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हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया!

हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया!

उत्तराखण्ड
हरियाली को आग के हवाले कर रहे वन एवं भू माफिया! देवभूमि की सुंदरता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने में अनेक अफसरों का भी रहा है योगदान? देहरादून - पहाड़ का पर्यावरण असुरक्षित नजर आ आ रहा है| चारों ओर या तो पेड़ों के अवैध कटान आए-दिन हो रहे हैं, या फिर हरे भरे वृक्षों की जड़ों में आग लगाकर तथा खतरनाक रसायनिक केमिकल डालकर उनको नष्ट करने का बड़ा खेल खेला जा रहा है और इस सबके पीछे वन एवं भू माफियाओं का हाथ ही है, जिनको कि कहीं न कहीं उच्च स्तर से संरक्षण भी मिला रहता है | यही कारण है कि जंगलों में अवैध कटान तथा हरियाली को नष्ट करने अथवा कम करने की दिशा में विकास तथा स्वार्थों के नाम पर कार्य निरंतर किए जा रहे हैं | उत्तराखंड राज्य की हरियाली को काफी तेजी के साथ नष्ट करने का षड्यंत्र जिस तरह से पिछले काफी लंबे समय से रचा जा रहा है, वह वास्तव में न सिर्फ पहाड़ों की आकर्षण सुंदरता को धीरे-धी...
यह देखो साहब! हल्की बारिश ने ही खोल दी सफाई व्यवस्था की पोल…

यह देखो साहब! हल्की बारिश ने ही खोल दी सफाई व्यवस्था की पोल…

उत्तराखण्ड
यह देखो साहब! हल्की बारिश ने ही खोल दी सफाई व्यवस्था की पोल... * नाले-नालियां अवरुद्ध होने पर गंदगी के नजारे सड़कों पर देखने को मिले * न तो मेयर को है परवाह और पार्षद भी नहीं गंभीर देहरादून- बुधवार को राजधानी की सड़कों पर गंदगी के नजारे देखने को मिले| कारण यही है कि हल्की सी बारिश हुई और नाले-नालियों में पानी बहना शुरू हुआ तो गंदगी सड़कों पर आ गई, जिसने कि राजधानी के नगर निगम को आईना दिखा दिया है | स्वच्छता और सुंदरता के दावे करने वाले राजधानी के नगर निगम को आज जिस तरह से सफाई व्यवस्था को लेकर आईना देखने दो मिला है वह वास्तव में हैरानी और अफसोस की बात है| नगर निगम के परिक्षेत्र का विस्तार होने तथा 60 की संख्या से बढ़कर 100 वार्ड होने के बाद नगर निगम क्षेत्र की साफ-सफाई की समस्या और भी ज्यादा बदहाल होने लगी है और उसके नजारे देखने को मिल रहे हैं नगर निगम के मेयर तथा पार्षद गण भले ही...
राजकीय दून चिकित्सालय की ओपीडी में मरीज परेशान

राजकीय दून चिकित्सालय की ओपीडी में मरीज परेशान

उत्तराखण्ड
राजकीय दून चिकित्सालय की ओपीडी में मरीज परेशान चिकित्सकों के बैठने वाले दिवसों को लेकर है मरीजों के सम्मुख बड़ी परेशानी देहरादून- उत्तराखंड के सरकारी चिकित्सालय ऐसे हैं, जहां पर सरकार भले ही तमाम सुविधाएं मरीजों के लिए मुहैया करवा दे, लेकिन मरीजों को अनेक परेशानियों का सामना इन सरकारी अस्पतालों में उठाना ही पड़ता है | जिससे कि न सिर्फ मरीज परेशान और बेहाल होते हैं, बल्कि उनके तीमारदार भी परेशानियां झेलते रहते हैं | सरकारी अस्पतालों में कभी अल्ट्रासाउंड की मशीन खराब हो जाती है, तो कभी मरीजों के परीक्षण संबंधी अनेक समस्याएं खड़ी होने लगती हैं | यही नहीं, बाहर से भी दवाइयां मरीजों को खरीदनी पड़ती है| भले ही प्रदेश के मुखिया लाख यह दिशा निर्देश जारी करते रहे कि सरकारी अस्पतालों में बाहर की दवाइयां चिकित्सक न लिखें, और अस्पताल से ही सारी दवाइयां मरीजों को उपलब्ध कराई जाए | ऐसी कई समस्याएं...
ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक|

ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक|

राष्ट्रीय
ट्रैफिक रूल्स को ठेंगा दिखा रहे वाहन चालक *एसएसपी साहब देखिए! राजधानी के मुख्य बाजार पलटन बाजार से होकर घंटाघर की ओर गुजर रही है कारें *वाहनों के प्रवेश हेतु प्रतिबंधित क्षेत्रों में दोपहिया और चार पहिया वाहनों का प्रतिदिन गुजरना बन गया है आम? देहरादून-  यातायात के नियमों की धज्जियां उड़ाने में कई वाहन चालक महारथ हासिल करते रहते हैं | ऐसी महाशय मुख्य बाजारों एवं चौराहों से गुजरने में अक्सर ट्रैफिक रूल्स का खुला उल्लंघन करते हुए देखे जाते हैं| ऐसा लगता है कि मानो उनके लिए कोई रूल्स ही नहीं है? दुपहिया एवं चार पहिया वाहनों के चालक पुलिस द्वारा निर्धारित यातायात के नियमों का उल्लंघन करने में पीछे नहीं रहते और अक्सर तो यह वाहन चालक पुलिसकर्मी से ही भीड़ जाते हैं | राजधानी देहरादून का सबसे मुख्य बाजार पलटन बाजार माना जाता है, इसी पलटन बाजार से लगती हुई शहर थाना कोतवाली भी इसी बाजार मे...
अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन

अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन

उत्तराखण्ड
अव्यवस्थित यातायात : नियमों का नहीं हो रहा अनुपालन *यात्री वाहन निर्धारित रूट नहीं कर रहे पूरा, यात्रियों को होती है परेशानी *आरटीओ कार्यालय से आखिर क्यों नहीं हो पा रही मनमानी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही? देहरादून -  उत्तराखंड की राजधानी दून की सड़कों पर यातायात का भारी पैमाने पर दबाव है | प्रतिदिन यहां की सड़कों पर जहां दिन-रात सरपट वाहन दौड़ते हैं, वहीं यातायात व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई नजर आती है | मुख्य चौराहों और सड़कों पर कई ऐसे वाहन देखें जाते हैं जो कि अव्यवस्थित तरीके से नियमों को ताक पर रखकर अपने वाहनों को बेतरतीब ढंग से मोड़ देते हैं | ऐसे में सड़क दुर्घटनाएं भी होती रही है | यातायात के दौरान चौराहे पर रेड सिग्नल होने पर भी कई वाहन चौराहे को पार करने में लगे रहते हैं और यातायात के नियमों की धज्जियां समय-समय पर उड़ाई जाती है | अक्सर ऐसा देखा गया है कि श...
उत्तराखण्ड
गजब : राजधानी दून के शहरी क्षेत्र में घूमता आईना... घटिया गुणवत्ता और अव्यवस्थित सिस्टम से जूझ रही जनता! *लैंसडाउन चौक पर भाजपा महानगर कार्यालय के सामने का दृश्य दुर्घटना को दे रहा न्योता देहरादून - सड़कों और नालियों के निर्माण में घटिया गुणवत्ता की शिकायतें जहां सामने आती रहती हैं, वही इस तरह के घटिया निर्माण होने के कारण सड़क एवं नालियां अधिक समय तक ठीक-ठाक नहीं रहती हैं और वह संबंधित सरकारी विभाग अथवा सरकारी सिस्टम को आईना दिखाती रहती हैं| यही नहीं, आए दिन सड़कों के बीचो-बीच गड्ढे खोदकर डाल देना तथा लंबे समय तक उनकी कोई भी सुध न लेना भी शायद सरकारी सिस्टम में समाहित है? राजधानी की सड़कों और चौराहों के आसपास के अनेक नजारे इन दिनों इसी सरकारी अव्यवस्थित सिस्टम को जिस तरह से आइना दिखा रहे हैं, वह आम जनता के साथ ही विदेशी एवं बाहरी विभिन्न राज्यो से आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थ यात्...

बोया बीज बबूल का… फल काहे को होय! *पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां?

उत्तराखण्ड
बोया बीज बबूल का... फल काहे को होय! *पर्वतीय क्षेत्रों के जंगलों में भीषण आग लगने के पीछे ढेरों हैं लापरवाहियां? "22 वर्षों में उत्तराखंड को स्वच्छ वातावरण एवं हरियाली देने के वायदे कितने साकार किए गए, यह आज एक ज्वलंत गंभीर विषय है" देहरादून - उत्तराखंड राज्य को ऑक्सीजन का भंडार बताने वाले तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के दावे करने वाले आज उत्तराखंड राज्य को कितना हरा भरा बनाने में कामयाब हुए हैं उसका परिणाम आज पृथक राज्य बनने के करीब 22 वर्षों के पश्चात देखने को मिल रहा है जो कि काफी दुखद एवं गंभीर चिंतन का विषय है कई पर्यावरण विधि पर्यावरणविद एवं चिंतकों ने उत्तराखंड राज्य को हरा भरा बनाने की दिशा में बहुत कुछ बलिदान दिए और आंदोलन भी करने में कोई कमी नहीं छोड़ी साथ ही राज्य की सरकारों को अल्टीमेटम भी देकर उत्तराखंड राज्य की अमूल्य वन संपदा को बचाने एवं बनाने की दिशा में उल्लेखनीय...

