फिर दिन नया है छाने को। साहिल पर बैठे बैठे डरते रहने से क्या होगा दोस्त, लहरों से लड़ना होगा उस पार समन्दर जाने को। प्यार इश्क़ तो है पुरानी बातें, कैसे इनसे नज़्में सजे, आज की क़लम वो दर्द लाई सोती रूह जगाने को। दिन गुज़रा याद दिलाता है, भूली बिसरी बातें अब, सुर नया हो, ताल नया हो, गाये नये अफ़साने को। ख़ुद के हाथों की लक़ीरों को तू करले ख़ुद के बस में, "फ़क़ीरा" तेरी रूठी तक़दीर कौन आये उसे मनाने को।  ...

नीरज नैथानी….. कुशला फूफू के आ जाने का मतलब था जच्चा-बच्चा की खैरियत

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नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड मेरे गांव में बीमारियों का इलाज साथियों पिछली बार मैंने आपको बताया कि जब हमारे गांव में सड़क नहीं पहुंची थी तो किसी बीमार को डाक्टर के पास दिखाने के लिए पिनस पर ले जाते थे। लेकिन, मैं जिक्र करना भूल गया कि डाक्टर के पास ले जाने की नौबत ही बहुत कम आती थी। अब आप इसका यह मतलब कतई न निकालिएगा कि हमारे गांव में कोई बीमार ही नहीं पड़ता था। गाहे-बगाहे मौसम का मिजाज बदलने पर या बदपरहेजी होने की वजह से लोगों की तवियत बिगड़ा ही करती थी। उस जमाने में गांव में न तो राजकीय प्राथमिक चिकित्सा केंद्र (पीएचसी), न  डाक्टर, न कम्पाउंडर और न ही कोई मेडिकल स्टोर हुआ करता था। लेकिन, हर बीमारी के इलाज के पारम्परिक तरीके जरूर हुआ करते थे। मसलन, किसी घर में बहू को प्रसव होना‌ है तो गांव की कुशला फूफू की सेवाएं ली जाती थीं। साठ-पैंसठ के आसपास की उम्र की कुशला फूफू पास...
सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा का रिजल्ट आएगा 30 जुलाई को

सीबीएसई बोर्ड के 12वीं कक्षा का रिजल्ट आएगा 30 जुलाई को

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी करने की तिथि घोषित कर दी है। 12वीं का रिजल्ट 30 जुलाई को जारी किया जाएगा। वहीं, दसवीं के छात्रों को रिजल्ट के लिए करीब 5 दिन का इंतजार करना होगा। अगस्त के इसके हफ्ते 10 वीं का रिज़ल्ट जारी होगा सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रणवीर सिंह ने कहा कि रिजल्ट तय समय में जारी किया जाएगा। 12वीं कक्षा का परिणाम 30 जुलाई और दसवीं कक्षा का रिजल्ट अगस्त के पहले सप्ताह में जारी किया जाएगा। गौरतलब है कि सीबीएसई 20 जुलाई को रिजल्ट घोषित करने वाला था। लेकिन, रिज़ल्ट जारी नहीं हो पाया। अब 30 जुलाई यानी कल रिजल्ट घोषित किया जाएगा।...
वरिष्ठ साहित्यकार भारती पाण्डे की एक कविता.. सखी! सावन आया है

वरिष्ठ साहित्यकार भारती पाण्डे की एक कविता.. सखी! सावन आया है

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भारती पाण्डे देहरादून, उत्तराखंड ------------------------ सावन आया है .... तप्त धरा संतृप्त, हृदय असंतृप्त कृष्णमेघ कौतुकी, अवनी अंबर संपृक्त झर झर झर पावस सर्वत्र समाया सखी! सावन आया है। ताल-नद जलाकंठ, नहीं कोई रिक्त नदी-कछारों में, हरियर मुस्काया सखी! सावन आया है। श्यामल दिग–दिवस साँझ, झूमें तरु-पीपर पात स्वप्न जागे मन-मन में प्रेम अकुलाया सखी! सावन आया है। मेघों का गर्जन दामिनी–नर्तन मन मयूर चहका, नूपुरों की रुनझुन श्रावणी-कजरी युगल गीत गाया सखी! सावन आया है। वेगवती चलीं सागर की ओर प्रिय-मिलन आतुरता अहो! उमंग–पुरजोर नेह भरे चंचल चित्त-प्रीत की माया सखी! सावन आया है। सुन री सखी! ऋतु सावन-धनी हेरन-सुधबुद्ध कहाँ रे सखी! कोयल की कूक, अमराई-झूले गाँव की गैल-छैल, स्मृतियों के रेले पुलकित तन-मन, मेहंदिया गंध क्षितिज से क्षितिज तक इंद्रधनु छाया सखी! सा...

