Tuesday, April 28News That Matters

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड समेत समूचा देश बिजली की किल्लत से जूझ रहा,उत्तराखंड में विद्युत मांग पहुंची रिकार्ड स्तर तक |

उत्तराखंड समेत समूचा देश बिजली की किल्लत से जूझ रहा,उत्तराखंड में विद्युत मांग पहुंची रिकार्ड स्तर तक |

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उत्तराखंड समेत समूचा देश बिजली की किल्लत से जूझ रहा,उत्तराखंड में विद्युत मांग पहुंची रिकार्ड स्तर तक | उत्तराखंड समेत समूचा देश बिजली की किल्लत से जूझ रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच लगातार बढ़ रही विद्युत मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गई है। उत्तराखंड में विद्युत मांग रिकार्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिसे पूरा करने के लिए ऊर्जा निगम हाथ-पांव तो मार रहा है, लेकिन तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। देश में गैस और कोयले की कमी के कारण विद्युत उत्पादन में गिरावट आई है। साथ ही नदियों का जल स्तर न्यून होने से जल विद्युत परियोजनाओं में भी उत्पादन घटा है। उत्तराखंड में बिजली संकट का एक कारण नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी) से आवंटित कोटे की 200 मेगावाट में से महज 100 मेगावाट बिजली ही मिल पा रही है। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने ऊर्जा मंत्रालय और एनटीपीसी ...
अमेरिका से लौटे व्यक्ति में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन, दिल्ली एयरपोर्ट पर दिया था सैंपल |

अमेरिका से लौटे व्यक्ति में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन, दिल्ली एयरपोर्ट पर दिया था सैंपल |

उत्तराखण्ड, हेल्थ
अमेरिका से लौटे व्यक्ति में मिला कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन, दिल्ली एयरपोर्ट पर दिया था सैंपल | कुछ दिन पहले अमेरिका से लौटे देहरादून के एक व्यक्ति का दिल्ली एयरपोर्ट पर सैंपल लिया गया था। उक्त व्यक्ति को कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण भी नहीं थे, लेकिन जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया। इस पर संक्रमित व्यक्ति के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग की गई थी। एक्स बीबी 1.5 स्ट्रेन की पुष्टि हुई है। अमेरिका से लौटे देहरादून के एक व्यक्ति में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन एक्सबीबी 1.5 मिला था। दिल्ली एयरपोर्ट पर व्यक्ति की सैंपलिंग की गई थी, जिसमें संक्रमण पाया गया। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में संक्रमित के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग में नया स्ट्रेन मिला है।   इस स्ट्रेन से अमेरिका में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं। एक्सबीबी 1.5 स्ट्रेन ओमिक्रॉन का ही एक स्वरूप है। गत दिनों अमेरिका से लौटे देह...
आज ढहाए जाएंगे असुरक्षित भवन, विरोध के बीच होटल मालिकों की प्रशासन के साथ बैठक शुरू |

आज ढहाए जाएंगे असुरक्षित भवन, विरोध के बीच होटल मालिकों की प्रशासन के साथ बैठक शुरू |

उत्तराखण्ड
आज ढहाए जाएंगे असुरक्षित भवन, विरोध के बीच होटल मालिकों की प्रशासन के साथ बैठक शुरू | भू-धंसाव की चपेट में आए जोशीमठ में शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आए। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार तक के लिए टाल दी गई थी। दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। जोशीमठ में मंगलवार को होटल माउंट व्यू और मलारी इन को ध्वस्त किया जाना था, लेकिन होटल स्वामियों ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि आर्थिक मूल्यांकन नहीं किया गया, साथ ही नोटिस तक नहीं दिए गए। विरोध बढ़ने पर प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े। हालांकि अधिकारियों का कहना कुछ और ही है। वहीं आज बुधवार को मुआवजे को लेकर दोनों होटलों के मालिकों को प्रशासन ने तहसील में बैठक के बुलाया। स्थानीय लोगों...
जोशीमठ भू-धंसाव में राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना एक माह का वेतन देने की , कि घोषणा |

जोशीमठ भू-धंसाव में राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना एक माह का वेतन देने की , कि घोषणा |