भाजपा के दिग्गजों की रणनीति धामी को दिलाएगी ऐतिहासिक जीत!

उत्तराखण्ड
भाजपा के दिग्गजों की रणनीति धामी को दिलाएगी ऐतिहासिक जीत! चंपावत उपचुनाव : अखाड़ा हो रहा तैयार, बागियों पर !रखी जाएगी पैनी नजर *क्षेत्र की जनता को है सीएम पुष्कर सिंह धामी से ढेर सारी उम्मीदें और अपेक्षाएं देहरादून - चंपावत उपचुनाव के लिए अभी अधिसूचना जारी होने में देरी मानी जा रही है, लेकिन यह चुनाव बेहद महत्वपूर्ण एवं रोचक होने के आसार बने हुए हैं, क्योंकि सत्तारूढ़ भाजपा में सीएम पुष्कर सिंह धामी खुद ही यह उपचुनाव बतौर भाजपा प्रत्याशी लड़ने के लिए मैदान में उतरने जा रहे हैं| भाजपा के दिग्गजों की रणनीति पुष्कर सिंह धामी को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए अपने मिशन अभियान में काम करने लग गई है | चंपावत उप चुनाव का यह अखाड़ा कोई कम मायने रखने वाला नहीं है, बल्कि इसमें सीधे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिष्ठा दांव पर लगने जा रही है | यही कारण है कि भाजपा संगठन का राष्ट्रीय नेतृत्...
गोमुख ग्लेशियर के निकट दो लाख से अधिक देवदार के पेड़ों पर संकट|

गोमुख ग्लेशियर के निकट दो लाख से अधिक देवदार के पेड़ों पर संकट|

उत्तराखण्ड
गोमुख ग्लेशियर के निकट दो लाख से अधिक देवदार के पेड़ों पर संकट| देहरादून-  12 हजार करोड रुपए की 889 किलोमीटर लंबी चारधाम सड़क चौड़ीकरण परियोजना के अंतर्गत 10 से 24 मीटर तक सड़क चौड़ी करने से अब तक 2 लाख की संख्या से अधिक छोटे-बड़े पेड़-पौधों का कटान किया जा चुका है और यह केंद्र सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना है | गोमुख ग्लेशियर के निकट दो लाख से अधिक देवदार के पेड़ों पर जो संकट गहराया हुआ है, वह पर्यावरण की दृष्टि से भी उचित नहीं है | गंगोत्री के देवदार वृक्षों को बचाने की मुहिम में लगे समाजसेवियों प्रोफेसर वीरेंद्र पैन्यूली तथा सुरेश भाई ने आज मीडिया से मुखातिब होते हुए गोमुख ग्लेशियर के निकट दो लाख से अधिक देवदार के पेड़ों पर मंडराते हुए संकट का मामला प्रमुखता से उठाया और कहा कि मध्य हिमालय में स्थित उत्तराखंड के गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ तक जाने वाली सड़क ...
धामी के सामने कांग्रेस का  योद्धा होगा कौन?

धामी के सामने कांग्रेस का योद्धा होगा कौन?

उत्तराखण्ड
धामी के सामने कांग्रेस का योद्धा होगा कौन? *चंपावत-उपचुनाव के लिए भाजपा कर रही रणनीति तैयार *सीएम धामी के चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकने के लिए चंपावत की सर जमी पर आ सकते हैं पीएम नरेंद्र मोदी व अन्य दिग्गज लीडर *क्या कांग्रेस आलाकमान पूर्व सीएम हरीश रावत को उतारेगी उपचुनाव के मैदान में! *चंपावत की जनता को खुश करने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुरू कर दिया घोषणाओं का सिलसिला देहरादून -  उत्तराखंड विधानसभा चुनाव-2022 के इलेक्शन में अपनी विधानसभा सीट पर शिकस्त पा चुके पुष्कर सिंह धामी पर उनके भाजपा आलाकमान ने फिर से विश्वास जताते हुए उनको मुख्यमंत्री पद की कमान फिर से सौंपने में जरा सी भी हिचक और संदेह नहीं जताया है, बल्कि, क्योंकि अब उनको संवैधानिक रूप से निरंतर निश्चित कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री बनाने हेतु भाजपा आलाकमान ने चंपावत विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ाकर अपन...