Thursday, April 23News That Matters

उत्तराखण्ड

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लगाया गया पौधा प्यास से तोड़ रहा दम |

स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लगाया गया पौधा प्यास से तोड़ रहा दम |

उत्तराखण्ड
स्वास्थ्य मंत्री द्वारा लगाया गया पौधा प्यास से तोड़ रहा दम | चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशालय में करीब 1 वर्ष पूर्व लगाया गया पौधा देखभाल से है "मेहरूम" पौधे को पानी न दिए जाने के कारण सूखने की कगार पर है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत का लगाया गया पौधा देहरादून- प्रतिवर्ष बरसात के दिनों में पौधारोपण के तमाम कार्यक्रम तो किए ही जाते हैं, तो वहीं दूसरी ओर अन्य कई अवसरों पर भी जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों एवं स्वयं मुख्यमंत्री के साथ ही कई समाजसेवी संस्थाओं द्वारा पौधारोपण पर्यावरण को हरा-भरा बनाए रखने हेतु किए जाते रहे हैं, लेकिन मुख्य बात यह है कि इनमें से कितने पौधों की देखभाल हो पाती है और कितनों की नहीं? छोटे-छोटे पौधे रोपित करना बेहद आसान है, परंतु उन्हें बड़ा करने के लिए उनकी देखभाल सही ढंग से समय-समय पर नहीं की जाए तो पौधे निश्चित रूप से दम तोड़ देते ह...
विधानसभा का बजट सत्र 14 जून से शुरू सात दिनी सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस गरजती और बरसती आएगी नजर

विधानसभा का बजट सत्र 14 जून से शुरू सात दिनी सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस गरजती और बरसती आएगी नजर

उत्तराखण्ड
देहरादून। नव संकल्प शिविरों की बूस्टर डोज से प्रदेश में संगठन को मजबूत करने में ताकत झोंक रही कांग्रेस बजट सत्र में तीखे तेवर में दिखेगी। चंपावत उपचुनाव में बड़े अंतर से जीत के साथ आत्मविश्वास में भरे नेता सदन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को प्रमुख विपक्षी दल घेरने की तैयारी कर रहा है। पार्टी की कोशिश में गुटबाजी आड़े न आए, इसे ध्यान में रखकर विधायकों को साधा जाएगा। इस सिलसिले में सत्र से कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य देहरादून में डेरा डालेंगे। विधानसभा का बजट सत्र 14 जून से प्रारंभ हो रहा है। तकरीबन सात दिनी सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस गरजती और बरसती नजर आएगी। दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में काबिज भाजपा की धामी सरकार अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में अपना एजेंडा सामने रखने जा रही है। कांग्रेस इस मौके को अपने पक्ष में भुनाना चाहती है। इसमें सबसे बड़ी परे...
भड़काऊ संदेश पोस्ट करने के मामले में ओवैसी पर दर्ज एफआइआर का विरोध कर रहे AIMIM कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया

भड़काऊ संदेश पोस्ट करने के मामले में ओवैसी पर दर्ज एफआइआर का विरोध कर रहे AIMIM कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया

उत्तराखण्ड
असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा एफआइआर दर्ज करने का विरोध करना एआइएमआइएम कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया है। विभाजनकारी आधार पर लोगों को उकसाने वाले संदेश पोस्ट करने के मामले में ओवैसी पर दर्ज एफआइआर का विरोध कर रहे 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। बता दें कि एक महिला सहित कुल 33 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और सरकारी काम में बाधा डालने के चलते उनकी गिरफ्तारी की गई है। कल ही ओवैसी पर हुई थी FIR दिल्ली पुलिस ने कल ही आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भड़काऊ बयान देने के चलते एफआइआर की थी। उनपर शांति भंग करने और लोगों को भड़काने वाले संदेश पोस्ट करने का आरोप है। ओवैसी बोले- यह पहली FIR जिसमें अपराध नहीं बताया असदुद्दीन ओवैसी पर एफआइआर के बाद उनका बयान भी स...
वन रक्षकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी 300 मोटर बाईकें- सुबोध उनियाल

वन रक्षकों के लिए मील का पत्थर साबित होगी 300 मोटर बाईकें- सुबोध उनियाल

उत्तराखण्ड
प्रोजेक्ट वन रक्षक के अंतर्गत हीरो मोटो कॉर्प ने हर्बल सोसाइटी, नरेंद्रनगर वन प्रभाग को 300 मोटर बाइकें दीं। मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने इन मोटर बाइकों को वन सुरक्षा के लिए मील का पत्थर बताया। मुनिकीरेती भद्रकाली मार्ग पर स्थित शिवालिक जैव विविधता पार्क में नरेंद्रनगर वन प्रभाग की ओर से प्रोजेक्ट वन रक्षक कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि सुबोध उनियाल और विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि समेत सभी ने यहां पार्क में पौधरोपण किया व यहां लगी प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि वनों की सुरक्षा में यह मोटर बाइकें मील का पत्थर साबित होंगी, वनाग्नि, वन तस्करी आदि जैसी समस्याओं से भी निजात मिल सकेगी। विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद अग्रवाल ने प्रोजेक्ट वन रक्षक की सराह...
आखिर कब तक होते रहेंगे तबादले!  चुनाव से पहले तबादले और चुनाव के बाद भी तबादलों का दौर नहीं बनने दे रहा विकास की रफ्तार…

