Wednesday, April 29News That Matters

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कई राजनीतिक दलों का भविष्य बढ़ रहा हाशिए की ओर…       उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस, बसपा, उक्रांद, आप और सपा के राजनीतिक भविष्य को लेकर है बड़ा संकट

कई राजनीतिक दलों का भविष्य बढ़ रहा हाशिए की ओर… उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस, बसपा, उक्रांद, आप और सपा के राजनीतिक भविष्य को लेकर है बड़ा संकट

उत्तराखण्ड
कई राजनीतिक दलों का भविष्य बढ़ रहा हाशिए की ओर... उत्तराखंड में कॉन्ग्रेस, बसपा, उक्रांद, आप और सपा के राजनीतिक भविष्य को लेकर है बड़ा संकट देहरादून- उत्तराखंड राज्य में राजनीति को लेकर एक ऐसी पटकथा लिखी जाने लगी है, जिसके नजरिए से कई राजनीतिक दलों का भविष्य राम भरोसे ही होगा I राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा द्वारा उत्तराखंड विधानसभा 2022 के चुनाव में जिस मिथक को तोड़ा गया, उसने निश्चित रूप से भाजपा को छोड़कर प्रदेश के अन्य सभी राजनीतिक दलों के मंसूबों पर बुरी तरह से पानी फेरते हुए चेतावनी दे डाली है कि अब चप्पे-चप्पे पर भाजपा का ही राज-काज चलेगा, और कोई भी राजनीतिक पार्टी उनके सामने नहीं टिक पाएगी I वर्ष-2022 के विधानसभा चुनाव का अखाड़ा शानदार बहुमत के साथ जीतने के बाद सत्तारूढ़ भाजपा की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने अपने मिशन विकास के अभियान को आगे बढ़ाते हुए अब उत्तराखंड के निकाय चुनाव पर ...
हरियाली को खा रहे वन  और भूमाफिया!

हरियाली को खा रहे वन और भूमाफिया!

उत्तराखण्ड
हरियाली को खा रहे वन और भूमाफिया! *माफियाओं के प्रति संबंधित विभाग का रवैया आखिर क्यों रहता है नरम? *उत्तराखंड राज्य का निर्माण होने के बाद से लेकर अब तक फलदार एवं छायादार हजारों वृक्ष कर दिए गए नष्ट देहरादून - उत्तराखंड राज्य को ऑक्सीजन का भंडार वाला राज्य कहां जाता रहा हैI हिमालय क्षेत्र में आने वाला यह उत्तराखंड राज्य आज भी पर्यटकों के लिए गुलजार होता रहता है, लेकिन मुख्य व हैरानी की बात यह है कि पिछले दो दशकों के दौरान इस राज्य की काफी हरियाली को कई भू एवं वन माफिया अपने स्वार्थी मंसूबों के तहत नष्ट करने में कामयाब रहे हैं I सैकड़ों और हजारों की संख्या में फलदार एवं छायादार वृक्षों का अवैध कटान होने के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं और माफियाओं की मौज होती रही है I जब 9 नवंबर सन 2000 में उत्तराखंड राज्य का निर्माण उत्तर प्रदेश से अलग होकर हुआ था, तब यह पहाड़ी राज्य हरियाली...
पूर्व प्रधानाचार्य सुनीता जैन ने प्रतिष्ठित व लोकप्रिय उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ समाचार पत्र को भेंट किया 2 टन का एयर कंडीशन|

पूर्व प्रधानाचार्य सुनीता जैन ने प्रतिष्ठित व लोकप्रिय उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ समाचार पत्र को भेंट किया 2 टन का एयर कंडीशन|

