मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रचंड जीत के बाद चंपावत के विकास की संभावना
करीब छह सौ साल पहले तक काली कुमाऊं चम्पावत चंद वंश की राजधानी रही थी। आज भी काली कुमाऊं ऐतिहासिक तहसील, राजबुंगा का किला, बालेश्वर मंदिर, एक हथिया नौला आदि चम्पावत के गौरवशाली अतीत की याद दिलाते हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रचंड जीत के बाद विशेषज्ञों का भी मानना है कि चंपावत के भाग्योदय का समय आ गया है। उम्मीद है कि अब ना केवल प्राकृतिक संसाधन, सौदर्य से भरपूर चम्पावत में विकास की बयार बहेगी, बंजर भूमि आबाद करने के लिए रिवर्स पलायन होगा तो लघु उद्यम सेक्टर में बूम आ सकता है। पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के प्रोजेक्ट पर तो काम भी शुरू हो गया है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की जीत के बाद जिले के पहाड़ी के साथ ही मैदानी इलाके टनकपुर बनबसा पर्यटन के साथ ही शिक्षा, उद्योग के क्षेत्र में पहचान काम करेगा।
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