आखिर कब तक होते रहेंगे तबादले! चुनाव से पहले तबादले और चुनाव के बाद भी तबादलों का दौर नहीं बनने दे रहा विकास की रफ्तार…

उत्तराखण्ड
आखिर कब तक होते रहेंगे तबादले! चुनाव से पहले तबादले और चुनाव के बाद भी तबादलों का दौर नहीं बनने दे रहा विकास की रफ्तार... देहरादून- उत्तराखंड राज्य के वर्ष-2022 के आम विधानसभा चुनाव होने के बाद बंपर तबादलों का दौर जारी रहा, तो वह चंपावत उपचुनाव के बाद भी जारी है | तबादलों के इस दौर ने अपनी रफ्तार इतनी अधिक पकड़ी हुई है कि उसके आगे विकास की रफ्तार धीमी पड़ती हुई नजर आ रही है | कभी आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले बंपर स्तर पर हो रहे हैं, तो कभी पुलिस मुख्यालय अपने स्तर से तबादलों को करने में लगा हुआ है| हैरानी की बात यह है कि शासन स्तर पर हो रहे बड़े पैमाने पर तबादला तबादलों से नौकरशाही की कार्यशैली क्या सुधर पाएगी कुछ ऐसे विभाग भी है जहां पर अनेक अधिकारी वर्षों से जमे हुए हैं और उनके तबादले नहीं किए जा रहे हैं ऐसे अधिकारी अपने आकाओं की चापलूसी में लगे हुए नजर आ रहे हैं यही कारण ह...
“रेगिस्तान का जहाज ऊंट” दून की सड़कों पर तलाश रहा दो वक्त की रोटी!

“रेगिस्तान का जहाज ऊंट” दून की सड़कों पर तलाश रहा दो वक्त की रोटी!

उत्तराखण्ड
"रेगिस्तान का जहाज ऊंट" दून की सड़कों पर तलाश रहा दो वक्त की रोटी! देहरादून- बच्चों के लिए भले ही रेगिस्तान का जहाज कहे जाने वाला ऊंट आकर्षण का केंद्र बना हुआ हो, लेकिन ऊंट का स्वामी/संचालक अपने तथा अपने इस जानवर के लिए दो वक्त की रोटी के लिए अपना खून पसीना बहाने में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है |आजकल उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों पर जगह-जगह रेगिस्तान का जहाज माना जाने वाला ऊंट बच्चों का मन लुभा रहा है और उनको अपनी पीठ पर बैठा कर यात्रा  कराकर दो वक्त की रोटी का प्रबंध करने में लगा हुआ है | बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बने इस ऊंट पर बैठकर बच्चे भले ही बहुत ही अधिक आनंदित हो रहे हैं, परंतु भीषण गर्मी तथा शाम के समय घंटों यह ऊंट बच्चों को खुश करने में किसी तरह की कोई कमी नहीं छोड़ रहा है | भीषण गर्मी के इन दिनों में जहां पर्यटकों से जल क्रीड़ा के केंद्र सहस्त्रधारा, लच्छीवाला, गुछ...
उफ्फ ये गर्मी! आमजन रहा बेहाल  पिछले करीब 1 माह से पेयजल समस्या भी चढ़ी आ रही है परवान |

उफ्फ ये गर्मी! आमजन रहा बेहाल पिछले करीब 1 माह से पेयजल समस्या भी चढ़ी आ रही है परवान |

उत्तराखण्ड
उफ्फ ये गर्मी! आमजन रहा बेहाल पिछले करीब 1 माह से पेयजल समस्या भी चढ़ी आ रही है परवान | देहरादून- भीषण गर्मी का प्रकोप पिछले करीब 15 दिन से निरंतर चला रहा है I सूर्य की तेजी का प्रकोप तो जनता, पर्यटक एवं श्रद्धालु गण झेल ही रहे हैं, साथ ही पानी की किल्लत भी लोगों को परेशान और प्यासा किए हुए है | उत्तराखंड जल संस्थान द्वारा पिछले दिनों ही पानी की कमी न होने के कारण पानी का पर्याप्त होना बताया गया था, लेकिन बावजूद इसके भीषण गर्मी के कारण पानी की खपत गर्मी के इन दिनों में कई गुना बढ़ जाने से परेशानी का सामना सभी जनों को करना पड़ रहा है | इन दिनों उत्तराखंड राज्य के अंदर चार धाम यात्रा के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु गणों का आगमन हो रहा है, तो वहीं दूसरी ओर राज्य की हरी-भरी वादियों तथा यहां के पर्वतीय क्षेत्रों की खूबसूरती तथा आकर्षण का आनंद उठाने के लिए पर्यटकों की संख्या...
मुख्यमंत्री की विधानसभा में नालियों से सरकारी किताबों का मिलना दुर्भाग्यपूर्ण :जोशी

