Monday, August 31News That Matters

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित

उत्तराखण्ड
देहरादून, गत 30 जून को प्रदेश की भाजपा सरकार ने अपने सौ दिन पूरे होने पर अपनी उपलब्धियों का ब्योरा जनता के सामने रखा। लोक कल्याण व विकास के क्षेत्र में तमाम उपलब्धियां सामने रखी गईं, लेकिन इनमें से जिसे ऐतिहासिक श्रेणी में रखा जा सकता है वह है प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए की गई धरातलीय तैयारियां। गोवा में उसके जन्म से ही समान नागरिक संहिता लागू है, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था के तहत इसे लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य बनने की ओर अग्रसर है। गत सोमवार को इसके लिए गठित विशेषज्ञ समिति की पहली एवं परिचयात्मक बैठक राष्ट्रीय राजधानी स्थित उत्तराखंड सदन में हो चुकी है। बैठक में समान नागरिक संहिता के लिए महिला अधिकारों को केंद्र में रखने पर सहमति बनी है। राष्ट्रीय स्तर पर भी स्वतंत्रता प्राप्ति से ही समान नागरिक संहिता की मांग उठती रही है, लेकिन क्रियान्वयन के स्तर उत्तराखंड प...
रानीखेत में होने वाली अग्निवीरों की भर्ती की तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट में हुई बैठक |

रानीखेत में होने वाली अग्निवीरों की भर्ती की तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट में हुई बैठक |

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रानीखेत में होने वाली अग्निवीरों की भर्ती की तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट में हुई बैठक | एक ओर जहां प्रदेश में अग्निवीरों की भर्ती शुरू होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने इसे लेकर सवाल उठाए हैं । बुधवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने इस संबंध में पत्रकारवार्ता की। रुद्रपुर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने योजना को युवाओं के साथ छल बताया। सेना में अग्निवीरों की भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। अगस्त में रानीखेत में होने वाली अग्निवीरों की भर्ती की तैयारियों को लेकर कलक्ट्रेट में हुई बैठक में डायरेक्टर रिक्रूटमेंट आदित्य मिश्रा ने जिलाधिकारी वंदना सिंह से भर्ती के दौरान प्रशासन से सहयोग मांगा। डायरेक्टर रिक्रूटमेंट ने कहा कि भर्ती रैली में काफी संख्या में अभ्यर्थी पहुंचते हैं। अभ्यर्थियों की भर्ती में पात्रता संबंधी कई कठिनाइयां सामने आती हैं। उन्होंने ...
केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की वीडियो वायरल होने पर तीर्थपुरोहितों ने जताई कड़ी आपत्ति |

केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की वीडियो वायरल होने पर तीर्थपुरोहितों ने जताई कड़ी आपत्ति |

उत्तराखण्ड
केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की वीडियो वायरल होने पर तीर्थपुरोहितों ने जताई कड़ी आपत्ति | बीते दिनों केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की वीडियो वायरल होने पर तीर्थपुरोहितों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बदरी-केदार मंदिर समिति की ओर से इस संबंध में मुख्य सचिव को मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिया गया है। केदारनाथ मंदिर के गर्भ गृह की वीडियो वायरल होने के बाद एक ओर जहां बदरी केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने इसकी जांच बैठाई है तो दूसरी ओर उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। उन्होंने मांग की है कि बदरीनाथ और केदारनाथ में मंदिर से कुछ दूरी पर तीर्थयात्रियों के लिए क्लॉक रूम बनाकर उनके मोबाइल, पर्स, कैमरे रखने की व्यवस्था की जाए। बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू को पत्र लिखकर केदारनाथ और बदरीनाथ मंदिरों के निकट क्लॉक रूम बनाने का सुझाव दिय...

रुड़की में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष पहुंची सिविल अस्पताल #ucn।

उत्तराखण्ड
https://youtu.be/H7BLQk2xil4 रुड़की में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष पहुंची सिविल अस्पताल #ucn #uttranchalcrimenews #ucnews रुड़की में सप्ताह भर पहले मां-बेटी से हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में आज देहरादून से राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना के नेतृत्च में एक टीम रुड़की सिविल अस्पताल पहुंची है, टीम ने यहां मां-बेटी से मुलाकात की, अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने बताया कि मां का मानसिक लेवल ठीक नहीं है ऐसे में बच्ची की परवरिश को लेकर चिंता है, वहीं छह साल की बच्ची का ना तो किसी आंगनबाड़ी केंद्र में नाम है और ना ही किसी स्कूल में, इस दौरान उन्होंने बताया कि हादसे को बच्ची भूल चुकी है, जोकि उसके भविष्य के लिए अच्छा है, उन्होंने कहा कि बच्ची को अब बाल रोग विशेषज्ञ एवं मनोवैज्ञानी की सलाह की जरूरत हैं, इसके लिए आयोग कदम उठा रहा है, वहीं डीएम से इस संबंध में वार्ता की जा रहजी है,उन्होंन...
पांच जिलों में आज से भारी बारिश की संभावना #ucn

पांच जिलों में आज से भारी बारिश की संभावना #ucn

उत्तराखण्ड, राष्ट्रीय
https://youtu.be/BcFupr3QD3c   पांच जिलों में आज से भारी बारिश की संभावना #ucn #uttranchalcrimenews #ucnews मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक विक्रम सिंह ने बताया कि देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, चंपावत में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की संभावना है। इस संबंध में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ के लिए देहरादून से  ब्यूरो रिपोर्ट...
बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही|

बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही|

उत्तराखण्ड
बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही| बारिश पहाड़ों से लेकर मैदान तक आफत बनकर टूट रही है। मंगलवार रात से जारी बारिश से नदी नाले उफान पर आ गए हैं। सड़कें मलबे से पटी हैं। जबकि कई घरों में पानी घुसने से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया। प्रदेश में कई जगह सड़कें बंद होने से आवाजाही भी ठप हो गई है। केदारनाथ हाइवे सुचारू है, लेकिन बदरीनाथ हाइवे सिरोहबगड़ में बंद है। वहीं यमुनोत्री हाईवे को खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तरकाशी नौगांव में मंगलवार रात को हुई तेज बारिश से सौली खड्ड और देवलसारी खड्ड में आए पानी और मलबे से भारी नुकसान हुआ है। सौली खड्ड के उफान में एक बाइक बह गई। जबकि एक पिकअप मलबे में दब गया। यहां नगर पंचायत के दो शौचालय भी बह गए। वहीं देवलसारी खड्ड के उफान में एक पिकअप, मिक्सचर मशीन और हैंडपंप मलबे में दब गया। वहीं चमनी देवी और प्यारी देवी के घरों में पानी घुस गया...
उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई |

उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई | उत्तराखंड में ब्रह्म कमल, फूलों की घाटी में फूलों की दर्जनों प्रजातियों पर भी असर। दुनिया में साढ़े चार लाख और भारत में 40,000 से ज्यादा प्रजातियां।अब वनस्पतियों पर भी जलवायु परिवर्तन का असर दिखने लगा है। अब तय समय से पहले फूल खिलने लगे हैं। साथ ही उनके रंग और खुशबू में भी अंतर दिखाई देने लगा है। यह जलवायु परिवर्तन ही कारण रहा कि उत्तराखंड में ब्रह्म कमल तय समय से पूर्व खिलने लगे और फूलों की घाटी भी समय से पहले फूलों से भर गई। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के वैज्ञानिकों की मानें तो पूरी दुनिया में साढ़े चार लाख ऐसी वनस्पतियां पाई जाती हैं, जिसमें फूल खिलते हैं। इनमें से 40,000 प्रजातियों की वनस्पतियां भारत में पाई जाती हैं। 20 हजार प्रजातियां ऐसी हैं, जिसमें तय समय पर फूल खिलते हैं। निश्चित ता...

राज्य में जारी हो चुका है खेल नीति का जिओ-रेखा आर्या #ucn

उत्तराखण्ड
https://youtu.be/E-xony7vIOE राज्य में जारी हो चुका है खेल नीति का जिओ-रेखा आर्या #ucn #uttranchalcrimenews #ucnews 29 अगस्त को होगा खेल छात्रवर्ती योजना का विधिवत शुभारंभ माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे योजना का शुभारंभ-रेखा आर्या खेल विभाग की वेबसाइट अपडेट नही होने पर नाराज हुई खेल मंत्री 1 हफ्ते में वेबसाइट को जल्द अपडेट करने के खेल मंत्री रेखा आर्या ने दिए निर्देश उत्तारांचल क्राइम न्यूज़ के लिए देहरादून से ब्यूरो रिपोर्ट !...
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर |

उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर |

उत्तराखण्ड
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां उफान पर है। नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। काली नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल के पार पहुंच गया है। प्रशासन ने अर्ल जारी किया है। उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश के बाद नदियां ऊफान पर हैं। नदियों के जलस्तर बढ़ने से किनारों पर रह रहे लोगों की नींद भी उड़ गई है। पिथौरागढ़ के धारचूला में लगतार बारिश हो रही है। बारिश के बाद काली नदी का जलस्तर चेतावनी लेवल से पार चला गया है। धारचूला में काली नदी का चेतावनी लेवल 889 है, जबकि नदी 889.15 पर बह रही है। नदी के तेज प्रवाह को देख तट पर बसे लोगों में भय बना हुआ है। मानसून में भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है। तो दूसरी ओर, सरकार ने 30 सितंबर तक कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। आपदा के समय रिस्...
राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी |

राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी |

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राजधानी देहरादून में पुराने भवनों पर बरसात का डर, नगर निगम ने किया नोटिस जारी | उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में जर्जर और पुराने भवनों का डर बरसात में ज्यादा होता है, क्योंकि अक्सर इन दिनों में ही अतिवृष्टि या अन्य कारणों के चलते ये इमारतें खतरा बन जाती हैं. इस बार भी शहर में ब्रिटिश काल की इमारतें हादसों को दावत दे रही हैं. ये इमारतें खतरे का निशानी इसलिए हैं, क्योंकि ये शहर के बीचोंबीच ऐसी जगहों पर स्थित हैं, जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में इन गिरासू भवनों के खौफ के साये में लोग आवाजाही करते हैं. देहरादून नगर निगम के मुताबिक, राजधानी में वर्तमान में 45 गिरासू भवन मौजूद हैं, जिनमें से कई खाली पड़े हैं तो कुछ में लोग रह रहे हैं. नगर निगम की तरफ से इन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है, लेकिन संपत्ति विवाद और न्यायालय में मामले लंबित होने के चलते ये जर्जर भवन ज्यों के त्यों पड़े ह...