नीरज नैथानी… उस जमाने में इमरजेंसी एम्बुलेंस होती थी ‘पिनस’

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नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड मेरे गांव की पिनस अपने गांव के संदर्भ में, मैं आपके साथ एक पुरानी किंतु रोचक जानकारी साझा करना चाहता हूं। आज से तकरीबन चालीस पैंतालीस साल पहले हमारे गांव के ऊपर पिछड़े पहाड़ी इलाके का ठप्पा लगा हुआ था। वैसे अनेक संदर्भों में यह पिछड़ा था भी, जैसे कि गांव में बिजली नहीं थी, सड़क नहीं थी, यातायात के साधन नहीं थे, निकटतम बाजार जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल जाना पड़ता था। उच्च शिक्षा की सुविधा नहीं थी और सबसे बड़ी बात स्वास्थ्य सुविधाओं का नितांत अभाव था। ऐसे में यदि कोई गांव में बीमार पड़ गया, उसे किसी उपचार की आवश्यकता है, किसी अस्पताल ले जाना है, किसी डाक्टर को दिखाना है और वह पैदल चलने की स्थिति में बिल्कुल नहीं है तो फिर काम आती थी पिनस। हां, जी पिनस। यह पालकी जैसी लकड़ी की संरचना होती थी। जिसमें उपचार के लिए रोगी को आराम मुद्रा में अधलेटा कर...
2 अगस्त से स्कूल खोलने पर एसोसिएशन ने जताई आपत्ति

2 अगस्त से स्कूल खोलने पर एसोसिएशन ने जताई आपत्ति

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-नेशनल एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (NAPSR) ने जिलाधिकारी देहरादून के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। नेशनल एसोसिएशन ऑफ पेरेंट्स एंड स्टूडेंट्स राइट्स (NAPSR) ने 2 अगस्त से स्कूल खोलने के सरकार के निर्णय पर लेकर आपत्ति जताई है। एसोसिएशन ने आज जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। मांग की गई है कि जब तक बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक स्कूल न खोले जाएं। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरिफ खान ने बताया कि पिछले वर्ष से शासन/प्रशासन को बार-बार अवगत कराया जा रहा है कि जब तक कोरोना महामारी पूर्णतया समाप्त न हो जाये, तब तक विद्यालय नहीं खोले जाने चाहिए। क्योंकि, अभी तक 18 वर्ष से कम उम्र के लोगों के लिए वैक्सीन नही आई है। लेकिन, उत्तराखंड सरकार ने 2 अगस्त से स्कूल खोलने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि बच्च...

परेशानी: स्मार्ट सिटी देहरादून के शोरूम व दुकानों में घुसा बारिश का पानी

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। देहरादून में मंगलवार रात से बारिश जारी है। बारिश के कारण देहरादून के विभिन्न इलाकों में जलभराव के कारण लोग परेशान हैं। हालात यह हैं कि स्मार्ट सिटी बन रही देहरादून के मुख्य बाजारों के शोरूम व दुकानों में पानी घुस रहा है। देहरादून के वीआईपी क्षेत्र राजपुर रोड के एक शोरूम में भी पानी घुस गया।गांधी पार्क के सामने सैमसंग शोरूम के कर्मचारियों ने सुबह में जब शोरूम खोला तो शोरूम के अंदर पानी ही पानी था। बारिश के कारण कई अन्य दुकानों में भी पानी भर गया। दुकानदारों का कहना है स्मार्ट सिटी के तहत शहर के विभिन्न क्षेत्रों जो काम हुआ, उससे दुकानों के आगे के फुटपाथ काफी ऊपर हो गए हैं। पानी की निकासी न हो होने के कारण दुकानों व शोरूम के अंदर पानी घुस रहा है। इससे दुकानदारों को परेशानियां बढ़ गई हैं।...

