जीवन की डूबती नैया के लिए पुलिस खेवनहार बन रही है। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कांवड़िए गंगा में छलांग लगा रहे हैं।
जीवन की डूबती नैया के लिए पुलिस खेवनहार बन रही है। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कांवड़िए गंगा में छलांग लगा रहे हैं।
जीवन की डूबती नैया के लिए पुलिस खेवनहार बन रही है। सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर कांवड़िए गंगा में छलांग लगा रहे हैं। रविवार को भी पुलिस के गोताखोर विक्रांत, कुलतार, किशन व सनी ने अंकुश निवासी इंद्र कॉलोनी रोहतक व गोविंद शर्मा निवासी बल्लभगढ़ को गंगा में बहते हुए बचाया।
गंगा की लहरों के साथ अठखेलियां करना कांवड़ियों को भारी पड़ रहा है। रोजाना गंगा में दो से तीन कांवड़िए सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर पानी के तेज बहाव में जा रहे हैं, लेकिन इन बहते हुए कांवड़ियों के लिए पुलिस के गोताखोर खेवनहार बनकर उनके जीवन की डूबती नैया को पार लगा रहे हैं। हरिद्वार पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ के गोताखोर रोजाना दो से तीन कांवड़ियों को गंगा के तेज बहाव के बीच से निकालकर ला रहे हैं।
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