मुख्यमंत्री की विधानसभा में नालियों से सरकारी किताबों का मिलना दुर्भाग्यपूर्ण :जोशी

उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री की विधानसभा में नालियों से सरकारी किताबों का मिलना दुर्भाग्यपूर्ण :जोशी आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी में सीएम तो क्या कटघरे में खड़ा देहरादून - आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित जोशी ने कहा कि प्रदेश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के राज में अनेक अव्यवस्थाएं कायम हो रही है | उन्होंने धामी सरकार पर व्यवस्थाओं के लिए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूरी सरकार 2 दिनों से हल्द्वानी में अपने कार्यक्रमों में व्यस्त है और मुख्यमंत्री की विधानसभा में शिक्षा के नाम पर भद्दा मजाक किया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी अमित जोशी ने चंपावत के पाटी ब्लॉक के पोखरी गांव के नाले में सरकारी पाठ्य पुस्तकों के फेंके जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और कहा कि एक ओर तो सरकार उच्च शिक्षा और अच्छी शिक्षा की बात करती है और दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में बांटी ...
गजब : दिन में भी जल रही रोड लाइटें  ऊर्जा की कैसे हो बचत, जब सरकारी सिस्टम ही हो ध्वस्त!

गजब : दिन में भी जल रही रोड लाइटें ऊर्जा की कैसे हो बचत, जब सरकारी सिस्टम ही हो ध्वस्त!

उत्तराखण्ड
गजब : दिन में भी जल रही रोड लाइटें ऊर्जा की कैसे हो बचत, जब सरकारी सिस्टम ही हो ध्वस्त! देहरादून- बिजली की बचत अथवा ऊर्जा की बचत करने के लिए जो प्रचार-प्रसार राज्य सरकार की ओर से जोर-शोर से किया जाता रहा है, उसमें लाखो-करोड़ो रुपए खर्च किए जाते रहे हैं | लेकिन जब सरकारी सिस्टम ही ध्वस्त होने के प्रमाण देने लग जाए तो आखिर फिर यह कैसे हो सकता है कि बिजली अथवा ऊर्जा की बचत की जाए? राजधानी की मुख्य सड़क मार्गो पर दिन में ही लाइटें जलना सार्वजनिक रूप से संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को जगजाहिर कर रहा है| आए दिन सुबह, दोपहर व दिन छिपने से पहले ही शहरी क्षेत्र की सड़कों पर पथ प्रकाश होने के मामले सामने आते रहे हैं I हैरानी की बात यह है कि संबंधित विभाग अथवा कॉरपोरेशन के अधिकारी एक तरफ तो ऊर्जा बचाओ का नारा देकर जन जागरूकता अभियान चलाने की नसीहत देते रहते हैं, तो वहीं दूसरी ओर वे स...
शांत प्रदेश में कई नेताओं और संतों को गनर की दरकार, जानिए किन्हें है जरूरत और कितनों को मिले |

शांत प्रदेश में कई नेताओं और संतों को गनर की दरकार, जानिए किन्हें है जरूरत और कितनों को मिले |

उत्तराखण्ड
शांत प्रदेश में कई नेताओं और संतों को गनर की दरकार, जानिए किन्हें है जरूरत और कितनों को मिले | विधायकों और कुछ अन्य महानुभावों को अपवाद स्वरूप छोड़ दिया जाए तो राज्य सरकार गनर देने के मामले में बहुत ज्यादा उदार नहीं दिखाई दे रही है। गृह विभाग के सूत्रों के मुताबिक गनर के लिए आवेदन करने वालेां कई नेता, मठ, मंदिर औश्र आश्रमों के कतिपय साधु-संत के साथ ही कुछ कारोबारी भी हैं। कानून व्यवस्था के मामले में दूसरे राज्यों की तुलना में शांत माने जा रहे उत्तराखंड में भी कई नेताओं, संतों और कारोबारियों को सरकारी गनर की दरकार है। शासन में 50 से अधिक आवेदन लंबित हैं, जिनमें से अभी तक सिर्फ 11 लोगों को ही गनर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें एक गनर छह माह के लिए पूर्व विधायक देश राज कर्णवाल को भी दिया गया है, लेकिन पूर्व विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन को गनर देने से इंकार कर दिया गया है। बकौल चैंपियन उन्हो...