नीरज नैथानी… मेरे गांव की गोठ

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नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड ------------------------------------- मेरे गांव की गोठ पहाड़ी गांवों से जब इस कदर पलायन नहीं हुआ था तथा गांव, घर-परिवारों व पशुओं से भरपूर बने हुए थे, उस समय गोठ परम्परा प्रचलन में थी। जैसा हम जानते ही हैं कि पहाड़ी खेत आकार व क्षेत्रफल में छोटे होने के साथ ही सीढ़ीनुमा होते हैं। अत: इन खेतों में अच्छी फसल के लिए जैविक खाद पंहुचाना दुष्कर कार्य होता था। इस समस्या के निराकरण के लिए ही गांव में गोठ परम्परा स्थापित की गयी। गांव के तीन-चार परिवार मिल कर अपना समूह बना लेते थे। प्रात: उस समूह के एक दो सदस्यों के नियंत्रण में उनके समस्त पशु विशेषकर गाय, बैल, बछड़ा, बछिया बकरी आदि चराने के लिए जंगल ले जाए जाते। हांलाकि, वे निरंतर अभ्यास के कारण स्वत: ही चलते जाते व गौचर मैदान में अपनी इच्छा से चारा चरते तथा शाम होने पर स्वभाविक रूप से अपने आप ही लौटने भी ल...

चलो चले गांव की ओर…. दसवीं (समापन) किश्त… बोडी पर देवता अवतरित हो गया, उन्ने जोर से किलक्कताल मारी… आदेश…!

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नीरज नैथानी रुड़की, उत्तराखंड चलो चले गांव की ओर...गतांक से आगे.. दसवीं (समापन) किश्त आज कथा का‌ समापन दिवस है। मंदिर परिसर में सुबह से ही हलचल हो रही है। पाठार्थी उच्च स्वर में जप कर रहे हैं। व्यास जी‌ गद्दी पर बैठे मौन वाचन करते हुए पुस्तक के पृष्ठ पलटते जा रहे हैं। आस-पास के गावों से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ा आ रहा है। पाण्डाल भक्तों से खचाखच भर चुका‌ है। अंतत: जैसे ही व्यास जी ने पारायण की घोषणा करते हुए उद्घोष किया बोलिए आज के आनंद की... सामूहिक स्वर वातावरण में गूंज उठे.. जय। एक पाठार्थी ने माइक अपने सामने खिसकाते हुए उच्चारित किया.. धर्म की.. सभी एक साथ बोल उठे ... जय हो..., अधर्म का.. नाश हो.., प्राणियों में.. सद्भावना हो। हर-हर महादेव... हर-हर महादेव... फिर व्यास जी के द्वारा आरती करने का संकेत करते ही आरती प्रारम्भ‌ हो गयी। प्रांगण में बैठे समस्त लोग अपने स्थान ...
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन… जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी

कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन… जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी

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शब्द रथ न्यूज, ब्यूरो (shabd rath news)। संयुक्त नागरिक संगठन के आव्हान पर कई संस्थाओं प्रतिनिधियों ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर गांधी पार्क स्थित कारगिल युद्ध स्मारक में एकत्र होकर देश के जांबाज शहीदो को श्रद्धासुमन अर्पित किये। अपनी पुष्पांजली अर्पित करते हुए इनकी याद मे दीप जलाये। इनमे तिब्बती महिलाओं का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था। शहीदों के प्रति देशप्रेम की भावना से प्रेरित होकर राजकीय आवासीय विद्यालय राजपुर रोड़ के प्रधानाचार्य हुक्म सिंह उनियाल के नेतृत्व में छात्र छात्राओं, तिब्बती संगठन की महिलाओ व सभी गणमान्य नागरिको ने 'ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख में भर लो पानी, जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो कुर्बानी' का सामूहिक गान किया। कवि वीरेंद्र डंगवाल "पार्थ" ने भारतभूमि और शहीदों को नमन करते हुए धनाक्षरी छंद में देशभक्ति पूर्ण रचना पढ़ी। उन्होंने पढ़ा कि 'धड़के है दिल ...