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Day: August 12, 2021

हरीश कंडवाल मनखी की कलम से… कमबख्त कम्बल ने रात भर सोने नही दिया..

हरीश कंडवाल मनखी की कलम से… कमबख्त कम्बल ने रात भर सोने नही दिया..

राष्ट्रीय
हरीश कंडवाल मनखी की कलम से कमबख्त कम्बल कमबख्त कम्बल ने रात भर सोने नही दिया, मैंने पूछा कि भाई परेशान क्यो हो, मुझे भी सोने दो। कम्बल ने कहा कि बस गर्मी क्या आ गयी तुम मुझे भूल ही गए हो। मैंने कहा नही दोस्त तुमको कैसे भूल सकता हूँ, तुम जानते हो कि आजकल गर्मी है और बरसात भी, इसलिये तुमको सुरक्षित रखा है, बरसात में तुम पर सिलकाण आ सकती है, तुमको बरसात में धूप भी नही दिखा सकता हूँ, इसलिये तुम अभी बक्से में आराम करो। सर्दियों में तुम ही तो हमसफ़र से भी ज्यादा खास हो जाते हो। अभी सोने दो, कल बात करते हैं। कम्बल उदास हो गया, मुझसे उसकी उदासी नही देखी गयी तब मैंने उसे निकालकर तकिया हटाकर सिर के नीचे सिरवाने में रख दिया। कम्बल सिसक रहा था, मैंने कहा भाई अब सिसक क्यो रहे हो। कम्बल ने कहा भाई देखो कोई मेरी दिल की सुनता नहीं है, मेरी पीड़ा के बारे में कभी किसी ने जाना ही नहीं। मैंने ग...
कवि जसवीर सिंह हलधर की एक रचना… वीर शिवाजी का भाला नीरज के हाथों आया है…

कवि जसवीर सिंह हलधर की एक रचना… वीर शिवाजी का भाला नीरज के हाथों आया है…

राष्ट्रीय
जसवीर सिंह 'हलधर'  कविता -उभरता भारत ----------------------------- वीर शिवाजी का भाला नीरज के हाथों आया है। स्वर्ण पदक इस खेल समर में शेर जीतकर लाया है।। पचपन साल राज करके खेलों का सत्यानाश किया। अंग्रेजी शासन से ज्यादा खेलों का उपहास किया। मिल्खा सिंह औ ध्यान चंद को आज चैन मिल पाया है।। स्वर्ण पदक इस खेल समर में शेर जीतकर लाया है।।1 बच्चा बच्चा झूम रहा है जन जन में उल्लास भरा। लवलीना ,चानू ,संधू के करतब से इतिहास डरा। दहिया और पूनिया ने भारत का मान बढ़ाया है।। स्वर्ण पदक इस खेल समर में शेर जीतकर लाया है।।2 हॉकी ने इस खेल समर में फिर से धमक दिखाई है। बेटी बाल बाल चूकी हैं पूरी जान लगाई है। खेलों की इस राजनीति से अब भारत उकताया है।। स्वर्ण पदक इस खेल समर में शेर जीतकर लाया है।।3 पिछले सत्तर सालों में सबसे अच्छा प्रदर्शन है। विश्व गुरु भारत में अब प्रारम...
कवि पागल फकीरा की एक रचना… एक यार का अरमां है, हूरों में रवानी है…

कवि पागल फकीरा की एक रचना… एक यार का अरमां है, हूरों में रवानी है…

राष्ट्रीय
पागल फकीरा -------------------------------- एक यार का अरमां है, हूरों में रवानी है, बन्दगी छोड़ कुछ ही नहीं, ये तो मेरी ज़िन्दगानी है। कभी हँसकर रोना है, कभी रोकर हँसना है, ज़िन्दगी का मतलब तो, जीना और मरना है, एक दिन तो ज़िन्दगी में, ख़ुशियाँ मनानी है, बन्दगी छोड़ कुछ ही नहीं............ तू कली है गुलशन की, मैं भँवरा मस्ताना हूँ, तू मेरी दीवानी है, मैं तेरा दीवाना हूँ, हम पागल आशिक़ है, तू फूलों की रानी है, बन्दगी छोड़ कुछ ही नहीं............ आँखों को रोना है, रो कर सूख जाना है, आक्रंद है ये कुछ क्षण का, रो कर चुप होना है, तन्हाईयाँ कह जाती, कह जाती कहानी है, बन्दगी छोड़ कुछ ही नहीं............ जो छीन गया है वो, अब प्यार न आयेगा, इस दिल में सिवा तेरे, कोई यार न आयेगा, दिल तोड़ दिया तुमने, बरबाद जवानी है, बन्दगी छोड़ कुछ ही नहीं............ तुम साज़ न दो मेरा, कहन...
केदारनाथ (उत्तराखंड) देवभूमि हिमालय से पं. पंकज शास्त्री जी के साथ जानिए आज का राशिफल ‘शब्द रथ’ पर

केदारनाथ (उत्तराखंड) देवभूमि हिमालय से पं. पंकज शास्त्री जी के साथ जानिए आज का राशिफल ‘शब्द रथ’ पर

आध्यात्मिक
मङ्गलमयी शुभप्रभातम्... आज का राशिफल (12-08-2021) आज व्यापारिक सौदें हाथ आने से आपका उत्साह बढ़ेगा। आपकी चुप्पी को गलत समझा जाएगा और उस पर सवाल खड़े किये जायेंगे। कुछ लोग आपके खिलाफ साजिश भी कर सकते हैं। जोखिम और जवाबदारी के कामों में सावधानी रखें। दूसरों को आपके सहयोग कि जरूरत है, सहयोग जरूर करें। किसी परीक्षा प्रतियोगिता के लिए तैयार रहें। आज किसी अजनबी पर भरोसा ना करें। पिता की ओर से आर्थिक सहायता मिल सकती है। भाग्यशाली दिशा : दक्षिण पश्चिम, भाग्यशाली संख्या : 5, भाग्यशाली रंग : ग्रे रंग आज व्यावसायिक रूप से अच्छा समय है। आर्थिक लाभ भी शुभ रहेगा। आपके कार्य पूर्ण तो होंगे किन्तु उनमे कुछ देरी हो सकती है। दैनिक क्रियाकलापों में आप अपने परिवार के सदस्यों की भागीदारी और प्रदर्शन से प्रसन्न होंगे। नए नौकरी चाहने वाले विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में, अच्छे पद को प्राप्त करें...