माइक्रोसर्जरी से सफ़ल इलाज़, श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल द्वारा,
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में एक मरीज का माइक्रोसर्जरी द्वारा सफल उपचार किया गया। ज्वालापुर, हरिद्वार निवासी मोहम्मद अफजल को अगस्त माह में अस्पताल में भर्ती किया गया था। डायबिटीज के कारण उनके दाएँ पैर की त्वचा पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी और अंदर की हड्डी गलनी शुरू हो गई थी। पैर को काटने से बचाने के उद्देश्य से उन्हें प्लास्टिक सर्जरी विभाग में प्रोफेसर डॉ. भावना प्रभाकर के निर्देशन में भर्ती किया गया।प्रारंभ में घाव की सफाई के लिए डिब्राइडमेंट सर्जरी की गई। इसके पश्चात् कुछ दिनों बाद उस हिस्से पर माइक्रोवैस्क्युलर फ्री-फ्लैप सर्जरी की गई, जिसमें सटीकता से खून की नसों को जोड़कर स्वस्थ भाग से लिए गए मोटे ऊतक (टिश्यू) को प्रभावित स्थान पर प्रत्यारोपित किया गया। यह अत्याधुनिक तकनीक अत्यंत सूक्ष्म स्तर पर माइक्रोस्कोप की सहायता से की जाती है। यदि उस स्थान पर केवल पतला स्किन ग्राफ्ट लगाया जाता, तो ...