उत्तराखण्ड
पूर्व प्रधानाचार्य सुनीता जैन ने प्रतिष्ठित व लोकप्रिय उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ समाचार पत्र को भेंट किया 2 टन का एयर कंडीशन| समाचार पत्र की निष्पक्षता तथा समाज सेवा के सराहनीय योगदान को निरंतर मिल रहा है प्रोत्साहन देहरादून -   पारदर्शी एवं निष्पक्षता के क्षेत्र में उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ एक ऐसा समाचार पत्र है, जो कि निरंतर जनता, राजनीतिज्ञों, समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले वरिष्ठ समाजसेवी एवं अन्य वर्ग-समाज में अपना लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित मुकाम हासिल करता जा रहा है I प्रतिष्ठित समाचार पत्र "उत्तरांचल क्राइम न्यूज़" के इन्हीं बेहतर एवं पारदर्शी समाचारों की भूमिका को देखते हुए ही महिला इंटर कॉलेज विकासनगर की सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्रीमती सुनीता जैन ने उत्तरांचल क्राइम न्यूज़ को उपहार स्वरूप 2 टन का एयर कंडीशन भेंट किया है I पूर्व प्रधानाचार्य सुनीता जैन ने कहा है कि उत्त...
अवैध खनन क्यों रुकेगा जनाब?   *माफियाओं के सामने विभागीय अफसर जो है बौने!  *अवैध खनन होने से प्रतिवर्ष सरकार और संबंधित विभाग को भारी राजस्व का हो रहा है नुकसान

अवैध खनन क्यों रुकेगा जनाब? *माफियाओं के सामने विभागीय अफसर जो है बौने! *अवैध खनन होने से प्रतिवर्ष सरकार और संबंधित विभाग को भारी राजस्व का हो रहा है नुकसान

उत्तराखण्ड
अवैध खनन क्यों रुकेगा जनाब? *माफियाओं के सामने विभागीय अफसर जो है बौने! *अवैध खनन होने से प्रतिवर्ष सरकार और संबंधित विभाग को भारी राजस्व का हो रहा है नुकसान *सदन से लेकर सड़क तक माफियाओं के खिलाफ बुलंद होती रहती है आवाज, लेकिन नहीं होता कोई एक्शन देहरादून -   उत्तराखंड राज्य में खनन माफियाओं के खिलाफ शायद ही कोई ऐसा कोना अथवा नदी हो, जिससे खनन करने पर विरोधी आवाजें बुलंद नहीं होती होंगी | अरे जनाब! माफियाओं की भी रोजी-रोटी अथवा काम धंधा चलना चाहिए, क्योंकि यदि इन खनन माफियाओं के खिलाफ उनकी मुखालफत करने वालों के तेवर बुलंद होते रहेंगे, तो ऐसे में उनका काम-धंधा तो चौपट होकर रह जाएगा और उनके सामने भी रोजी रोटी का संकट हो जाएगा| तब उन्हें सरकार से गुहार लगाने को विवश होना पड़ेगा? उत्तराखंड में खनन माफियाओं के विरुद्ध मोर्चा खोलने वालों की कमी नहीं है | यह ऐसे माफिया हैं, जो कि आज...
दून की यातायात बदहाली को नहीं सुधार पा रहे  पुलिस के आला अफसर  करीब एक दशक में यातायात व्यवस्था सुधार को बनाए गए दर्जनों ट्रैफिक प्लान हो चुके हैं धराशाई

दून की यातायात बदहाली को नहीं सुधार पा रहे पुलिस के आला अफसर करीब एक दशक में यातायात व्यवस्था सुधार को बनाए गए दर्जनों ट्रैफिक प्लान हो चुके हैं धराशाई