उत्तराखण्ड
जोशीमठ भू-धंसाव में राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपना एक माह का वेतन देने की , कि घोषणा | शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई थी। जिला प्रशासन की टीम लाव-लश्कर के साथ भवन तोड़ने पहुंची तो प्रभावित लोग विरोध में उतर आए। ऐसे में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बुधवार तक के लिए टाल दी गई। इसे लेकर दिनभर अफरातफरी का माहौल रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू-धंसाव में राहत कार्यों के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में अपना एक माह का वेतन देने की घोषणा की है। माना जा रहा कि मुख्यमंत्री के इस एलान के बाद अन्य मंत्रियों और विधानसभा सदस्यों के भी राहत कोष में वेतन देने की संभावना बढ़ गई है। भू-धंसाव की चपेट में आए जोशीमठ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई आज शुरू होगी। शासन के आदेश के बावजूद मंगलवार को भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई...
जोशीमठ के बाद अब नरेंद्रनगर ब्लॉक अंतर्गत दोगी पट्टी के अटाली गांव के ग्रामीणों दहशत में हैं।

जोशीमठ के बाद अब नरेंद्रनगर ब्लॉक अंतर्गत दोगी पट्टी के अटाली गांव के ग्रामीणों दहशत में हैं।

उत्तराखण्ड
जोशीमठ के बाद अब नरेंद्रनगर ब्लॉक अंतर्गत दोगी पट्टी के अटाली गांव के ग्रामीणों दहशत में हैं। गांव में ग्रामीणों के खेतों और घरों में दरारें है। गांव के पास ही ब्यासी के पास ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सुरंग का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के 85 घरों में दरारें हैं। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को प्रशासन और ग्रामीणों के बीच समस्या को लेकर बैठक होगी। ऋषिकेश से बदरीनाथ राजमार्ग पर करीब 33 किमी दूर ब्यासी पड़ता है। ब्यासी बाजार से करीब सौ मीटर की दूरी पर अटाली गांव है। इस गांव में करीब 85 परिवार रहते हैं। ब्यासी के समीप रेलवे का निर्माण कार्य चल रहा है। अटाली गांव निवासी पदम सिंह पुंडीर, प्रकाश चौहान ने बताया कि करीब एक महीने पहले गांव के चार-पांच परिवार के ग्रामीणों का 10-12 खेतों में दरार्रें आ आईं थीं। प्रवीण पुंडीर ने बताया कि टनल के ऊपर बसे करीब 10 से...
जोशीमठ में भू-धंसाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिका दाखिल  |

जोशीमठ में भू-धंसाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिका दाखिल |

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जोशीमठ में भू-धंसाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, याचिका दाखिल | जोशीमठ में भू-धंसाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जोशीमठ में भू-धंसाव का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। ज्योतिष्पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने आज अपने अधिवक्ता के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। लगातार बिगड़ रही स्थिति उत्तराखंड के जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से स्थिति लगातार बिगड़ रही है। भू-धंसाव ने क्षेत्र के सभी वार्डों को चपेट में ले लिया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पीएमओ लगातार मामले की निगरानी कर रहा है। स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम उच्च स्तरीय बैठक की। वह आज शनिवार को जोशीमठ ग्राउंड जीरो हालात का जायजा लेने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यहां प...
जोशीमठ बनेगा अस्थायी पुनर्वास केंद्र, किराए पर रहने के पैसे देगी सरकार|

जोशीमठ बनेगा अस्थायी पुनर्वास केंद्र, किराए पर रहने के पैसे देगी सरकार|

उत्तराखण्ड
जोशीमठ बनेगा अस्थायी पुनर्वास केंद्र, किराए पर रहने के पैसे देगी सरकार| मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू-धंसाव के कारण अति संवेदनशील (डेंजर जोन) वाले क्षेत्रों में बने भवनों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और चरणबद्ध ढंग से संवेदनशील जगहों से सबको शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री राज्य सचिवालय में जोशीमठ में हो रहे भूस्खलन से पैदा हुए हालात की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में धामी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोशीमठ गए विशेषज्ञ दल के सदस्यों से भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सुरक्षित स्थान पर एक बड़ा अस्थायी पुनर्वास केंद्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तात्कालिक एक्शन प्लान के साथ ही दीर्घकालीन कार्यों में भी लंबी प्रक्रिया को समाप्त करते हुए डेंजर जोन के ट्रीटमेंट, सीवर तथा ड्रेनेज जैसे का...
उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव लेता जा रहा एक विकराल रूप , मंदिर हुआ धराशायी बढ़ी लोगों की चिंता |

उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव लेता जा रहा एक विकराल रूप , मंदिर हुआ धराशायी बढ़ी लोगों की चिंता |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव लेता जा रहा एक विकराल रूप , मंदिर हुआ धराशायी बढ़ी लोगों की चिंता | उत्तराखंड के जोशीमठ में भू-धंसाव विकराल रूप लेता जा रहा है। घरों और सड़कों में पड़ रही बड़ी-बड़ी दरारें लोगों को डरा रही हैं। अभी तक क्षेत्र से किसी हादसे की खबर नहीं थी, लेकिन इसी बीच शुक्रवार को एक मंदिर के धराशायी होने की खबर से लोगों में दहशत बन गई है। जानकारी के अनुसार, सिंहधार वार्ड मे मां भगवती का मंदिर ढह गया। जिसके बाद से लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जोशीमठ भू-धंसाव के कारण अति संवेदनशील (डेंजर जोन) वाले क्षेत्रों में बने भवनों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों को आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है और चरणबद्ध ढंग से संवेदनशील जगहों से सबको शिफ्ट किया जाएगा। उधर, जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने जोशीमठ भू-धं...
हालात चिंताजनक, धंस रहा बदरीनाथ हाईवे, पड़ रहीं दरारें, सेना का चीन सीमा से कट सकता है संपर्क |

हालात चिंताजनक, धंस रहा बदरीनाथ हाईवे, पड़ रहीं दरारें, सेना का चीन सीमा से कट सकता है संपर्क |

उत्तराखण्ड
हालात चिंताजनक, धंस रहा बदरीनाथ हाईवे, पड़ रहीं दरारें, सेना का चीन सीमा से कट सकता है संपर्क | सामरिक महत्व का बदरीनाथ हाईवे जोशीमठ भू-धंसाव की जद में आ चुका है। राजमार्ग परआईं बड़ी-बड़ी दरारें चिंता का कारण बन गई हैं। यदि दरारें नहीं थमीं तो हाईवे का एक बड़ा हिस्सा कभी भी जमींदोज हो सकता है। ऐसे हालात में भारतीय सेना चीन की सीमा से कट सकती है। सीमांत जिले चमोली के जोशीमठ से बदरीनाथ की दूरी करीब 46 किमी है। बदरीनाथ से आगे का रास्ता चीन सीमा की ओर जाता है। चीन सीमा पर घुसपैठ की चुनौती को देखते हुए केंद्र सरकार का जोर सीमा पर सड़कों का नेटवर्क तैयार करने पर है। इसके साथ ही बदरीनाथ हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य भी चल रहा है। मकसद यही है कि सड़कें इतनी चौड़ी और सुविधाजनक हों कि संकट की स्थिति में भारतीय सेना अपने पूरे साजो सामान के साथ सहजता और तेजी के साथ सीमा पर पहुंच सके। हालांकि ...
चेहरे पर दिख रहे आपदा के आतंक के निशान, ये रिपोर्ट बता रही गेटवे ऑफ हिमालय की हालत |

चेहरे पर दिख रहे आपदा के आतंक के निशान, ये रिपोर्ट बता रही गेटवे ऑफ हिमालय की हालत |

उत्तराखण्ड
चेहरे पर दिख रहे आपदा के आतंक के निशान, ये रिपोर्ट बता रही गेटवे ऑफ हिमालय की हालत | गेटवे ऑफ हिमालय के नाम से मशहूर जोशीमठ में भू.धंसाव से जमीन में कई मीटर गहरी दरारें पड़ गईं और 700 से ज्यादा घरों की दिवारें दरक गई हैं। इस आपदा के आतंक के निशान यहां हर स्थानीय चेहरे पर दिख रहे हैं। कालोनियां और होटल खाली कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने पिछले तीन दिनों में कोई 70 परिवारों को गेस्टहाउस में शिफ्ट किया। बृहस्तपतिवार को दस और परिवारों को सुरक्षित स्थलों पर ले जाया गया। सरकार की उपेक्षा से गुस्साए लोगों ने सुबह से कई घंटे चक्का जाम रखा है। सुरक्षा के लिहाज से पर्यटकों के लिए जोशीमठ.औली रोपवे भी बंद कर दिया गया है। प्रधानमंत्र कार्यालय खुद इस मामले में पल पल की जानकरी ले रहा है। राज्य सरकार के विशेषज्ञों की टीम गठित की है जो देर शाम तक जोशीमठ पहुंच जाएगी। ये टीम भू.धंसाव रोकने के लिए दीर...