उत्तराखण्ड
दून की यातायात बदहाली को नहीं सुधार पा रहे पुलिस के आला अफसर करीब एक दशक में यातायात व्यवस्था सुधार को बनाए गए दर्जनों ट्रैफिक प्लान हो चुके हैं धराशाई देहरादून-  उत्तराखंड राज्य की राजधानी दून में यातायात की समस्या इतनी बुरी तरह से चरमराई हुई है कि सुबह होते ही शहरी क्षेत्र की सड़कों पर जाम ही जाम नजर आने लगता है | यह सिलसिला देर शाम तक रुकता नहीं है और बदस्तूर जारी रहता है| जाम का झाम जी का जंजाल बनता जा रहा है | हैरानी की बात यह है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने एवं व्यवस्थित करने के लिए पिछले करीब एक दशक अथवा 10 वर्षों में दर्जनों ट्रैफिक प्लान बनाए गए और उन्हें धरातल पर उतारकर कई रूट डाइवर्ट करके पुलिस महकमे के आला अफसरों ने सकारात्मक व सुविधाजनक करने के प्रयास किए, लेकिन ट्रैफिक सुधार के यह प्लान विफल ही साबित हुए|नतीजा यह रहा कि जनता और वाहन चालकों को जाम के कारण घंटो-घंटो तक ...
“माफियाओं” के चंगुल में है दून के “पब्लिक स्कूल”

“माफियाओं” के चंगुल में है दून के “पब्लिक स्कूल”

उत्तराखण्ड
"माफियाओं" के चंगुल में है दून के "पब्लिक स्कूल" *प्रदेश सरकार की खामोशी और कड़े कदम न उठाने से बच्चों का भविष्य भी नहीं सुरक्षित *पब्लिक स्कूलों पर शिक्षा के माफियाओं का जकड़ रहा शिकंजा *निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों को हर वर्ष झेलनी पड़ती है मानसिक परेशानियां *सवालिया निशान : प्रवेश के नाम पर तथा अन्य कई चार्जेस लगाकर अभिभावकों से धन की लूट-खसोट को लेकर सरकार क्यों है मौन? *अफसरों और दलालों ने उत्तराखंड राज्य के निर्माण के बाद से शिक्षा को बना डाला व्यवसायिक देहरादून - शिक्षा के मंदिरों में मासूम बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा आज मूल शिक्षा की दिशा से भटक चुकी है, क्योंकि इन शिक्षा के मंदिरों में व्यवसायीकरण का बीज आज नहीं, बल्कि राज्य उत्तराखंड के निर्माण के समय ही बो दिया गया था, जिसके आज अंकुर फूटते रहते हैं I उत्तराखंड के पब्लिक स्कूलों में शिक्षा वास्तव में दल...
चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम धामी, गहतोड़ी ने छोड़ी सीट, विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा|

चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम धामी, गहतोड़ी ने छोड़ी सीट, विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा|

उत्तराखण्ड
चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम धामी, गहतोड़ी ने छोड़ी सीट, विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा| मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस सीट से उपचुनाव लड़ेंगे आखिरकार इस पर सस्पेंस खत्म हो गया है। कैलाश गहतोड़ी काफी पहले ही मुख्यमंत्री धामी के लिए सीट खाली करने का एलान कर चुके थे और अब सीएम के चंपावत सीट से चुनाव लड़ने पर मोहर लग गई है। सस्पेंस खत्म : चंपावत सीट से उपचुनाव लड़ेंगे सीएम धामी, गहतोड़ी ने छोड़ी सीट, विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 21 Apr 2022 09:52 AM IST सार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी किस सीट से उपचुनाव लड़ेंगे आखिरकार इस पर सस्पेंस खत्म हो गया है। कैलाश गहतोड़ी काफी पहले ही मुख्यमंत्री धामी के लिए सीट खाली करने का एलान कर चुके थे और अब सीएम के चंपावत सीट से चुनाव लड़ने पर मोहर लग गई है। विधानसभा ...
स्मार्ट सिटी नहीं… बर्बाद सिटी बना दून |

स्मार्ट सिटी नहीं… बर्बाद सिटी बना दून |

उत्तराखण्ड
स्मार्ट सिटी नहीं... बर्बाद सिटी बना दून स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्य जनता के लिए बने "मुसीबत" सड़कों पर जगह-जगह पड़ी बजरी तथा गड्ढे निरंतर दुर्घटनाओं में कर रहे वृद्धि  देहरादून -  उत्तराखंड राज्य के देहरादून शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का सपना कोसों दूर दिखाई दे रहा है, क्योंकि  स्मार्ट सिटी के निर्माण कार्य की सुस्ती जनता पर जहां बुरी तरह से भारी भरकम पड़ती हुई दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ सड़क दुर्घटनाओं में भी बेतहाशा वृद्धि होने लगी है I उत्तराखंड राज्य की राजधानी देहरादून को पर्यटन की दृष्टि से अव्वल स्थान पर लाने हेतु प्रदेश सरकार भरसक प्रयासों में लगी हुई है I परंतु दुखद विषय यह है कि नगर निगम की सुस्ती स्मार्ट सिटी के तहत किए जा रहे हैं निर्माण कार्य में अवरोधक बनी हुई है I आए दिन जगह जगह खुदी  पड़ी हुई सड़कों एवं निर्माण कार्य के लिए सड़कों पर जगह-जगह पड़ी निर्माण साम...
शराब पर ओवर रेटिंग का खेल!

शराब पर ओवर रेटिंग का खेल!

उत्तराखण्ड
शराब पर ओवर रेटिंग का खेल! दून में शराब माफियाओं के आगे महकमा क्यों है आखिर मौन? बोतल पर पुराने रेट... और वसूले जा रहे नए वृद्धि दर वाले रेट देहरादून - उत्तराखंड राज्य में जहां शराब के शौकीन कम नहीं है, वही ये शराब के शौकीन लोग पुराने दामों वाली शराब को नए वित्तीय वर्ष की वृद्धि दर वाली शराब की खरीदारी करने में ही मदमस्त है I माफियाओं की तो चांदी हो रही है और महकमा है कि वह मौन धारण किए हुए बैठा शराब माफियाओं की इस वसूली की ओर से अपनी आंखें मूंदे हुए बैठा है I राज्य की राजधानी देहरादून में शराब की दुकानों पर शराब माफियाओं का मनमर्जी का राज बेलगाम रूप में देखा जा रहा है I दून में अंग्रेजी शराब की लाइसेंसी दुकानों के लिए नए वित्तीय वर्ष के लिए शराब के दामों की नई सूची जारी हो चुकी है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पुराने रेट वाली शराब के कोटे को दुकानों में अब भी रखकर उनके दामों से अ...
पीएम मोदी ने गांधीनगर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट का किया उद्घाटन

पीएम मोदी ने गांधीनगर में ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट का किया उद्घाटन

देश-विदेश
पीएम नरेन्द्र मोदी के तीन दिवसीय गुजरात दौरे का आज अंतिम दिन है। पीएम मोदी ने गांधीनगर स्थित महात्मा मंदिर में आयोजित ग्लोबल आयुष इन्वेस्टमेंट एंड इनोवेशन समिट का उद्घाटन किया। इस मौके पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस घेब्रेयसस और मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ भी मौजूद रहे। - भारत एक स्पेशल आयुष मार्क भी बनाने जा रहा है। भारत में बने उच्चतम गुणवत्ता के आयुष प्रॉडक्ट्स पर ये मार्क लगाया जाएगा। ये आयुष मार्क आधुनिक टेक्नोलॉजी के प्रावधानों से युक्त होगा। इससे विश्व भर के लोगों को क्वालिटी आयुष प्रॉडक्ट्स का भरोसा मिलेगा। -FSSAI ने भी पिछले ही हफ्ते अपने regulations में ‘आयुष आहार’ नाम की एक नयी category घोषित की है। इससे हर्बल nutritional supplements के उत्पादकों को बहुत सुविधा मिलेगी। - बहुत जरूरी है कि मेडिसिनल प्लांट्स की पैदावार से जुड़े किसानों को आसानी से म...